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Auraiya News: प्रधानी के चुनाव में रोड़ा बन रहे अनियमितता के मामले
Sun, 07 Sep 2025 12:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 07 Sep 2025 12:33 AM IST
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औरैया। मौजूदा कार्यकाल में अनियमितता व गबन के मामले प्रधानी के चुनाव में नया प्रत्याशी बनने में रोड़ा बन सकते हैं।
ऐसे में इन मामलों को जल्द से जल्द रफा-दफा करने के लिए प्रधान अफसरों के यहां फाइल लेकर दौड़ने लगे हैं। ताकि जल्द उनकी रिकवरी का निस्तारण कर नो ड्यूज का रास्ता पुख्ता किया जा सके।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले मतदाता पुनरीक्षण अभियान शुरू हो चुका है। गांव-गांव प्रधान पद के प्रत्याशियों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ऐसे में जिले की चुनिंदा पंचायतों में हुए गबन व अनियमितता के मामले भी चर्चा में हैं।
यहां पर सरकारी धन की बर्बादी की पूर्ति के लिए रिकवरी के आदेश भी हो चुके हैं। विभागीय अधिकारियों की माने तो 10 से ज्यादा पंचायतों के प्रधान इसकी चपेट में आए हैं।
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मनरेगा लोकपाल से लेकर विकास विभाग की ओर से इस रिकवरी की पहल की गई है। अब आगामी प्रधान के चुनाव लड़ने के लिए प्रधानों को सीडीओ स्तर से नो ड्यूज पाना होगा, यह नो ड्यूज तभी जारी होगा, जब रिकवरी का काम पूरा हो गया होगा।
ऐसे में दोबारा से प्रधानी में दांव आजमाने की जुगत भिड़ाने जा रहे लोग रिकवरी की कार्रवाई को तेजी से निपटाना चाह रहे हैं। उन्होंने अफसरों की चौखट तक चक्कर लगाना शुरू कर दिया है। सिफारिशों का दौर भी शुरू हो गया है। ये नो ड्यूज ही सरकारी धन की हुई क्षतिपूर्ति को आसानी से भरेंगे।
डीपीआरओ श्रीकांत यादव ने बताया कि वित्तीय अनियमितता व गबन के मामलों की रिकवरी पूरी होने के बाद ही प्रधानों को सीडीओ स्तर से नो ड्यूज जारी होंगे। नियमों को लेकर सजगता बरती जा रही है।
इन पंचायतों से सामने आए थे मामले
खानपुर, सिहौली, हसुलिया, अजनपुर, बल्लापुर, अमावता, दशहरा, सौंधेमऊ, नौली, गौरी गंगा प्रसाद, ककोर बुजुर्ग
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ऐसे में इन मामलों को जल्द से जल्द रफा-दफा करने के लिए प्रधान अफसरों के यहां फाइल लेकर दौड़ने लगे हैं। ताकि जल्द उनकी रिकवरी का निस्तारण कर नो ड्यूज का रास्ता पुख्ता किया जा सके।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले मतदाता पुनरीक्षण अभियान शुरू हो चुका है। गांव-गांव प्रधान पद के प्रत्याशियों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ऐसे में जिले की चुनिंदा पंचायतों में हुए गबन व अनियमितता के मामले भी चर्चा में हैं।
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यहां पर सरकारी धन की बर्बादी की पूर्ति के लिए रिकवरी के आदेश भी हो चुके हैं। विभागीय अधिकारियों की माने तो 10 से ज्यादा पंचायतों के प्रधान इसकी चपेट में आए हैं।
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मनरेगा लोकपाल से लेकर विकास विभाग की ओर से इस रिकवरी की पहल की गई है। अब आगामी प्रधान के चुनाव लड़ने के लिए प्रधानों को सीडीओ स्तर से नो ड्यूज पाना होगा, यह नो ड्यूज तभी जारी होगा, जब रिकवरी का काम पूरा हो गया होगा।
ऐसे में दोबारा से प्रधानी में दांव आजमाने की जुगत भिड़ाने जा रहे लोग रिकवरी की कार्रवाई को तेजी से निपटाना चाह रहे हैं। उन्होंने अफसरों की चौखट तक चक्कर लगाना शुरू कर दिया है। सिफारिशों का दौर भी शुरू हो गया है। ये नो ड्यूज ही सरकारी धन की हुई क्षतिपूर्ति को आसानी से भरेंगे।
डीपीआरओ श्रीकांत यादव ने बताया कि वित्तीय अनियमितता व गबन के मामलों की रिकवरी पूरी होने के बाद ही प्रधानों को सीडीओ स्तर से नो ड्यूज जारी होंगे। नियमों को लेकर सजगता बरती जा रही है।
इन पंचायतों से सामने आए थे मामले
खानपुर, सिहौली, हसुलिया, अजनपुर, बल्लापुर, अमावता, दशहरा, सौंधेमऊ, नौली, गौरी गंगा प्रसाद, ककोर बुजुर्ग