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बिना जूते मोजे के सर्दी में स्कूल जा रहे बच्चे
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रुरुगंज। कड़ाके की सर्दी में कस्बे के प्राथमिक विद्यालय में बच्चे बिना जूते, मोजे और यूनिफार्म के स्कूल जा रहे हैं। अभिभावकों के खातों में अभी तक धनराशि नहीं पहुंची है।
रुरुकला कस्बा के प्राइमरी विद्यालय 152 बच्चे पंजीकृत हैं। इनके अभिभावकों के खातों में अभी तक धनराशि नहीं पहुंची है। अभिभावक रामकुमार, सतीश चंद, अनिल कुमार आदि ने बताया कि अभी तक उनके खातों में बच्चों के ड्रेस, स्वेटर, बैग, जूता, मौजा आदि की धनराशि नहीं पहुंची है। इससे गलन भरी सर्दी एवं सर्द हवाओं के बीच बच्चे चप्पल पहनकर ही स्कूल पहुंच रहे हैं।
प्रधानाचार्य दिव्या त्रिपाठी ने बताया कि डीबीटी की लिस्ट बनाकर भेज दी गई है। जल्द ही बच्चों के अभिभावकों के खातों में धनराशि से उपलब्ध हो जाएगी। बीएसए चंदना राम इकबाल यादव ने बताया कि जिले के परिषदीय व मान्यता प्राप्त विद्यालयों में एक लाख 47 हजार बच्चों में एक लाख 23 हजार बच्चों के अभिभावकों के खातों में धनराशि भेजी गई है।
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जिसमें 90 हजार बच्चों के अभिभावकों को धनराशि प्राप्त हो चुकी है। बाकी के आधार में नाम गड़बड़ी व अन्य कारणों के चलते धनराशि नहीं पहुंच सकी है। इसके लिए विद्यालय के अध्यापकों को त्रुटियां दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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रुरुकला कस्बा के प्राइमरी विद्यालय 152 बच्चे पंजीकृत हैं। इनके अभिभावकों के खातों में अभी तक धनराशि नहीं पहुंची है। अभिभावक रामकुमार, सतीश चंद, अनिल कुमार आदि ने बताया कि अभी तक उनके खातों में बच्चों के ड्रेस, स्वेटर, बैग, जूता, मौजा आदि की धनराशि नहीं पहुंची है। इससे गलन भरी सर्दी एवं सर्द हवाओं के बीच बच्चे चप्पल पहनकर ही स्कूल पहुंच रहे हैं।
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प्रधानाचार्य दिव्या त्रिपाठी ने बताया कि डीबीटी की लिस्ट बनाकर भेज दी गई है। जल्द ही बच्चों के अभिभावकों के खातों में धनराशि से उपलब्ध हो जाएगी। बीएसए चंदना राम इकबाल यादव ने बताया कि जिले के परिषदीय व मान्यता प्राप्त विद्यालयों में एक लाख 47 हजार बच्चों में एक लाख 23 हजार बच्चों के अभिभावकों के खातों में धनराशि भेजी गई है।
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जिसमें 90 हजार बच्चों के अभिभावकों को धनराशि प्राप्त हो चुकी है। बाकी के आधार में नाम गड़बड़ी व अन्य कारणों के चलते धनराशि नहीं पहुंच सकी है। इसके लिए विद्यालय के अध्यापकों को त्रुटियां दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं।