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जिरुहलिया हत्याकांड पर कोर्ट 31 अगस्त को निर्णय सुनाएगी
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औरैया। कोतवाली क्षेत्र के बहुचर्चित जिरुहलिया हत्याकांड पर 31अगस्त को कोर्ट फैसला सुनाएगी। साढ़े चार वर्ष पूर्व ग्राम प्रधानी को लेकर पंचायत सचिव, प्रधान पति राजवीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर देने के इस मुकदमे में पक्षकार सुप्रीम कोर्ट तक से कई आदेश लाए और अब जाकर अब जाकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेश चंद्र वर्मा की कोर्ट में 19 अगस्त को सुनवाई पूरी हुई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीबी तिवारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जिरुहूलिया में 15 फरवरी 2016 को प्रधान पति राजवीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह मुकदमा इसलिए अहम हो गया कि दोनों पक्षकारों ने मामले की पैरवी में हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक दौड़ लगाई। व कई आदेश प्राप्त किए। हाईकोर्ट ने इस मुकदमें की सुनवाई दिन प्रतिदिन करने के निर्देश अधीनस्थ कोर्ट को दिए। यह मुकदमा इस समय और चर्चा में आया, जब दिबियापुर से औरैया कचहरी आ रहे न्यायाधीश की कार का शीशा टूटने पर सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने हमले के पीछे जिरुहलिया हत्याकांड के मुकदमें से संबंध में लिखित शंका व्यक्त की थी।
जिस पर यह मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कक्षा संख्या 3) महेश वर्मा की कोर्ट को ट्रांसफर कर दिया गया। 19 अगस्त को बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता ह्रदय नारायन पांडेय, देवेंद्र त्रिपाठी व डीडी मिश्रा ने बहस पूरी की। इस पर एडीजे महेश चंद्र वर्मा ने निर्णय की तिथि 31 अगस्त निश्चित कर पुलिस अधीक्षक को सभी अभियुक्तों को उपस्थित कराने व पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए लिखा है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीबी तिवारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जिरुहूलिया में 15 फरवरी 2016 को प्रधान पति राजवीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह मुकदमा इसलिए अहम हो गया कि दोनों पक्षकारों ने मामले की पैरवी में हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक दौड़ लगाई। व कई आदेश प्राप्त किए। हाईकोर्ट ने इस मुकदमें की सुनवाई दिन प्रतिदिन करने के निर्देश अधीनस्थ कोर्ट को दिए। यह मुकदमा इस समय और चर्चा में आया, जब दिबियापुर से औरैया कचहरी आ रहे न्यायाधीश की कार का शीशा टूटने पर सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने हमले के पीछे जिरुहलिया हत्याकांड के मुकदमें से संबंध में लिखित शंका व्यक्त की थी।
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जिस पर यह मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कक्षा संख्या 3) महेश वर्मा की कोर्ट को ट्रांसफर कर दिया गया। 19 अगस्त को बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता ह्रदय नारायन पांडेय, देवेंद्र त्रिपाठी व डीडी मिश्रा ने बहस पूरी की। इस पर एडीजे महेश चंद्र वर्मा ने निर्णय की तिथि 31 अगस्त निश्चित कर पुलिस अधीक्षक को सभी अभियुक्तों को उपस्थित कराने व पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए लिखा है।
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