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Auraiya News: सीसीयू हाथों से छूटा, ट्राॅमा सेंटर का सपना अधूरा
Sun, 26 Apr 2026 12:42 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 26 Apr 2026 12:42 AM IST
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फोटो-9- भगौतीपुर में बना ट्रामा सेंटर। संवाद
औरैया। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी को लेकर भले ही जिले में कई प्रयास चल रहे हों लेकिन गंभीर मरीजों के लिए जरूरी बेहतर इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाएं फिलहाल नजर नहीं आ रही हैं।
एक ओर जहां ट्राॅमा सेंटर का सपना अधूरा है तो दूसरी ओर क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) भी औरैया के हाथों से छूट गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर यह स्थिति सरकारी सिस्टम की बीमारी हालत को दर्शा रही है।
क्रिटिकल केयर यूनिट को लेकर स्वास्थ्य महकमे में आपाधापी चल रही है। दो साल पहले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से मिली क्रिटिकल केयर यूनिट की सौगात के बाद चिचौली मेडिकल कॉलेज कैंपस में जमीन चिह्नित की गई लेकिन रास्ते को लेकर जद्दोजहद चलती रही।
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नाले और दूसरे रास्ते का विकल्प तय न हो पाने की स्थिति कुछ इस कदर बनी कि शासन स्तर से इसे आगरा शिफ्ट कर दिया गया। जानकारी होने पर जिले के स्वास्थ्य महकमे ने शासन में पत्राचार करते हुए क्रिटिकल केयर यूनिट की मांग दोहराई है। गंभीर मरीजों के लिए जिले में ही बेहतर उपचार की सुविधा का सपना पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।
उधर, फरवरी में पूर्व डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के प्रयास से भगौतीपुर में तैयार खड़े ट्राॅमा सेंटर का संचालन कराने की तैयारी की गई। सीएमओ स्तर से जारी निर्देश के बाद इस स्टाफ ने ट्राॅमा सेंटर में तैनाती भी पा ली लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी ट्राॅमा सेंटर का संचालन शुरू नहीं हो सका है।
यहां पर पांच डॉक्टरों के अलावा फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स और वार्ड बॉय समेत 11 कर्मी रोजाना ड्यूटी दे रहे हैं लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी यहां पर एक भी गंभीर मरीज का उपचार नहीं हो सका है। वहीं, सीएचसी से लेकर अन्य अस्पतालों में आने वाले गंभीर मरीजों को जिले से सैफई व कानपुर रेफर किया जाना जारी है।
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मुख्यमंत्री योगी ने किया था वर्चुअल लोकार्पण
भगौतीपुर स्थित ट्राॅमा सेंटर में 15 बेड और जनरेटर का इंतजाम हो गया है। ग्रामीण क्षेत्र से बिजली कनेक्शन होने की वजह से कम आपूर्ति हो रही है जबकि ट्रॉमा सेंटर में निर्बाध बिजली होनी चाहिए।
साल 2019 में 2.64 करोड़ से शुरू ट्रॉमा सेंटर के निर्माण का छह नवंबर 2021 को सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल लोकार्पण कर दिया था लेकिन पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी यह भवन स्वास्थ्य सेवाओं को शुरू नहीं करा सका है। फरवरी में यहां पर तैनात किया गया स्टाफ लगातार ड्यूटी भी कर रहा है। वेतन भी जारी हो रहा है लेकिन सुविधाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं।
ट्रॉमा सेंटर को सही ढंग से संचालित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दो साल पहले 50 स्टाफ की नियुक्ति का डिमांड लेटर शासन को भेजा था। इसका अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
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ट्राॅमा सेंटर का संचालन शुरू करने के लिए सभी संसाधन जुटाए जा रहे हैं। दवाओं का इंतजाम हो गया है। प्राथमिक उपचार की सुविधा देने का प्रयास है। वाटर कूलर से लेकर जनरेटर व अन्य सुविधाओं को पूरा कर लिया गया है। जल्द ही ट्रॉमा का संचालन होगा।
- डॉ. अवनीश कुमार, ट्रॉमा सेंटर अधीक्षक
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एक ओर जहां ट्राॅमा सेंटर का सपना अधूरा है तो दूसरी ओर क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) भी औरैया के हाथों से छूट गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर यह स्थिति सरकारी सिस्टम की बीमारी हालत को दर्शा रही है।
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क्रिटिकल केयर यूनिट को लेकर स्वास्थ्य महकमे में आपाधापी चल रही है। दो साल पहले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से मिली क्रिटिकल केयर यूनिट की सौगात के बाद चिचौली मेडिकल कॉलेज कैंपस में जमीन चिह्नित की गई लेकिन रास्ते को लेकर जद्दोजहद चलती रही।
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नाले और दूसरे रास्ते का विकल्प तय न हो पाने की स्थिति कुछ इस कदर बनी कि शासन स्तर से इसे आगरा शिफ्ट कर दिया गया। जानकारी होने पर जिले के स्वास्थ्य महकमे ने शासन में पत्राचार करते हुए क्रिटिकल केयर यूनिट की मांग दोहराई है। गंभीर मरीजों के लिए जिले में ही बेहतर उपचार की सुविधा का सपना पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।
उधर, फरवरी में पूर्व डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के प्रयास से भगौतीपुर में तैयार खड़े ट्राॅमा सेंटर का संचालन कराने की तैयारी की गई। सीएमओ स्तर से जारी निर्देश के बाद इस स्टाफ ने ट्राॅमा सेंटर में तैनाती भी पा ली लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी ट्राॅमा सेंटर का संचालन शुरू नहीं हो सका है।
यहां पर पांच डॉक्टरों के अलावा फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स और वार्ड बॉय समेत 11 कर्मी रोजाना ड्यूटी दे रहे हैं लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी यहां पर एक भी गंभीर मरीज का उपचार नहीं हो सका है। वहीं, सीएचसी से लेकर अन्य अस्पतालों में आने वाले गंभीर मरीजों को जिले से सैफई व कानपुर रेफर किया जाना जारी है।
मुख्यमंत्री योगी ने किया था वर्चुअल लोकार्पण
भगौतीपुर स्थित ट्राॅमा सेंटर में 15 बेड और जनरेटर का इंतजाम हो गया है। ग्रामीण क्षेत्र से बिजली कनेक्शन होने की वजह से कम आपूर्ति हो रही है जबकि ट्रॉमा सेंटर में निर्बाध बिजली होनी चाहिए।
साल 2019 में 2.64 करोड़ से शुरू ट्रॉमा सेंटर के निर्माण का छह नवंबर 2021 को सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल लोकार्पण कर दिया था लेकिन पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी यह भवन स्वास्थ्य सेवाओं को शुरू नहीं करा सका है। फरवरी में यहां पर तैनात किया गया स्टाफ लगातार ड्यूटी भी कर रहा है। वेतन भी जारी हो रहा है लेकिन सुविधाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं।
ट्रॉमा सेंटर को सही ढंग से संचालित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दो साल पहले 50 स्टाफ की नियुक्ति का डिमांड लेटर शासन को भेजा था। इसका अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
ट्राॅमा सेंटर का संचालन शुरू करने के लिए सभी संसाधन जुटाए जा रहे हैं। दवाओं का इंतजाम हो गया है। प्राथमिक उपचार की सुविधा देने का प्रयास है। वाटर कूलर से लेकर जनरेटर व अन्य सुविधाओं को पूरा कर लिया गया है। जल्द ही ट्रॉमा का संचालन होगा।
- डॉ. अवनीश कुमार, ट्रॉमा सेंटर अधीक्षक