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साधु संतों के लिए बनाया जाएगा बोर्ड, मिलेगी आर्थिक सहायता
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आचार्य राहुल शास्त्री। संवाद
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लोक कल्याण संकल्प का वादा पूरा करने के लिए बुजुर्ग संतों, पुजारियों और पुरोहितों के कल्याण के लिए नए बोर्ड का गठन करेगी। माना जा रहा है कि कल्याण बोर्ड के जरिये बुजुर्ग संतों को अर्थिक मदद देने के साथ आश्रम सहित अन्य सन्यासियों की मदद के लिए हर संभव प्रयास सरकार करेगी। योगी सरकार के इस फैसले से साधु-संतों ने खुशी जताई है।
जनपद में सैकड़ों मंदिर हैं। इनमें से कुछ मंदिर ऐसे हैं जो अर्थव्यवस्था के मामले मेें बहुत ही दयनीय हैं। रखरखाव व आर्थिक कमजोरी के चलते मंदिरों की हालत खराब है। कई मंदिरों में पूजा-पाठ कर नियम-संयम भी किसी तरह से चलता है।
वहीं कोरोना काल में जब देश में लॉकडाउन की स्थिति से गुजर रहा था तो उस समय समस्त गतिविधियां ठप होने के चलते पुजारी, पुरोहितों के समक्ष संकट खड़ा हो गया था। तमाम समाज सेवी संस्थाओं, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों ने आगे आकर पुजारी, पुरोहितों की सहायता की।
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ऐसे में योगी सरकार ने बुजुर्ग संतों के लिए कल्याण बोर्ड बनाने के लिए जो निर्णय लिया है। इसे लेकर सभी संतों में खुशी का माहौल है। सभी संतों ने इस बात पर एक साथ कहा कि इस निर्णय से संत परंपरा को बल मिलेगा साथ ही आर्थिक समस्या से जूझ रहे साधु-संतों, पुरोहितों को भी राहत मिलेगी।
आचार्य राहुल शास्त्री ने कहा कि बुजुर्ग संतों, पुजारियों व पुरोहितों के लिए कल्याण बोर्ड के गठन का फैसला हर्ष का विषय है। योगी सरकार धार्मिक व सांस्कृतिक सरोकारों के प्रति सचेत रहती है। इससे प्राचीन मठ-मंदिरों की व्यवस्थाएं पुन: लय पर लौटेंगी।
पं. अनुज कृष्ण शास्त्री ने कहा कि पहली बार हमारे लिए किसी ने सोचा है। पूजन, अनुष्ठान के जरिये अपना जीवन यापन करने वाले पुजारियों, पुरोहितों को कोरोना काल में बहुत ही विषम परिस्थिति से गुजरना पड़ा था। उम्मीद है कि सरकार एक निश्चित मासिक धनराशि पुजारी, पुरोहितों के लिए निश्चित करेगी, जिससे उनकी मदद हो सकेगी।
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जनपद में सैकड़ों मंदिर हैं। इनमें से कुछ मंदिर ऐसे हैं जो अर्थव्यवस्था के मामले मेें बहुत ही दयनीय हैं। रखरखाव व आर्थिक कमजोरी के चलते मंदिरों की हालत खराब है। कई मंदिरों में पूजा-पाठ कर नियम-संयम भी किसी तरह से चलता है।
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वहीं कोरोना काल में जब देश में लॉकडाउन की स्थिति से गुजर रहा था तो उस समय समस्त गतिविधियां ठप होने के चलते पुजारी, पुरोहितों के समक्ष संकट खड़ा हो गया था। तमाम समाज सेवी संस्थाओं, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों ने आगे आकर पुजारी, पुरोहितों की सहायता की।
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ऐसे में योगी सरकार ने बुजुर्ग संतों के लिए कल्याण बोर्ड बनाने के लिए जो निर्णय लिया है। इसे लेकर सभी संतों में खुशी का माहौल है। सभी संतों ने इस बात पर एक साथ कहा कि इस निर्णय से संत परंपरा को बल मिलेगा साथ ही आर्थिक समस्या से जूझ रहे साधु-संतों, पुरोहितों को भी राहत मिलेगी।
आचार्य राहुल शास्त्री ने कहा कि बुजुर्ग संतों, पुजारियों व पुरोहितों के लिए कल्याण बोर्ड के गठन का फैसला हर्ष का विषय है। योगी सरकार धार्मिक व सांस्कृतिक सरोकारों के प्रति सचेत रहती है। इससे प्राचीन मठ-मंदिरों की व्यवस्थाएं पुन: लय पर लौटेंगी।
पं. अनुज कृष्ण शास्त्री ने कहा कि पहली बार हमारे लिए किसी ने सोचा है। पूजन, अनुष्ठान के जरिये अपना जीवन यापन करने वाले पुजारियों, पुरोहितों को कोरोना काल में बहुत ही विषम परिस्थिति से गुजरना पड़ा था। उम्मीद है कि सरकार एक निश्चित मासिक धनराशि पुजारी, पुरोहितों के लिए निश्चित करेगी, जिससे उनकी मदद हो सकेगी।

पं. अनुज कृष्ण शास्त्री। संवाद- फोटो : AURAIYA