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जिला अस्पताल के संविदा सर्जन के आपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ी, मौत
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औरैया। शहर के मोहल्ला सत्तेश्वर में पेट्रोल पंप के पास स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में सोमवार की शाम दिबियापुर क्षेत्र के ग्राम गपकापुर निवासी सोमपाल (36) पुत्र जिलेदार की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर हंगामा काटा। परिजनों ने पचास शैय्या जिला अस्पताल के एक सर्जन द्वारा पित्त की थैली में पथरी होने की बात कहकर आपरेशन किए जाने की बात कही है। एडीएम भी सीएमओ के साथ मौके पर पहुंची और प्राइवेट अस्पताल में सर्जरी की अनुमति न होने के बाद भी सर्जरी किए जाने पर अस्पताल को सीज करने के आदेश दिए।
मृतक सोमपाल की मां सुशीला देवी ने बताया कि उनके पुत्र को चार-पांच दिन से बुखार आ रहा था। रविवार को वह ऊं रक्षा ऊं अस्पताल में दिखाने आईं थीं। यहां डॉक्टर ने उनकेे पुत्र के पेट की पित्त की थैली में पथरी बताते हुए तत्काल आपरेशन करने की सलाह दी।
डॉक्टर ने पचास शैय्या युक्त जिला अस्पताल के एक सर्जन को बुलाकर दिखाया। सर्जन ने भी जल्द आपरेशन कराने की सलाह दी। इस पर उनके पुत्र को बेहोशी का इंजेक्शन देने के लिए अस्पताल के ही एक डॉक्टर को बुलाया गया। उक्त डॉक्टरों ने रविवार की शाम प्राइवेट अस्पताल में उनके पुत्र के पेट की पित्त की थैली से पथरी निकालने का आपरेशन किया।
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दूसरे दिन सुबह से ही उनके पुत्र का पेट फूलना शुरू हो गया। डॉक्टरों ने इस मामूली बात बताकर ध्यान नहीं दिया। शाम लगभग चार बजे अचानक से हालत ज्यादा बिगड़ गई। जब उन्होंने प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर को बताया तो उसने सर्जन को बुलाया। लेकिन तब तक सोमपाल ने दम तोड़ दिया। डॉक्टर उनके पुत्र को ठीक होने का दिलासा देते हुए रेफर करने लगे। लेकिन जब विश्वास हो गया कि सोमपाल की मौत हो चुकी है तो वह उनके पुत्र का शव स्ट्रेचर पर अस्पताल के बाहर छोड़कर भाग गए।
युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने पहुंचकर हंगामा काटा। सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ व कोतवाली इंस्पेक्टर आलोक कुमार दुबे पुलिस बल के साथ पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौजूद लोगों ने बताया कि मृतक युवक के एक पुत्र व एक पुत्री है। वह कपड़ों में प्रेस करके परिवार का भरण पोषण करता था।
एडीएम रेखा एस चौहान ने सीएमओ डॉ.एके राय को अस्पताल सीज करने के आदेश दिए। आदेश मिलने पर सीएमओ ने तत्काल प्रभाव से सीज कराने की कार्रवाई की। उधर मौके पर मौजूद सदर विधायक रमेश दिवाकर ने अनुमति न होने पर भी उक्त अस्पताल में पचास शैय्या युक्त जिला अस्पताल के एक सर्जन चिकित्सक द्वारा सर्जरी किए जाने के मामले की जांच कराए जाने के लिए सीमएओ को निर्देश दिए हैं।
सीएमएस डॉ. लाखन सिंह ने कहा कि उनके यहां अक्तूबर माह में सर्जन ने ज्वाइन किया है। यह प्रकरण अस्पताल के बाहर का है, चूंकि संविदा कर्मी आठ घंटे ड्यूटी करने के बाद फिर क्या करता है कहां करता है इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए वह इस संबंध में कुछ भी नहीं कह सकते।
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मृतक सोमपाल की मां सुशीला देवी ने बताया कि उनके पुत्र को चार-पांच दिन से बुखार आ रहा था। रविवार को वह ऊं रक्षा ऊं अस्पताल में दिखाने आईं थीं। यहां डॉक्टर ने उनकेे पुत्र के पेट की पित्त की थैली में पथरी बताते हुए तत्काल आपरेशन करने की सलाह दी।
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डॉक्टर ने पचास शैय्या युक्त जिला अस्पताल के एक सर्जन को बुलाकर दिखाया। सर्जन ने भी जल्द आपरेशन कराने की सलाह दी। इस पर उनके पुत्र को बेहोशी का इंजेक्शन देने के लिए अस्पताल के ही एक डॉक्टर को बुलाया गया। उक्त डॉक्टरों ने रविवार की शाम प्राइवेट अस्पताल में उनके पुत्र के पेट की पित्त की थैली से पथरी निकालने का आपरेशन किया।
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दूसरे दिन सुबह से ही उनके पुत्र का पेट फूलना शुरू हो गया। डॉक्टरों ने इस मामूली बात बताकर ध्यान नहीं दिया। शाम लगभग चार बजे अचानक से हालत ज्यादा बिगड़ गई। जब उन्होंने प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर को बताया तो उसने सर्जन को बुलाया। लेकिन तब तक सोमपाल ने दम तोड़ दिया। डॉक्टर उनके पुत्र को ठीक होने का दिलासा देते हुए रेफर करने लगे। लेकिन जब विश्वास हो गया कि सोमपाल की मौत हो चुकी है तो वह उनके पुत्र का शव स्ट्रेचर पर अस्पताल के बाहर छोड़कर भाग गए।
युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने पहुंचकर हंगामा काटा। सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ व कोतवाली इंस्पेक्टर आलोक कुमार दुबे पुलिस बल के साथ पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौजूद लोगों ने बताया कि मृतक युवक के एक पुत्र व एक पुत्री है। वह कपड़ों में प्रेस करके परिवार का भरण पोषण करता था।
एडीएम रेखा एस चौहान ने सीएमओ डॉ.एके राय को अस्पताल सीज करने के आदेश दिए। आदेश मिलने पर सीएमओ ने तत्काल प्रभाव से सीज कराने की कार्रवाई की। उधर मौके पर मौजूद सदर विधायक रमेश दिवाकर ने अनुमति न होने पर भी उक्त अस्पताल में पचास शैय्या युक्त जिला अस्पताल के एक सर्जन चिकित्सक द्वारा सर्जरी किए जाने के मामले की जांच कराए जाने के लिए सीमएओ को निर्देश दिए हैं।
सीएमएस डॉ. लाखन सिंह ने कहा कि उनके यहां अक्तूबर माह में सर्जन ने ज्वाइन किया है। यह प्रकरण अस्पताल के बाहर का है, चूंकि संविदा कर्मी आठ घंटे ड्यूटी करने के बाद फिर क्या करता है कहां करता है इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए वह इस संबंध में कुछ भी नहीं कह सकते।