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वाहनों खरीद पर नहीं पड़ा कोरोना का असर
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औरैया। वर्ष 2020 में मार्च महीने से ही कोरोना ने जोर पकड़ा था। पहली के बाद दूसरी और फिर तीसरी लहर ने लोगों को प्रभावित किया। दो साल से लोग इस राष्ट्रीय आपदा का सामना करते आ रहे हैं। कोरोना ने सैकड़ों जिंदगियां निकलीं और कई व्यापार भी ठप कर दिए।
हर कोई परेशान नजर आया, मगर कोरोना संक्रमण के इन दो सालों में वाहन खरीद और बिक्री पर कोई खास असर नहीं पड़ा। परिवहन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में वर्ष 2021-22 में वाहनों की खरीद बढ़ी है। फरवरी 2020 से फरवरी 2021 तक 1128 कारें और 11878 स्कूटर-बाइकें खरीदी गईं।
फरवरी 2021 से फरवरी 2022 में 1348 कारें और 12441 स्कूटर-बाइकों का पंजीकरण एआरटीओ कार्यालय में हुआ। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि कोरोना काल की मंदी का वाहन उद्योग पर कोई असर नहीं पड़ा। इस दौरान व्यावसायिक वाहनों का संचालन बंद रहने के बाद भी लोगों ने काफी संख्या में व्यवसायिक वाहनों खरीदे।
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कारों पर चल रही वेटिंग
एआरटीओ अशोक कुमार का कहना है कि औरैया में कई मॉडल की कारें नहीं मिल रही हैं। एक्सएल-7, इनोवा, क्रेटा जैसी गाड़ियों पर छह से सात माह की वेटिंग है। उम्मीद थी कि संक्रमण कम होने पर गाड़ियों की बिक्री में इजाफा होगा, लेकिन यह लगभग पिछले साल जैसा ही रहा। राजस्व की दृष्टि से कोरोना काल में विभाग को नुकसान हुआ है। क्योंकि पंजीकरण से ही राजस्व प्राप्त हुआ है।
कृषि वाहनों की बिक्री में कमी नहीं
संक्रमण काल के दौरान ट्रांसपोर्ट कंपनियों में माल की आवक कम हुई है। गाड़ियों के खड़े रहने से किस्त भरने की परेशानी आई, लेकिन इसके बाद भी वर्ष 2020-21 के दौरान थ्री व्हीलर, गुड्स कैरियर की खरीद में कमी नहीं आई। कृषि उपकरण और कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टरों की खरीद भी की गई। स्कूल, कॉलेजों के बंद रहने के बाद भी इंस्टीट्यूशनल वाहन खरीदे गए।
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हर कोई परेशान नजर आया, मगर कोरोना संक्रमण के इन दो सालों में वाहन खरीद और बिक्री पर कोई खास असर नहीं पड़ा। परिवहन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में वर्ष 2021-22 में वाहनों की खरीद बढ़ी है। फरवरी 2020 से फरवरी 2021 तक 1128 कारें और 11878 स्कूटर-बाइकें खरीदी गईं।
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फरवरी 2021 से फरवरी 2022 में 1348 कारें और 12441 स्कूटर-बाइकों का पंजीकरण एआरटीओ कार्यालय में हुआ। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि कोरोना काल की मंदी का वाहन उद्योग पर कोई असर नहीं पड़ा। इस दौरान व्यावसायिक वाहनों का संचालन बंद रहने के बाद भी लोगों ने काफी संख्या में व्यवसायिक वाहनों खरीदे।
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कारों पर चल रही वेटिंग
एआरटीओ अशोक कुमार का कहना है कि औरैया में कई मॉडल की कारें नहीं मिल रही हैं। एक्सएल-7, इनोवा, क्रेटा जैसी गाड़ियों पर छह से सात माह की वेटिंग है। उम्मीद थी कि संक्रमण कम होने पर गाड़ियों की बिक्री में इजाफा होगा, लेकिन यह लगभग पिछले साल जैसा ही रहा। राजस्व की दृष्टि से कोरोना काल में विभाग को नुकसान हुआ है। क्योंकि पंजीकरण से ही राजस्व प्राप्त हुआ है।
कृषि वाहनों की बिक्री में कमी नहीं
संक्रमण काल के दौरान ट्रांसपोर्ट कंपनियों में माल की आवक कम हुई है। गाड़ियों के खड़े रहने से किस्त भरने की परेशानी आई, लेकिन इसके बाद भी वर्ष 2020-21 के दौरान थ्री व्हीलर, गुड्स कैरियर की खरीद में कमी नहीं आई। कृषि उपकरण और कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टरों की खरीद भी की गई। स्कूल, कॉलेजों के बंद रहने के बाद भी इंस्टीट्यूशनल वाहन खरीदे गए।