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बैंक के बाहर 50 मीटर तक लगी रही भीड़, सोशल डिस्टेंस नहीं दिखाई पड़ा
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औरैया। शहर की बैंकों के अंदर सामाजिक दूरी का पालन होता रहा लेकिन बाहर व्यवस्था तार-तार नजर आई। लोग झुंड में बैठे रहे। पुलिस के पहुंचने पर उन्हें दूर-दूर बैठाया गया।
बैंकों के खुलने का समय सुबह 10 बजे का निर्धारित है। लेकिन सोमवार को बैंकों के बाहर खाताधारकों की भीड़ सुबह नौ बजे से ही देखने को मिली। सामाजिक दूरी का पालन बैंक के अंदर तो हुआ लेकिन बाहर जमकर धज्जियां उड़ीं। सबसे खराब स्थिति बैंक आफ बड़ौदा में देखने को मिली। बैंक के गेट, सीढ़ियों और सड़कों पर भीड़ देखने को मिली।
यहां भीड़ को नियंत्रण में करने के लिए महिला थाना प्रभारी व अन्य पुलिस कर्मियों को बार-बार परेशानी उठानी पड़ी। पुलिस ने सख्ती दिखाकर लोगों को दूर कराया। कुछ को लाठियां पटककर भगाया गया। किसी भी बैंक ने खाताधारकों को सैनिटाइज कराने का काम नहीं किया।
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गांव माल्हेपुर निवासी मान सिंह पंजाब नेशनल बैंक से रुपये निकालने पहुंचे थे। लाइन में लगे मान सिंह ने बताया कि डेढ़ घंटे से धूप में खड़े हैं नंबर कब आएगा पता नहीं। घर में एक रुपया नहीं, रुपये निकालने पर ही घर के लिए अनाज आदि जरूरतों का सामान ले जा सकेंगे। लॉकडाउन के दौरान सरकार से भी किसी तरह की मदद नहीं मिली है।
शहर के मोहल्ला नरायनपुर निवासी बिटोली देवी ने बताया कि लॉकडाउन के बाद से घर में रखा रुपया खर्च किया। अब रुपया न होने पर खाते में आने वाली सब्सिडी का पैसा निकालने आए है। जिससे घर का गुजर बसर हो सके। बताया कि सुबह साढ़े नौ बजे आए थे और दोपहर के 12 बज रहे है। नंबर कम आएगा पता नहीं टोकन भी नहीं मिला है।
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बैंकों के खुलने का समय सुबह 10 बजे का निर्धारित है। लेकिन सोमवार को बैंकों के बाहर खाताधारकों की भीड़ सुबह नौ बजे से ही देखने को मिली। सामाजिक दूरी का पालन बैंक के अंदर तो हुआ लेकिन बाहर जमकर धज्जियां उड़ीं। सबसे खराब स्थिति बैंक आफ बड़ौदा में देखने को मिली। बैंक के गेट, सीढ़ियों और सड़कों पर भीड़ देखने को मिली।
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यहां भीड़ को नियंत्रण में करने के लिए महिला थाना प्रभारी व अन्य पुलिस कर्मियों को बार-बार परेशानी उठानी पड़ी। पुलिस ने सख्ती दिखाकर लोगों को दूर कराया। कुछ को लाठियां पटककर भगाया गया। किसी भी बैंक ने खाताधारकों को सैनिटाइज कराने का काम नहीं किया।
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गांव माल्हेपुर निवासी मान सिंह पंजाब नेशनल बैंक से रुपये निकालने पहुंचे थे। लाइन में लगे मान सिंह ने बताया कि डेढ़ घंटे से धूप में खड़े हैं नंबर कब आएगा पता नहीं। घर में एक रुपया नहीं, रुपये निकालने पर ही घर के लिए अनाज आदि जरूरतों का सामान ले जा सकेंगे। लॉकडाउन के दौरान सरकार से भी किसी तरह की मदद नहीं मिली है।
शहर के मोहल्ला नरायनपुर निवासी बिटोली देवी ने बताया कि लॉकडाउन के बाद से घर में रखा रुपया खर्च किया। अब रुपया न होने पर खाते में आने वाली सब्सिडी का पैसा निकालने आए है। जिससे घर का गुजर बसर हो सके। बताया कि सुबह साढ़े नौ बजे आए थे और दोपहर के 12 बज रहे है। नंबर कम आएगा पता नहीं टोकन भी नहीं मिला है।