{"_id":"5dd43a568ebc3e54e406b471","slug":"crime-auraiya-news-knp5268944150","type":"story","status":"publish","title_hn":"21 किसानों पर रिपोर्ट दर्ज, 52500 रुपये का लगाना जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
21 किसानों पर रिपोर्ट दर्ज, 52500 रुपये का लगाना जुर्माना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। शासन और प्रशासन के कड़े तेवरों के बाद भी पराली जलने पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। मंगलवार को जिले के 21 किसानों पर पराली जलाने को लेकर मामला दर्ज किया गया। जबकि, 52,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जिला स्तरीय अधिकारियों से लेकर थाना क्षेत्रों व संबंधित लेखपाल, प्रधान और पंचायत सचिव को पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए अलर्ट पर रखा गया है, लेकिन इसके बाद भी पराली जलने के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, धान की कटाई का काम जोरों पर चल रहा है। पराली निस्तारण के लिए समुचित इंतजाम न होने से किसान पराली जलाने को विवश हो रहे हैं। मंगलवार को पराली जलाने के मामले में 21 किसानों पर रिपोर्ट दर्ज की गई और इन किसानों पर कुल 52,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जिले में अभी तक 177 किसानों के खिलाफ पराली जलाने का मामला दर्ज हो चुका है। जबकि, इन पर चार लाख 42 हजार पांच रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से किसानों में हड़कंप है। उप कृषि निदेशक विजय कुमार ने बताया कि गोष्ठी, पाठशाला आदि के माध्यम लगातार किसानों को जागरुक किया जा रहा है। किसान उनका उचित निस्तारण कर उर्वरक व अन्य संसाधनों में पराली का उपयोग किया जा सकता है। पराली जलाने से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, धान की कटाई का काम जोरों पर चल रहा है। पराली निस्तारण के लिए समुचित इंतजाम न होने से किसान पराली जलाने को विवश हो रहे हैं। मंगलवार को पराली जलाने के मामले में 21 किसानों पर रिपोर्ट दर्ज की गई और इन किसानों पर कुल 52,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जिले में अभी तक 177 किसानों के खिलाफ पराली जलाने का मामला दर्ज हो चुका है। जबकि, इन पर चार लाख 42 हजार पांच रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से किसानों में हड़कंप है। उप कृषि निदेशक विजय कुमार ने बताया कि गोष्ठी, पाठशाला आदि के माध्यम लगातार किसानों को जागरुक किया जा रहा है। किसान उनका उचित निस्तारण कर उर्वरक व अन्य संसाधनों में पराली का उपयोग किया जा सकता है। पराली जलाने से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन