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न परमिट न मानक पूरे, नौनिहालों के साथ हो रहा खिलवाड़

Sun, 10 Jul 2022 12:36 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jul 2022 12:36 AM IST
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Children in unfit school vehicles, life is at risk
औरैया। जिले के स्कूलों में लगी लगभग एक सैकड़ा वैन बच्चों के लिए खतरा बनी हुईं हैं। इन वाहनों के परमिट, फिटनेस और बीमा समेत मानक अधूरे हैं। परिवहन विभाग का धरपकड़ अभियान का असर भी इन स्कूली वाहनों पर नजर नहीं आ रहा है।
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शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के निजी स्कूलों में प्राइवेट वाहनों की भरमार है। कई वाहन बिना फिटनेस के फर्राटा भर रहे हैैं। इन वाहनों में बच्चे पूरी तरह से असुरक्षित हैं। एआरटीओ, पीटीओ ने ऐसे वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए अप्रैल और मई माह में अभियान चलाया। स्कूल वाहनों को फिटनेस और मानक पूरा करने के निर्देश दिए थे। जिसका अभी तक असर नहीं दिखा है।
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ये है स्कूली वैन के मानक
स्कूल वाहन के परमिट दो तरह के होते हैं। स्कूल प्रबंधन की वैन और निजी वैन का स्कूल से अनुबंध होने का अलग-अलग परमिट दिया जाता है। स्कूल प्रबंधन वाली वैन पूरी तरह से पीले रंग की होती है, जबकि अनुबंधित वैन के चारों तरफ पीली पट्टी होती है। स्कूल की वैन सात सीटर होती है। वैन की खिड़कियों के पास रॉड लगी होनी चाहिए, जिससे बच्चे बाहर मुंह न निकाल सकें। वैन में स्कूल का नाम, पता, मोबाइल नंबर लिखा होना जरूरी होता है। जिससे किसी भी तरह की जानकारी प्रबंधन को दी जा सके। बच्चों के बैग रखने के कैरियर और स्टैंड होना चाहिए।
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फीस बढ़ाई, फिर भी मानक अधूरे
कोरोना काल के दौरान सामाजिक दूरी का पालन करने के निर्देश मिलते ही स्कूल वैन वालों ने एक किलोमीटर से तीन किलोमीटर की दूरी का किराया 500 रुपये से बढ़ाकर आठ सौ रुपये कर दिया है। जबकि पांच किलो मीटर से आठ किलोमीटर की दूरी का किराया आठ सौ के स्थान पर एक हजार से 12 सौ रुपये किया गया, लेकिन मानक आज भी पूरा नहीं कर सके। ऐसे वाहन बच्चों को ठूंस कर ले जाते हैं।
निजी वैन से बच्चों को स्कूल भेजने में खतरा रहता है, लेकिन संसाधनों का अभाव होने के कारण यह मजबूरी बन गया है। इसी का वैन संचालक फायदा भी उठाते है। मनमानी फीस लेने के बाद भी मानक पूरा नहीं कर रहे हैं। प्रशासन सख्ती बरते तभी कुछ हो सकता है।

मानक न पूरे करने वाले स्कूली वाहनों के लिए लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। पूर्व में करीब 111 वाहनों को मानक पूरा न करने पर पंजीयन निरस्त किया जा चुका है। स्कूल प्रबंधकों को नोटिस भी दी गई है। इसके बाद भी कहीं पर बच्चों को लाने ले जाने में लापरवाही की जा रही तो कार्रवाई की जाएगी।- अशोक कुमार, एआरटीओ
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