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Auraiya News: डकैती के दोषी को सात वर्ष की सजा
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औरैया। शहर के मोहल्ला गोविन्द नगर में दो दशक पहले हुई डकैती के मामले में विशेष न्यायाधीश महेश कुमार ने फैसला सुनाया है। न्यायालय ने मुख्य अभियुक्त महावीर कोरी को दोषी करार दिया। उसे सात साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
यह घटना 23 मई 2006 की देर रात करीब तीन बजे हुई थी। मोहल्ला गोविंद नगर निवासी पुष्पेंद्र सिंह सेंगर ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि महावीर कोरी अपने साथियों के साथ उनके घर में जबरन घुस गया। बदमाशों ने पुष्पेंद्र सिंह सेंगर के साथ मारपीट कर अटैची, जेवर और 31 हजार रुपये नकद लूट लिए। शोर मचाने पर पुष्पेंद्र सिंह सेंगर ने जलते बल्ब की रोशनी में महावीर कोरी को पहचान लिया। पुलिस ने डकैती की धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों, वादी पुष्पेंद्र सिंह सेंगर और उनकी पत्नी ऊषा सेंगर की गवाहियों को विश्वसनीय माना। न्यायालय ने बचाव पक्ष के प्रथम सूचना रिपोर्ट में देरी और रंजिश के तर्क को खारिज कर दिया। शुक्रवार को सुनवाई के बाद न्यायालय ने महावीर कोरी को दोषी ठहराया। जुर्माने की आधी राशि वादी को मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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यह घटना 23 मई 2006 की देर रात करीब तीन बजे हुई थी। मोहल्ला गोविंद नगर निवासी पुष्पेंद्र सिंह सेंगर ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि महावीर कोरी अपने साथियों के साथ उनके घर में जबरन घुस गया। बदमाशों ने पुष्पेंद्र सिंह सेंगर के साथ मारपीट कर अटैची, जेवर और 31 हजार रुपये नकद लूट लिए। शोर मचाने पर पुष्पेंद्र सिंह सेंगर ने जलते बल्ब की रोशनी में महावीर कोरी को पहचान लिया। पुलिस ने डकैती की धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों, वादी पुष्पेंद्र सिंह सेंगर और उनकी पत्नी ऊषा सेंगर की गवाहियों को विश्वसनीय माना। न्यायालय ने बचाव पक्ष के प्रथम सूचना रिपोर्ट में देरी और रंजिश के तर्क को खारिज कर दिया। शुक्रवार को सुनवाई के बाद न्यायालय ने महावीर कोरी को दोषी ठहराया। जुर्माने की आधी राशि वादी को मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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