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धान खरीद केंद्रों पर टोकन की मारामारी
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अजीतमल। धान केंद्रों पर अभी तक खरीद नहीं की जा रही है। टोकन पाने के लिए किसानों में मारामारी मची है। मंगलवार को बाबरपुर केंद्र पर टोकन न मिलने पर किसानों ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद उन्हें टोकन दिया गया। किसानों ने जल्द धान खरीद चालू किए जाने की मांग की है।
उपमंडी समिति बाबरपुर में खाद्य व रसद विभाग का केंद्र है। 15 दिन गुजर जाने के बाद भी अभी तक मात्र एक हजार क्विंटल धान ही खरीदा जा सका है। इधर, जिन किसानों को टोकन नहीं मिले थे, उन्हें मंगलवार को टोकन के लिए बुलाया गया था। इस पर काफी संख्या में किसान केंद्र पर पहुंचे। काफी देर इंतजार के बाद भी टोकन न मिलने पर किसानों के सब्र का बांध टूट गया।
केंद्र प्रभारी के सामने ही किसान हंगामा करने लगे। विभागीय अधिकारियों तक बात पहुंचने पर दोपहर बाद किसानों को टोकन दिए गए। केंद्र पर मौजूद किसान राम शंकर, जय प्रकाश, अनुपम त्रिपाठी, धर्मेंद्र कुमार, रामकुमार आदि ने बताया कि टोकन व्यवस्था से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। केंद्र प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि पहले से बने सरकारी टोकन पर खरीद की जा रही है। जिनके नए टोकन जारी किए गए हैं, अब उनसे खरीद की जाएगी। अब तक 19 किसानों से टोकन पर एक हजार क्विंटल धान खरीदा गया है।
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किसान संजीव कुमार ने बताया कि सरकार ने पहले रजिस्ट्रेशन के बाद खुद टोकन बनाने की व्यवस्था की थी। बाद में इसे बदल कर केंद्र प्रभारी को जिम्मेदारी दे दी। जिससे अब केंद्र प्रभारी की मनमानी चल रही है और किसान परेशान हैं।
किसान गोविंद तिवारी ने बताया कि करीब दस दिनों से टोकन के लिए भटक रहे हैं। खेत में धान कटी पड़ी है। जिसकी रखवाली करनी पड़ रही है। बीस दिन बाद का टोकन प्राप्त हुआ है। अब बीस दिन और फसल को रखाना पड़ेगा।
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उपमंडी समिति बाबरपुर में खाद्य व रसद विभाग का केंद्र है। 15 दिन गुजर जाने के बाद भी अभी तक मात्र एक हजार क्विंटल धान ही खरीदा जा सका है। इधर, जिन किसानों को टोकन नहीं मिले थे, उन्हें मंगलवार को टोकन के लिए बुलाया गया था। इस पर काफी संख्या में किसान केंद्र पर पहुंचे। काफी देर इंतजार के बाद भी टोकन न मिलने पर किसानों के सब्र का बांध टूट गया।
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केंद्र प्रभारी के सामने ही किसान हंगामा करने लगे। विभागीय अधिकारियों तक बात पहुंचने पर दोपहर बाद किसानों को टोकन दिए गए। केंद्र पर मौजूद किसान राम शंकर, जय प्रकाश, अनुपम त्रिपाठी, धर्मेंद्र कुमार, रामकुमार आदि ने बताया कि टोकन व्यवस्था से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। केंद्र प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि पहले से बने सरकारी टोकन पर खरीद की जा रही है। जिनके नए टोकन जारी किए गए हैं, अब उनसे खरीद की जाएगी। अब तक 19 किसानों से टोकन पर एक हजार क्विंटल धान खरीदा गया है।
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किसान संजीव कुमार ने बताया कि सरकार ने पहले रजिस्ट्रेशन के बाद खुद टोकन बनाने की व्यवस्था की थी। बाद में इसे बदल कर केंद्र प्रभारी को जिम्मेदारी दे दी। जिससे अब केंद्र प्रभारी की मनमानी चल रही है और किसान परेशान हैं।
किसान गोविंद तिवारी ने बताया कि करीब दस दिनों से टोकन के लिए भटक रहे हैं। खेत में धान कटी पड़ी है। जिसकी रखवाली करनी पड़ रही है। बीस दिन बाद का टोकन प्राप्त हुआ है। अब बीस दिन और फसल को रखाना पड़ेगा।