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Auraiya News: अजीतमल व बिधूना में बेसमेंट में चल रहीं कोचिंग
Sat, 27 Jun 2026 11:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 27 Jun 2026 11:44 PM IST
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फोटो-16- पहली मंजिल पर संचालित कोचिंग के लिए बना लोहे का संकरा जीना। संवाद
- फोटो : सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराते तहसीलदार जसराना रवीश कुमार। फोटो स्वयं
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औरैया/बिधूना। लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड के बाद प्रशासन ने सदर तहसील में कार्रवाई करते हुए कोचिंग व लाइब्रेरी सील कर दी।
बेसमेंट चल रही कपड़े के दुकान मालिक को नोटिस थमाया लेकिन अफसरों की नजरें अजीतमल व बिधूना तहसील क्षेत्र में बेसमेंट में संचालित कोचिंग व प्रतिष्ठानों पर नहीं जा रही हैं। यहां भी कई जगहों पर बड़ा हादसे का खतरा मंडरा रहा है।
हालांकि जिले में प्रशासनिक छापा मार कार्रवाई की भनक लगते ही बिधूना की कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों के हाथ-पांव फूल गए हैं, जिन संस्थानों में कुछ दिन पहले तक सैकड़ों छात्रों की भीड़ उमड़ती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। कार्रवाई से बचने के लिए कई संचालकों ने रातों-रात अपने होर्डिंग्स, पोस्टर और बैनर तक उतरवा दिए हैं तो कई सेंटरों पर ताले लटक गए हैं।
चर्चा है कि रसूखदार संचालक फिलहाल प्रतिष्ठान बंद कर अंडरग्राउंड हो गए हैं। शिक्षा विभाग में कुल 33 कोचिंगों का पंजीकरण है। बिधूना में दो कोचिंग बासो क्लासेस व अरिहंत कोचिंग का पंजीकरण था, उनके पंजीकरण की मियाद भी साल 2025 में ही समाप्त हो चुकी है।
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उधर, एक अन्य की वैधता मार्च 2026 में खत्म होने की बात सामने आई है। खास बात यह है कि इनका पंजीकरण तो था लेकिन आग से बचाव के नाम पर महज सिलिंडर दीवार पर लटके हैं। ऐसे में वहां छात्रों के भविष्य और जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
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बेसमेंट और संकरी गलियों में फंसी छात्रों की जान
कस्बे में कई लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर संकरी गलियों और बिना वेंटिलेशन वाले बेसमेंट में चल रहे हैं, जहां न तो आपातकालीन निकास है और न ही अग्निशमन के पुख्ता इंतजाम। अवैध और असुरक्षित भवनों की जांच नहीं हुई, तो यहां भी किसी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता। यहीं आज अजीतमल तहसील क्षेत्र का है, जहां बिना मानकों के कोचिंग व लाइब्रेरी संचालित हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा रहा है।
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12 कोचिंग व लाइब्रेरी सील, एक दुकानदार को नोटिस
औरैया। लखनऊ हादसे के बाद प्रशासन की टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान शहर में नौ और दिबियापुर में तीन कोचिंग व लाइब्रेरी को सील कर दिया गया था। यहां टीम को आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं मिले थे। साथ ही आपात स्थिति में बाहर निकलने के भी इंतजाम नहीं मिले। इसके अलावा कानपुर रोड स्थित जागेश्वर दयाल एंड संस की दुकान बेसमेंट में चलती मिली। जांच में खामियां मिलने के बाद प्रशासन की ओर से दुकानदार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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प्रमुख कस्बों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही बिधूना क्षेत्र में भी अभियान चलाकर सभी कोचिंग व लाइब्रेरी के मानकों की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।-तेजवीर सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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बेसमेंट चल रही कपड़े के दुकान मालिक को नोटिस थमाया लेकिन अफसरों की नजरें अजीतमल व बिधूना तहसील क्षेत्र में बेसमेंट में संचालित कोचिंग व प्रतिष्ठानों पर नहीं जा रही हैं। यहां भी कई जगहों पर बड़ा हादसे का खतरा मंडरा रहा है।
हालांकि जिले में प्रशासनिक छापा मार कार्रवाई की भनक लगते ही बिधूना की कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों के हाथ-पांव फूल गए हैं, जिन संस्थानों में कुछ दिन पहले तक सैकड़ों छात्रों की भीड़ उमड़ती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। कार्रवाई से बचने के लिए कई संचालकों ने रातों-रात अपने होर्डिंग्स, पोस्टर और बैनर तक उतरवा दिए हैं तो कई सेंटरों पर ताले लटक गए हैं।
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चर्चा है कि रसूखदार संचालक फिलहाल प्रतिष्ठान बंद कर अंडरग्राउंड हो गए हैं। शिक्षा विभाग में कुल 33 कोचिंगों का पंजीकरण है। बिधूना में दो कोचिंग बासो क्लासेस व अरिहंत कोचिंग का पंजीकरण था, उनके पंजीकरण की मियाद भी साल 2025 में ही समाप्त हो चुकी है।
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उधर, एक अन्य की वैधता मार्च 2026 में खत्म होने की बात सामने आई है। खास बात यह है कि इनका पंजीकरण तो था लेकिन आग से बचाव के नाम पर महज सिलिंडर दीवार पर लटके हैं। ऐसे में वहां छात्रों के भविष्य और जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
बेसमेंट और संकरी गलियों में फंसी छात्रों की जान
कस्बे में कई लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर संकरी गलियों और बिना वेंटिलेशन वाले बेसमेंट में चल रहे हैं, जहां न तो आपातकालीन निकास है और न ही अग्निशमन के पुख्ता इंतजाम। अवैध और असुरक्षित भवनों की जांच नहीं हुई, तो यहां भी किसी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता। यहीं आज अजीतमल तहसील क्षेत्र का है, जहां बिना मानकों के कोचिंग व लाइब्रेरी संचालित हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा रहा है।
12 कोचिंग व लाइब्रेरी सील, एक दुकानदार को नोटिस
औरैया। लखनऊ हादसे के बाद प्रशासन की टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान शहर में नौ और दिबियापुर में तीन कोचिंग व लाइब्रेरी को सील कर दिया गया था। यहां टीम को आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं मिले थे। साथ ही आपात स्थिति में बाहर निकलने के भी इंतजाम नहीं मिले। इसके अलावा कानपुर रोड स्थित जागेश्वर दयाल एंड संस की दुकान बेसमेंट में चलती मिली। जांच में खामियां मिलने के बाद प्रशासन की ओर से दुकानदार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
प्रमुख कस्बों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही बिधूना क्षेत्र में भी अभियान चलाकर सभी कोचिंग व लाइब्रेरी के मानकों की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।-तेजवीर सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी

फोटो-16- पहली मंजिल पर संचालित कोचिंग के लिए बना लोहे का संकरा जीना। संवाद- फोटो : सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराते तहसीलदार जसराना रवीश कुमार। फोटो स्वयं

फोटो-16- पहली मंजिल पर संचालित कोचिंग के लिए बना लोहे का संकरा जीना। संवाद- फोटो : सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराते तहसीलदार जसराना रवीश कुमार। फोटो स्वयं