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Auraiya News: चकबंदी लेखपाल रिश्वतखोरी और लापरवाही में निलंबित
Tue, 21 Jul 2026 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 21 Jul 2026 12:09 AM IST
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औरैया। संपूर्ण समाधान दिवस में मिली शिकायत का संज्ञान लेते हुए दोवामाफी के चकबंदी लेखपाल पवन यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
लेखपाल पर रिश्वत लेने, अभिलेखों का रखरखाव न करने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने का गंभीर आरोप है। समाधान दिवस के दौरान ग्राम दोवामाफी निवासी पुष्पा देवी सविता पत्नी अशोक सविता ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने मौजा दोवामाफी में एक आवासीय प्लॉट खरीदा था।
इसके दाखिल-खारिज के नाम पर चकबंदी लेखपाल पवन यादव ने छह हजार रुपये की घूस ले ली थी लेकिन इसके बावजूद दाखिल-खारिज नहीं किया गया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर लेखपाल द्वारा उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही थी।
शिकायत को बेहद गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को तत्काल जांच कर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जांच रिपोर्ट में लेखपाल को दोषी पाया गया, जिसके बाद बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी कौशलानंद ने आरोपी लेखपाल को निलंबित कर दिया है। साथ ही, अन्य लेखपाल के माध्यम से पीड़िता का दाखिल-खारिज जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई से विभागीय महकमे में हड़कंप मच गया है।(संवाद)
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लेखपाल पर रिश्वत लेने, अभिलेखों का रखरखाव न करने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने का गंभीर आरोप है। समाधान दिवस के दौरान ग्राम दोवामाफी निवासी पुष्पा देवी सविता पत्नी अशोक सविता ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने मौजा दोवामाफी में एक आवासीय प्लॉट खरीदा था।
इसके दाखिल-खारिज के नाम पर चकबंदी लेखपाल पवन यादव ने छह हजार रुपये की घूस ले ली थी लेकिन इसके बावजूद दाखिल-खारिज नहीं किया गया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर लेखपाल द्वारा उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही थी।
शिकायत को बेहद गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को तत्काल जांच कर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जांच रिपोर्ट में लेखपाल को दोषी पाया गया, जिसके बाद बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी कौशलानंद ने आरोपी लेखपाल को निलंबित कर दिया है। साथ ही, अन्य लेखपाल के माध्यम से पीड़िता का दाखिल-खारिज जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई से विभागीय महकमे में हड़कंप मच गया है।(संवाद)
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