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केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ व्यापारियों में आक्रोश
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औरैया। व्यापारी हित में केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ शनिवार को श्याम बिहारी मिश्रा गुट व विवेक बंसल गुट के बैनर तले व्यापारियों ने प्रदर्शन कर मंडी शुल्क, जीएसटी और ऑनलाइन ट्रेडिंग के खिलाफ आक्रोश जताते हुए वापस लेने की मांग की है। बाद में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
सदर तहसील सभागार में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह व नायब तहसीलदार पवन कुमार सिंह को ज्ञापन देने से पहले बंसल गुट के जिलाध्यक्ष सुधीर पुरवार व पं.श्याम बिहारी मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष राजेश बाजपेई ने सरकारी की तानाशाही नीति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में दोनों व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि कृषि कानूनों के समाप्त होने के बाद पुरानी व्यवस्था बहाल करने से व्यापारियों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
प्रदेश में मंडी शुल्क न लगने के चलते अनेक उद्यमियों ने यहां पर अपने उद्योग स्थापित कर लिए हैं, जो अब अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। ऑनलाइन कंपनियों से खुदरा व्यापारी प्रभावित है। उनसे जुड़े कर्मचारियों के सामने रोजगार की समस्या उत्पन्न हो रही है। कोरोना के चलते पहले से ही खुदरा कारोबार चौपट हो चुका है। कपड़ा रेडीमेड, स्टेशनरी, फुटवियर पर जीएसटी दर बढ़ाने से व्यापारी परेशान है।
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व्यापारी नेताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार से व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए नए व्यापारी नियमों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है। इस मौके पर ज्ञापन देने वालों में स्वतंत्र अग्रवाल, अजीत मिश्रा, अमर विश्नोई, मोहम्मद बबलू, मोहित वर्मा, रामकुमार विश्नोई, हरमिंदर सिंह, दीपक अग्रवाल, भानू राजपूत, रानू पांडेय, मो.सौहेल, मयंक शुक्ला, नितिन अग्रवाल, अत्तू वर्मा, जावेद खान, मनीष अग्रवाल समेत भारी संख्या में व्यापारी शामिल रहे।
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सदर तहसील सभागार में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह व नायब तहसीलदार पवन कुमार सिंह को ज्ञापन देने से पहले बंसल गुट के जिलाध्यक्ष सुधीर पुरवार व पं.श्याम बिहारी मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष राजेश बाजपेई ने सरकारी की तानाशाही नीति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में दोनों व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि कृषि कानूनों के समाप्त होने के बाद पुरानी व्यवस्था बहाल करने से व्यापारियों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
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प्रदेश में मंडी शुल्क न लगने के चलते अनेक उद्यमियों ने यहां पर अपने उद्योग स्थापित कर लिए हैं, जो अब अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। ऑनलाइन कंपनियों से खुदरा व्यापारी प्रभावित है। उनसे जुड़े कर्मचारियों के सामने रोजगार की समस्या उत्पन्न हो रही है। कोरोना के चलते पहले से ही खुदरा कारोबार चौपट हो चुका है। कपड़ा रेडीमेड, स्टेशनरी, फुटवियर पर जीएसटी दर बढ़ाने से व्यापारी परेशान है।
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व्यापारी नेताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार से व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए नए व्यापारी नियमों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है। इस मौके पर ज्ञापन देने वालों में स्वतंत्र अग्रवाल, अजीत मिश्रा, अमर विश्नोई, मोहम्मद बबलू, मोहित वर्मा, रामकुमार विश्नोई, हरमिंदर सिंह, दीपक अग्रवाल, भानू राजपूत, रानू पांडेय, मो.सौहेल, मयंक शुक्ला, नितिन अग्रवाल, अत्तू वर्मा, जावेद खान, मनीष अग्रवाल समेत भारी संख्या में व्यापारी शामिल रहे।