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Auraiya News: नहीं हो रहीं जांचें, रीजेंट का टोटा तो कहीं मशीनें खराब
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। शासन प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी को लेकर जोर है, लेकिन औरैया जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों विभागीय जिम्मेदारों की अनदेखी का शिकार होकर बीमार पड़े हैं। आलम यह है कि कई सीएचसी में जांचें बंद हैं। कहीं मशीनें खराब पड़ी हैं तो कहीं रीजेंट का टोटा है। ऐसे में गर्भवती से लेकर अन्य मरीजों को सीएचसी पहुंचने के लिखी जांचों को कराने के लिए निजी पैथोलॉजी पर जाकर जेब ढीली करनी पड़ रही है। वहीं सीबीसी जांच के लिए 150-300 रुपये निजी पैथोलॉजी पर खर्च करने पड़ रहे हैं। वायरल बुखार, खांसी, जुकाम से लेकर गर्भवती, ब्लड संबंधी, स्नोफीलिया समेत तमाम तरह के मरीजों के लिए यह जांच जरूरी होती है। चिकित्सक भी इसे अनिवार्य रूप से अमल में लाते हैं। पेश है एक रिपोर्ट-
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सीबीसी मशीन से 20 से ज्यादा तरह की होतीं है जांचे
सीबीसी जांच सबसे महत्वपूर्ण जांच होती है। अधिकतर मरीजों को चिकित्सक यह जांच लिखते हैं। इस जांच में हीमोग्लोबिन, पीसीवी (पैक्ड सैल वाल्यूम), टीएलसी (टोटल ल्यूकोसाइट काउंट), आरबीसी (रेड ब्लड सेल्स), एमसीवी (मीन सेल वाल्यूम), एमसीएच (मीन कॉपर्स हीमोग्लोबिन), एमसीएचसी (मीन कॉपर्स हीमोग्लोबिन कन्स. ), प्लेटलेट काउंट, आरडीडब्ल्यूआर समेत 20 तरह की जानकारियों का पता चल जाता है।
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भारी संख्या में आते है मरीज-अजीतमल, दिबियापुर, सहार, बिधूना, नहीं होती जांच
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फोटो19एयूआरपी 19- बिधूना सीएचसी की लैब में रखी सीबीसी मशीन। संवाद
सीन-1
बिधूना सीएचसी में एक फरवरी से नहीं हो रही सीबीसी जांचे
इन दिनों वायरल बुखार से लेकर खांसी जुकाम व अन्य तरह के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बिधूना सीएचसी में 200 के करीब मरीज पहुंच रहे है। रीजेंट के अभाव में एक फरवरी से सीएचसी में सीबीसी जांच नहीं हो रही है। ऐसे में मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ रही है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. वीपी शाक्य ने बताया कि रीजेंट की मांग भेजी गई है।
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फोटो19एयूआरपी 20- खराब पड़ी सीबीसी मशीन को दिखाते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
सीन-2
दो महीने से सहार सीएचसी में खराब पड़ी सीबीसी मशीन
सहार सीएचसी का दायरा ग्रामीण क्षेत्र में काफी बड़ा है। यहां दूर-दराज से काफी मरीज पहुंचते हैं। पिछले दो माह से सीबीसी मशीन खराब पड़ी है। इसे दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। जिम्मेदारों की ओर से इस मशीन से नजर ही हटा ली गई है।
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फोटो-19एयूआरपी 21- मरीजों को परामर्श देते दिबियापुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय आनंद। संवाद
सीन-3
दिबियापुर सीएचसी में भी बंद हैं सीबीसी जांच
दिबियापुर सीएचसी स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से शहरी क्षेत्र में आने वाली बड़ी सीएचसी है। आलम यह है कि यहां पर भी सीबीसी मशीन से पिछले कुछ दिनों से जांचे नहीं हो पा रही है। इसके पीछे की वजह रीजेंट का अभाव है। मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ रही है।
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बोले जिम्मेदार-- -- -
