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साढ़े तीन साल की सजा, तीन साल सात माह से जेल में
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औरैया। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश कल्पना ने नशीला पाउडर रखने के जुर्म में एक व्यक्ति को साढ़े तीन वर्ष के कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि वह तीन साल सात महीने से जेल में निरुद्ध है। ऐसे में बिना अर्थदंड के वह रिहा हो जाएगा।
उप जिला शासकीय अधिवक्ता सुधीर कुमार गौतम ने बताया कि 1 मई 2017 को दरोगा मनजीत दयाल ने मुरादगंज चौकी क्षेत्र से 70 ग्राम नशीला पाउडर के साथ दलेलनगर निवासी अब्दुल सादिक को गिरफ्तार किया था। एक मई 2017 से जेल में निरुद्ध अब्दुल सादिक ने अपना जुर्म कुबूल कर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करते हुए गरीबी का हवाला दिया।
करीब तीन वर्ष सात माह की जेल भुगत रहे आरोपी अब्दुल सादिक को तीन वर्ष छह माह के कठोर कारावास व पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड अदा न करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतान पड़ेगा। कोर्ट ने अभियुक्त द्वारा पूर्व में जेल बिताई गई अवधि इस सजा में समायोजित करने का आदेश दिया। इस तरह अभियुक्त बिना किसी सजा व अर्थदंड के रिहा हो जाएगा। क्योंकि वह तीन वर्ष सात माह की सजा पहले की भुगत चुका है।
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उप जिला शासकीय अधिवक्ता सुधीर कुमार गौतम ने बताया कि 1 मई 2017 को दरोगा मनजीत दयाल ने मुरादगंज चौकी क्षेत्र से 70 ग्राम नशीला पाउडर के साथ दलेलनगर निवासी अब्दुल सादिक को गिरफ्तार किया था। एक मई 2017 से जेल में निरुद्ध अब्दुल सादिक ने अपना जुर्म कुबूल कर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करते हुए गरीबी का हवाला दिया।
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करीब तीन वर्ष सात माह की जेल भुगत रहे आरोपी अब्दुल सादिक को तीन वर्ष छह माह के कठोर कारावास व पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड अदा न करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतान पड़ेगा। कोर्ट ने अभियुक्त द्वारा पूर्व में जेल बिताई गई अवधि इस सजा में समायोजित करने का आदेश दिया। इस तरह अभियुक्त बिना किसी सजा व अर्थदंड के रिहा हो जाएगा। क्योंकि वह तीन वर्ष सात माह की सजा पहले की भुगत चुका है।
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