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नहर पटरी फटी, सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
नहर पटरी फटी, सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
Updated Sat, 01 Sep 2018 11:56 PM IST
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डूबी धान की सैकड़ो एकड़ फसल
- फोटो : amarujala
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कंचौसी (औरैया)। इटावा निचली नहर पटरी में आए तेज बहाव से सूखमपुर के सामने की नहर पटरी फट गई। जिसमें सैकड़ों बीघा में खड़ी धान, मक्का, ज्वार की फसल पानी में डूब गई। किसानों ने सिंचाई विभाग को सूचना दी है।
शुक्रवार को हुई तेज बारिश से इटावा निचली नहर में बहाव तेज हो गया। इससे सूखमपुर गांव के सामने की नहर पटरी फट गई। गांव समेत खेतों में जलभराव हो गया। किसानों की धान की नर्सरी, मक्का और ज्वार की फसल डूब गई। इस पटरी के फटने से सूखमपुर, ढिकियापुर, घसा का पुरवा कंचौसी, हरतौली के किसान परेशान हैं। किसान कुंवर सिंह, गंगाराम, रमाकांत, राम प्रकाश, नवाब अली, छोटे किसान कुमार, बेचे लाल, राजेंद्र प्रताप सिंह यादव, श्री कृष्ण यज्ञदत्त दीक्षित आदि ने शासन से पीड़ित किसानों को नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
इस संबंध में अवर अभियंता सिंचाई अशोक कुमार ने बताया कि उन्हे पटरी फटने की जानकारी नहीं है। मौके पर देखकर बंद कराएंगे। जो पहले भी विभाग ने बोरी आदि लगा कर बांधी थी।
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शुक्रवार को हुई तेज बारिश से इटावा निचली नहर में बहाव तेज हो गया। इससे सूखमपुर गांव के सामने की नहर पटरी फट गई। गांव समेत खेतों में जलभराव हो गया। किसानों की धान की नर्सरी, मक्का और ज्वार की फसल डूब गई। इस पटरी के फटने से सूखमपुर, ढिकियापुर, घसा का पुरवा कंचौसी, हरतौली के किसान परेशान हैं। किसान कुंवर सिंह, गंगाराम, रमाकांत, राम प्रकाश, नवाब अली, छोटे किसान कुमार, बेचे लाल, राजेंद्र प्रताप सिंह यादव, श्री कृष्ण यज्ञदत्त दीक्षित आदि ने शासन से पीड़ित किसानों को नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
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इस संबंध में अवर अभियंता सिंचाई अशोक कुमार ने बताया कि उन्हे पटरी फटने की जानकारी नहीं है। मौके पर देखकर बंद कराएंगे। जो पहले भी विभाग ने बोरी आदि लगा कर बांधी थी।
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