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सीएचसी में बंद पड़ीं सीबीसी व बायो केमिस्ट्री मशीनें
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दिबियापुर सीएचसी में बंद रखी सीबीसी व बायोकेमिस्ट्री मशीन। संवाद
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। जिले में सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं दिनोंदिन बदहाल होती जा रही हैं। मरीजों की खून संबंधी जांचें कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजी गई सीबीसी मशीनें आज तक नहीं चालू हो पाईं हैं। इनमें से कुछ मशीनें खराब बताई जा रही हैं तो कुछ को तकनीकी खामियां होने व स्टाफ की कमी के चलते चालू नहीं किया जा सका है। हालात ये हैं कि अस्पताल आने वाले मरीज जांच के लिए निजी पैथोलॉजी का सहारा ले रहे हैं।
गर्मी बढ़ते ही कई तरह की बीमारियों से ग्रसित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। ग्रामीण इलाकों के ज्यादातर मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की सुविधाओं को देखते हुए मार्च-अप्रैल माह में नए बजट से सभी सातों सीएचसी में सीबीसी व बायो केमिस्ट्री मशीनें भिजवाईं थीं।
मंशा थी कि इन्हें जल्द चालू कराकर खून संबंधी जांचों की परेशानी दूर की जाए, पर चार माह बीतने के बाद किसी भी सीएचसी पर मशीनें चालू नहीं हो सकीं। बिधूना, दिबियापुर में मशीनें खराब निकलीं। यहां पर काफी प्रयास के बाद भी सीबीसी मशीन चालू नहीं कराई जा सकी है।
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यही स्थिति, अजीतमल, अयाना, बेला स्वास्थ्य केंद्रों की है। जबकि सहार, अछल्दा में जांच किए जाने के दावे वहां पर तैनात चिकित्सक कर रहे हैं। जबकि हकीकत में जांचें समय से नहीं हो पा रही है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को मजबूर होकर प्राइवेट पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ रहा है। डाक्टर भी बिना जांच कराए दवाएं तक नहीं लिखते हैं।
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने कहा कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सीबीसी मशीन भेजी गईं हैं। जांच होने की जानकारी दी गई है। फिर भी कहीं पर कोई खामी या परेशानी है तो उसे तत्काल दूर कराया जाएगा। जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों को लाभ मिले।
एलटी की कमी बन रही रोड़ा
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछल्दा में सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार को सीबीसी मशीन से जांच किए जाने की बात कही जा रही है। अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल से एलटी अखिलेश कटियार की ड्यूटी लगाई जाती है। वहीं सहार व अजीतमल में प्रतिदिन जांच किए जाने की डाक्टरों ने बात कही है। जबकि अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर एलटी की कमी है।
सीबीसी और बायो केमिस्ट्री मशीनें नहीं हुई चालू
दिबियापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर के स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार, लगभग तीन माह पहले दिबियापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर खून की विभिन्न जांचें निशुल्क करने के लिए अत्याधुनिक मशीनों की सौगात मिली थी। इंजीनियरों के आने पर लगभग 15 दिन पहले मशीनें इंस्टॉल हो पाईं। इसके बाद भी मशीनों ने काम करना शुरू नहीं किया। इसका कारण मशीनों में तकनीकी खामी बताया गया। मशीन इंस्टॉल करने आए इंजीनियरों ने आश्वस्त किया था कि सप्ताह भर बाद आकर मशीनें दुरुस्त करा देंगे। इसके बावजूद अभी तक आए नहीं। डिप्टी सीएमओ एवं दिबियापुर सीएचसी के अधीक्षक डा.बीपी शाक्य का कहना है कि सीबीसी मशीन के अंदर एक पाइप टूटा है। इसकी जानकारी संबंधित कंपनी को दे दी गई है। जल्द ही मशीन दुरुस्त हो जाएगी।
सीबीसी व बायो केमिस्ट्री मशीन से ये होतीं जांचें
