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Auraiya News: चक्रवाती बारिश ने कराया सर्दी का अहसास
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औरैया। जिले में बृहस्पतिवार रात से शुक्रवार पूरे दिन और देर रात तक चक्रवाती बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिलसिला अगले चार दिनों तक जारी रहने के आसार हैं। शुक्रवार को 18.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे धान की फसल को भारी नुकसान हुआ।
बारिश के कारण जिले के कई क्षेत्रों में धान की फसल खेतों में ही गिर गई। शनिवार को भी 26 मिलीमीटर बारिश होने की संभावना जताई गई है। पिछले एक पखवाड़े से बादल और हल्की बारिश के बीच तापमान में उतार-चढ़ाव था। बृहस्पतिवार शाम को अचानक ठंडक महसूस हुई, जिससे घरों और दफ्तरों में चलने वाले कूलर और पंखे बंद कर दिए गए। अधिकतम तापमान पांच डिग्री गिरकर 25 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री रहा। हवा की रफ्तार 25 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। बारिश के चलते लोगों को जरूरी कामों के लिए भीगते हुए आवागमन करना पड़ा।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट ने बताया कि जिले में चार दिन तक चक्रवात का असर रहेगा। इस दौरान लगातार हल्की बारिश होने की संभावना है। उन्होंने किसानों को खेतों में खड़ी फसल को सुरक्षित करने का प्रयास करने की सलाह दी।
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बिधूना में बृहस्पतिवार रात मौसम बदलने से फसलों पर आफत आ गई है। चक्रवाती बारिश और तेज हवा के कारण खरीफ मौसम की फसलें प्रभावित हुई हैं। इससे उपज का रंग काला पड़ने, भाव गिरने और उत्पादन घटने की आशंका है।
किसानों के अनुसार, धान के खेतों में बारिश से नमी बढ़ गई। तेज हवा के कारण फसलें जमीन पर बिछ गईं। इससे दाने की गुणवत्ता, वजन और उत्पादन प्रभावित होगा। गिरी हुई फसल की कटाई में किसानों को अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। बाजरा के फूल झड़ने से दाने बनने पर असर पड़ेगा। जिन बालियों में दाने बन चुके हैं, उनके खराब होने का डर है। फूलगोभी, पत्तागोभी, मिर्च, धनिया, तोरई और लौकी जैसी फसलों में रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। बेला के मजरा फतेहपुर में पांडू नदी का पानी पहले से भरा था। शुक्रवार की बारिश से स्थिति और खराब हो गई।
किसान शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी 10 बीघा धान की फसल बारिश से खेत में गिर गई। बालियां भींगने से उपज का रंग काला पड़ जाएगा, जिससे भारी नुकसान होगा। किसान वीरभान सिंह के अनुसार, धान के अलावा तिल, बाजरा और बागवानी वाली फसलों को भी बड़ा नुकसान हुआ। उपनिदेशक कृषि दुर्गेश सिंह ने किसानों को खेत में जलनिकासी दुरुस्त रखने की सलाह दी। उन्होंने बीमित किसानों को टोल फ्री संख्या 14447 पर सूचना देने को कहा।
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बारिश के कारण जिले के कई क्षेत्रों में धान की फसल खेतों में ही गिर गई। शनिवार को भी 26 मिलीमीटर बारिश होने की संभावना जताई गई है। पिछले एक पखवाड़े से बादल और हल्की बारिश के बीच तापमान में उतार-चढ़ाव था। बृहस्पतिवार शाम को अचानक ठंडक महसूस हुई, जिससे घरों और दफ्तरों में चलने वाले कूलर और पंखे बंद कर दिए गए। अधिकतम तापमान पांच डिग्री गिरकर 25 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री रहा। हवा की रफ्तार 25 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। बारिश के चलते लोगों को जरूरी कामों के लिए भीगते हुए आवागमन करना पड़ा।
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मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट ने बताया कि जिले में चार दिन तक चक्रवात का असर रहेगा। इस दौरान लगातार हल्की बारिश होने की संभावना है। उन्होंने किसानों को खेतों में खड़ी फसल को सुरक्षित करने का प्रयास करने की सलाह दी।
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बिधूना में बृहस्पतिवार रात मौसम बदलने से फसलों पर आफत आ गई है। चक्रवाती बारिश और तेज हवा के कारण खरीफ मौसम की फसलें प्रभावित हुई हैं। इससे उपज का रंग काला पड़ने, भाव गिरने और उत्पादन घटने की आशंका है।
किसानों के अनुसार, धान के खेतों में बारिश से नमी बढ़ गई। तेज हवा के कारण फसलें जमीन पर बिछ गईं। इससे दाने की गुणवत्ता, वजन और उत्पादन प्रभावित होगा। गिरी हुई फसल की कटाई में किसानों को अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। बाजरा के फूल झड़ने से दाने बनने पर असर पड़ेगा। जिन बालियों में दाने बन चुके हैं, उनके खराब होने का डर है। फूलगोभी, पत्तागोभी, मिर्च, धनिया, तोरई और लौकी जैसी फसलों में रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। बेला के मजरा फतेहपुर में पांडू नदी का पानी पहले से भरा था। शुक्रवार की बारिश से स्थिति और खराब हो गई।
किसान शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी 10 बीघा धान की फसल बारिश से खेत में गिर गई। बालियां भींगने से उपज का रंग काला पड़ जाएगा, जिससे भारी नुकसान होगा। किसान वीरभान सिंह के अनुसार, धान के अलावा तिल, बाजरा और बागवानी वाली फसलों को भी बड़ा नुकसान हुआ। उपनिदेशक कृषि दुर्गेश सिंह ने किसानों को खेत में जलनिकासी दुरुस्त रखने की सलाह दी। उन्होंने बीमित किसानों को टोल फ्री संख्या 14447 पर सूचना देने को कहा।