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Auraiya News: जमीन के फर्जीवाड़े में प्रबंधक व तत्कालीन राजस्व कर्मियों पर दर्ज हुआ मुकदमा

Wed, 21 Aug 2024 11:35 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 21 Aug 2024 11:35 PM IST
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Case registered against manager and then revenue personnel for land fraud
औरैया। सेहुद ग्राम पंचायत की 10 एकड़ ग्राम सभा की जमीन पर साल 1971-72 की फर्जी प्रविष्टि के सहारे अवैध तरीके से 52 साल से काबिज लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई है।
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जमीन पर बनाए गए जनता महाविद्यालय व जनता माध्यमिक विद्यालय की वर्तमान प्रबंधक मिथलेश कुमारी समेत फर्जी प्रविष्टि में शामिल रहे तत्कालीन राजस्व कर्मियों के खिलाफ क्षेत्रीय लेखपाल ने दिबियापुर थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें धोखाधड़ी, लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम समेत कई संगीन धाराओं को शामिल किया गया है। तहसीलदार रणवीर सिंह व क्षेत्रीय लेखपाल जय प्रताप सिंह ने बुधवार को शिक्षण संस्थान पर पहुंचकर मौका मुआयना किया। उनके पहुंचने से पहले लोग वहां से निकल गए।
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बता दें कि इस मामले में बुधवार के अंक में अमर उजाला ने जमीन के फर्जीवाड़ा से संबंधित खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। फर्जी तरीके से हथियाई गई इस जमीन पर उच्चाधिकारियों ने गंभीरता से संज्ञान लिया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बेदखली की कार्रवाई से पहले मुकदमा भी दर्ज करवा दिया गया।
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बिधूना के देवरांव गांव निवासी चंद्रमणि बाजपेई ने साल 1971-72 के फर्जी आवंटन को दर्शाकर सेहुद ग्राम पंचायत के मजरा देवराय का पुर्वा में औरैया दिबियापुर रोड किनारे बेशकीमती 10 एकड़ जमीन हथिया ली थी। वह ग्राम सभा की सरकारी जमीन पर काबिज हो गए थे। काबिज होने के साथ ही यहां पर इमारत बनवाते हुए शिक्षण संस्थान खोले। जनता माध्यमिक विद्यालय व जनता महाविद्यालय के प्रबंधक बने। धन, पद, प्रतिष्ठा से लेकर यश की बरसात हुई। इस शिक्षण संस्थान से अकूत दौलत कमाई, लेकिन 52 साल बाद जमीन के इस फर्जीवाड़े की हकीकत आखिरकार सामने आई। पारिवारिक कलह के बीच हुई शिकायत में जमीन का मुद्दा उठा। अधिकारियों ने जांच की तो पता चला कि जमीन फर्जी तरीके से हथियाई गई है।

बिधूना निवासी होने के बाद भी सदर तहसील के सेहुद ग्राम पंचायत में जमीन का आवंटन गलत पाया गया। वहीं, अधिकतम 3.125 एकड़ आवंटन के मानक को किनारे रखते हुए 10 एकड़ जमीन फर्जी तरीके से पा ली गई। इसकी कोई पत्रावली भी नहीं मिली। ऐसे में जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर सदर एसडीएम कोर्ट में वाद दर्ज किया गया। सुनवाई के बाद पिछले दिनों इस 10 एकड़ जमीन को दोबारा से ग्राम सभा में दर्ज करने का आदेश हुआ। 52 साल से सरकारी जमीन को निजी व्यवसाय के लिए प्रयोग में लाया जाना अपने आप में सवालों में घेरे में रहा।


बुधवार को इस मामले में क्षेत्रीय लेखपाल जय प्रताप सिंह गौर ने दिबियापुर थाना पहुंचकर जनता महाविद्यालय की वर्तमान प्रबंधक मिथलेश कुमारी समेत फर्जी प्रविष्टि मामले में शामिल रहने वाले तत्कालीन राजस्व कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। शिक्षण संस्थान के तत्कालीन प्रबंधक चंद्रमणि बाजपेई के देहांत के बाद उनके भतीजे विनोद बाजपेई की पत्नी मिथलेश कुमारी को प्रबंधक बनाया गया था। तहसीलदार रणवीर सिंह क्षेत्रीय लेखपाल जय प्रताप के साथ जनता महाविद्यालय भी पहुंचे। यहां मौका मुआयना किया। हालांकि, इस दौरान मौके पर कोई नहीं मिला।


बोले जिम्मेदार



क्षेत्रीय लेखपाल जय प्रताप सिंह गौर की तहरीर पर दिबियापुर थाना में जनता महाविद्यालय की प्रबंधक मिथलेश कुमारी समेत फर्जीवाड़े में शामिल रहे तत्कालीन राजस्व कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। फर्जी प्रविष्टि तत्कालीन राजस्व कर्मियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं थी। जल्द ही बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। -रणवीर सिंह, तहसीलदार
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