स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार, बायो केमिस्ट्री मशीन से ब्लड शुुगर, पीलिया, ब्लीरूबिन, एसओटी, एसजीपीटी, गुर्दे, यूरिया, ब्लड यूरिया, क्रेटनीन, प्रोटीन व खून से संबंधित कई जांचे होतीं हैं। जबकि सीबीसी मशीन से लाल रक्त कणिकाएं, सफेद रक्त कणिकाएं और प्लेटलेट्स की संख्या एवं आकार देखा जाता है। इस जांच से कई प्रमुख बीमारियों का पता लगाने में आसानी होती है।
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गर्मी बढ़ते ही कई तरह की बीमारियों से ग्रसित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। ग्रामीण इलाकों के ज्यादातर मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की सुविधाओं को देखते हुए मार्च-अप्रैल माह में नए बजट से सभी सातों सीएचसी में सीबीसी व बायो केमिस्ट्री मशीनें भिजवाईं थीं।
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मंशा थी कि इन्हें जल्द चालू कराकर खून संबंधी जांचों की परेशानी दूर की जाए, पर चार माह बीतने के बाद किसी भी सीएचसी पर मशीनें चालू नहीं हो सकीं। बिधूना, दिबियापुर में मशीनें खराब निकलीं। यहां पर काफी प्रयास के बाद भी सीबीसी मशीन चालू नहीं कराई जा सकी है।
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यही स्थिति, अजीतमल, अयाना, बेला स्वास्थ्य केंद्रों की है। जबकि सहार, अछल्दा में जांच किए जाने के दावे वहां पर तैनात चिकित्सक कर रहे हैं। जबकि हकीकत में जांचें समय से नहीं हो पा रही है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को मजबूर होकर प्राइवेट पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ रहा है। डाक्टर भी बिना जांच कराए दवाएं तक नहीं लिखते हैं।
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने कहा कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सीबीसी मशीन भेजी गईं हैं। जांच होने की जानकारी दी गई है। फिर भी कहीं पर कोई खामी या परेशानी है तो उसे तत्काल दूर कराया जाएगा। जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों को लाभ मिले।
एलटी की कमी बन रही रोड़ा
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछल्दा में सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार को सीबीसी मशीन से जांच किए जाने की बात कही जा रही है। अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल से एलटी अखिलेश कटियार की ड्यूटी लगाई जाती है। वहीं सहार व अजीतमल में प्रतिदिन जांच किए जाने की डाक्टरों ने बात कही है। जबकि अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर एलटी की कमी है।
सीबीसी और बायो केमिस्ट्री मशीनें नहीं हुई चालू
दिबियापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर के स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार, लगभग तीन माह पहले दिबियापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर खून की विभिन्न जांचें निशुल्क करने के लिए अत्याधुनिक मशीनों की सौगात मिली थी। इंजीनियरों के आने पर लगभग 15 दिन पहले मशीनें इंस्टॉल हो पाईं। इसके बाद भी मशीनों ने काम करना शुरू नहीं किया। इसका कारण मशीनों में तकनीकी खामी बताया गया। मशीन इंस्टॉल करने आए इंजीनियरों ने आश्वस्त किया था कि सप्ताह भर बाद आकर मशीनें दुरुस्त करा देंगे। इसके बावजूद अभी तक आए नहीं। डिप्टी सीएमओ एवं दिबियापुर सीएचसी के अधीक्षक डा.बीपी शाक्य का कहना है कि सीबीसी मशीन के अंदर एक पाइप टूटा है। इसकी जानकारी संबंधित कंपनी को दे दी गई है। जल्द ही मशीन दुरुस्त हो जाएगी।
सीबीसी व बायो केमिस्ट्री मशीन से ये होतीं जांचें
स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार, बायो केमिस्ट्री मशीन से ब्लड शुुगर, पीलिया, ब्लीरूबिन, एसओटी, एसजीपीटी, गुर्दे, यूरिया, ब्लड यूरिया, क्रेटनीन, प्रोटीन व खून से संबंधित कई जांचे होतीं हैं। जबकि सीबीसी मशीन से लाल रक्त कणिकाएं, सफेद रक्त कणिकाएं और प्लेटलेट्स की संख्या एवं आकार देखा जाता है। इस जांच से कई प्रमुख बीमारियों का पता लगाने में आसानी होती है।

बिधूना सीएचसी में बंद पड़ी सीबीसी मशीन। संवाद- फोटो : AURAIYA