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झोपड़ी में लगी आग से पीडब्ल्यूडी के बेलदार की जिंदा जलकर मौत
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अयाना (औरैया)। जसवंतपुर गांव में मंगलवार की रात मकान के बाहर बनी झोपड़ी में आग लगने से वहां सो रहे पीडब्ल्यूडी के बेलदार की जलकर मौत हो गई। उसे बचाने में बेलदार की पुत्री व दो पुत्र भी झुलस गए। तीनों को अयाना सीएचसी में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा चार बकरी, एक भैंस का बच्चा व पांच कुत्ते के बच्चे भी जलकर मर गए। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड ने पहुंचकर आग बुझाई। परिवार के लोग आग लगने की वजह नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि आग शार्ट सर्किट या दीपक के बाइक पर गिरने से आग लगी है। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस ने बेलदार के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जसवंतपुर गांव निवासी नेकराम (54) पुत्र खुशीलाल पीडब्ल्यूडी में बेलदार पद पर तैनात था। मंगलवार की रात तकरीबन नौ बजे वह मकान के बाहर बनी झोपड़ी में जाकर सो गया। रात में अचानक झोपड़ी में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
आग की लपटों ने पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। वहां सो रहे नेकराम की झुलसकर मौत हो गई। चीख पुकार सुनकर मकान के अंदर सो रहे नेकराम के पुत्र अनिल, राहुल व पुत्री आसना पिता को बचाने पहुंचे। वह तीनों भी गंभीर रूप से झुलस गए। इस बीच ग्रामीणों ने एकत्र होकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बाद में फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और झोपड़ी में रखे भूसे में लगी आग को बुझाया।
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सूचना मिलते ही रात में एसडीएम अजीतमल राशिद अली खान, सीओ अजीतमल कमलेश नारायण पांडेय, सीओ सिटी सुरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर अजीतमल दिनेश बिंद, एसओ अयाना गया प्रसाद वर्मा व एसआई मोहम्मद रफी मौके पर पहुंचे। एसओ अयाना गया प्रसाद वर्मा ने बताया कि आग शार्ट सर्किट या पास में रखा दीपक बाइक पर गिरने से लगी है, क्योंकि बाइक जली हुई मिली है।
जांच में आग लगने की सही वजह पता नहीं चल सकी है। बुधवार को सुबह फोरेंसिक टीम ने पहुंच कर जांच की है। राजस्व विभाग की ओर से लेखपाल विमलेश सिंह ने पहुंचकर अग्निकांड से नुकसान का आंकलन किया है। पीडब्ल्यूडी विभाग से प्रदीप चतुर्वेदी बुधवार को सुबह मृतक के घर पहुंचे थे। मृतक के चाचा मदन मोहन पुत्र गंगादीन ने अयाना थाने में झोपड़ी में लगी आग से नेकराम के जलकर मौत होने की तहरीर दी है।
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जसवंतपुर गांव निवासी नेकराम (54) पुत्र खुशीलाल पीडब्ल्यूडी में बेलदार पद पर तैनात था। मंगलवार की रात तकरीबन नौ बजे वह मकान के बाहर बनी झोपड़ी में जाकर सो गया। रात में अचानक झोपड़ी में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
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आग की लपटों ने पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। वहां सो रहे नेकराम की झुलसकर मौत हो गई। चीख पुकार सुनकर मकान के अंदर सो रहे नेकराम के पुत्र अनिल, राहुल व पुत्री आसना पिता को बचाने पहुंचे। वह तीनों भी गंभीर रूप से झुलस गए। इस बीच ग्रामीणों ने एकत्र होकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बाद में फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और झोपड़ी में रखे भूसे में लगी आग को बुझाया।
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सूचना मिलते ही रात में एसडीएम अजीतमल राशिद अली खान, सीओ अजीतमल कमलेश नारायण पांडेय, सीओ सिटी सुरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर अजीतमल दिनेश बिंद, एसओ अयाना गया प्रसाद वर्मा व एसआई मोहम्मद रफी मौके पर पहुंचे। एसओ अयाना गया प्रसाद वर्मा ने बताया कि आग शार्ट सर्किट या पास में रखा दीपक बाइक पर गिरने से लगी है, क्योंकि बाइक जली हुई मिली है।
जांच में आग लगने की सही वजह पता नहीं चल सकी है। बुधवार को सुबह फोरेंसिक टीम ने पहुंच कर जांच की है। राजस्व विभाग की ओर से लेखपाल विमलेश सिंह ने पहुंचकर अग्निकांड से नुकसान का आंकलन किया है। पीडब्ल्यूडी विभाग से प्रदीप चतुर्वेदी बुधवार को सुबह मृतक के घर पहुंचे थे। मृतक के चाचा मदन मोहन पुत्र गंगादीन ने अयाना थाने में झोपड़ी में लगी आग से नेकराम के जलकर मौत होने की तहरीर दी है।