{"_id":"5eaf01d38ebc3e9021208715","slug":"crime-auraiya-news-knp5583220114","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्पॉट क्षेत्र हालेपुर गांव में मजदूर ने पेड़ में फंदा लगाकर दी जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्पॉट क्षेत्र हालेपुर गांव में मजदूर ने पेड़ में फंदा लगाकर दी जान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अटसू/अजीतमल (औरैया)। हॉटस्पॉट घोषित हालेपुर गांव में कोरोना संक्रमित मरीज के पड़ोस में रहने वाले मजदूर ने पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि वह कोरोना को लेकर डिप्रेशन में था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
हालेपुर गांव निवासी लज्जाराम कठेरिया (55) पुत्र किशोरी लाल मजदूरी करता था। घर के पास रहने वाले परिवार के एक व्यक्ति के कोरोना संक्रमित हो जाने से वह डिप्रेशन में रहने लगा था। रविवार को सुबह गांव के लोगों ने सोबरन सिंह के खेत पर पेड़ पर लज्जाराम कठेरिया को फंदे पर लटके देखा। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव को नीचे उतारा।
मृतक के पुत्र ध्रुव सिंह कठेरिया ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाली प्रभारी सुधीर सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमित मिले परिवार का वह पड़ोसी था। उसका नाम भी क्वारंटीन की सूची में था। इसी के चलते वह डिप्रेशन में रहता था। शुक्रवार को उसका पुत्र क्वारंटीन होकर घर वापस आया था तो उसके पुत्र से अधिकारियों ने पिता को क्वारंटीन किए जाने के लिए कहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
हालेपुर गांव निवासी लज्जाराम कठेरिया (55) पुत्र किशोरी लाल मजदूरी करता था। घर के पास रहने वाले परिवार के एक व्यक्ति के कोरोना संक्रमित हो जाने से वह डिप्रेशन में रहने लगा था। रविवार को सुबह गांव के लोगों ने सोबरन सिंह के खेत पर पेड़ पर लज्जाराम कठेरिया को फंदे पर लटके देखा। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव को नीचे उतारा।
विज्ञापन
मृतक के पुत्र ध्रुव सिंह कठेरिया ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाली प्रभारी सुधीर सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमित मिले परिवार का वह पड़ोसी था। उसका नाम भी क्वारंटीन की सूची में था। इसी के चलते वह डिप्रेशन में रहता था। शुक्रवार को उसका पुत्र क्वारंटीन होकर घर वापस आया था तो उसके पुत्र से अधिकारियों ने पिता को क्वारंटीन किए जाने के लिए कहा था।
विज्ञापन