सीबीसी जांच को लेकर पर्याप्त रीजेंट जिले के स्टोर में उपलब्ध है। प्रभारियों से इस संबंध में वार्ता की जाएगी। क्यों नहीं मांगा गया इस बारे में पूछा जाएगा। सभी सीएचसी पर सीबीसी जांच को प्रभावी रखने के लिए दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
-डॉ. सुनील कुमार वर्मा, सीएमओ
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औरैया। शासन प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी को लेकर जोर है, लेकिन औरैया जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों विभागीय जिम्मेदारों की अनदेखी का शिकार होकर बीमार पड़े हैं। आलम यह है कि कई सीएचसी में जांचें बंद हैं। कहीं मशीनें खराब पड़ी हैं तो कहीं रीजेंट का टोटा है। ऐसे में गर्भवती से लेकर अन्य मरीजों को सीएचसी पहुंचने के लिखी जांचों को कराने के लिए निजी पैथोलॉजी पर जाकर जेब ढीली करनी पड़ रही है। वहीं सीबीसी जांच के लिए 150-300 रुपये निजी पैथोलॉजी पर खर्च करने पड़ रहे हैं। वायरल बुखार, खांसी, जुकाम से लेकर गर्भवती, ब्लड संबंधी, स्नोफीलिया समेत तमाम तरह के मरीजों के लिए यह जांच जरूरी होती है। चिकित्सक भी इसे अनिवार्य रूप से अमल में लाते हैं। पेश है एक रिपोर्ट-
सीबीसी मशीन से 20 से ज्यादा तरह की होतीं है जांचे
सीबीसी जांच सबसे महत्वपूर्ण जांच होती है। अधिकतर मरीजों को चिकित्सक यह जांच लिखते हैं। इस जांच में हीमोग्लोबिन, पीसीवी (पैक्ड सैल वाल्यूम), टीएलसी (टोटल ल्यूकोसाइट काउंट), आरबीसी (रेड ब्लड सेल्स), एमसीवी (मीन सेल वाल्यूम), एमसीएच (मीन कॉपर्स हीमोग्लोबिन), एमसीएचसी (मीन कॉपर्स हीमोग्लोबिन कन्स. ), प्लेटलेट काउंट, आरडीडब्ल्यूआर समेत 20 तरह की जानकारियों का पता चल जाता है।
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भारी संख्या में आते है मरीज-अजीतमल, दिबियापुर, सहार, बिधूना, नहीं होती जांच
फोटो19एयूआरपी 19- बिधूना सीएचसी की लैब में रखी सीबीसी मशीन। संवाद
सीन-1
बिधूना सीएचसी में एक फरवरी से नहीं हो रही सीबीसी जांचे
इन दिनों वायरल बुखार से लेकर खांसी जुकाम व अन्य तरह के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बिधूना सीएचसी में 200 के करीब मरीज पहुंच रहे है। रीजेंट के अभाव में एक फरवरी से सीएचसी में सीबीसी जांच नहीं हो रही है। ऐसे में मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ रही है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. वीपी शाक्य ने बताया कि रीजेंट की मांग भेजी गई है।
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फोटो19एयूआरपी 20- खराब पड़ी सीबीसी मशीन को दिखाते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
सीन-2
दो महीने से सहार सीएचसी में खराब पड़ी सीबीसी मशीन
सहार सीएचसी का दायरा ग्रामीण क्षेत्र में काफी बड़ा है। यहां दूर-दराज से काफी मरीज पहुंचते हैं। पिछले दो माह से सीबीसी मशीन खराब पड़ी है। इसे दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। जिम्मेदारों की ओर से इस मशीन से नजर ही हटा ली गई है।
फोटो-19एयूआरपी 21- मरीजों को परामर्श देते दिबियापुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय आनंद। संवाद
सीन-3
दिबियापुर सीएचसी में भी बंद हैं सीबीसी जांच
दिबियापुर सीएचसी स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से शहरी क्षेत्र में आने वाली बड़ी सीएचसी है। आलम यह है कि यहां पर भी सीबीसी मशीन से पिछले कुछ दिनों से जांचे नहीं हो पा रही है। इसके पीछे की वजह रीजेंट का अभाव है। मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ रही है।
बोले जिम्मेदार
सीबीसी जांच को लेकर पर्याप्त रीजेंट जिले के स्टोर में उपलब्ध है। प्रभारियों से इस संबंध में वार्ता की जाएगी। क्यों नहीं मांगा गया इस बारे में पूछा जाएगा। सभी सीएचसी पर सीबीसी जांच को प्रभावी रखने के लिए दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
-डॉ. सुनील कुमार वर्मा, सीएमओ