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Auraiya News: नकली खाद बेचने वाले गैंग के सदस्य की जमानत खारिज
Sat, 02 May 2026 12:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 02 May 2026 12:34 AM IST
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औरैया। किसानों से खिलवाड़ करने वाले नकली खाद गिरोह के सदस्य योगेश को अदालत से कोई राहत नहीं मिल रही है। बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट विनय प्रकाश सिंह ने गिरोह के सक्रिय सदस्य योगेश उर्फ नीरज चौहान की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शहर निवासी सनी चौहान ने एक संगठित आपराधिक गिरोह बना रखा है, जिसमें योगेश, चरन, सुनील और चीनू सदस्य के तौर पर सक्रिय हैं। यह गैंग नकली खाद तैयार करता था और उसे नामी कंपनियों की बोरियों में भरकर किसानों को बेचता था। 29 अगस्त 2025 को तत्कालीन डीएम के निर्देश पर जब प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने इनके गोदाम पर छापेमारी की, तो वहां भारी मात्रा में नकली खाद और कूटरचित दस्तावेज बरामद हुए थे।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि दिबियापुर के लोहियानगर निवासी योगेश निर्दोष है और वह गिरोह का सरगना नहीं बल्कि केवल एक सामान्य सदस्य बताया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि गैंग चार्ट में दर्ज पिछले मामलों में उसे पहले ही जमानत मिल चुकी है। अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि अभियुक्त अपराधी है। अगर वह बाहर आता है, तो दोबारा अपराध करने की पूरी आशंका है।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश विनय प्रकाश ने पाया कि अभियुक्त के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत राहत देने का कोई ठोस आधार नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियुक्त के खिलाफ दो गंभीर मामले दर्ज हैं और वह गैंग का सक्रिय सदस्य है। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए उसे जेल में ही रखने का आदेश सुनाया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार शहर निवासी सनी चौहान ने एक संगठित आपराधिक गिरोह बना रखा है, जिसमें योगेश, चरन, सुनील और चीनू सदस्य के तौर पर सक्रिय हैं। यह गैंग नकली खाद तैयार करता था और उसे नामी कंपनियों की बोरियों में भरकर किसानों को बेचता था। 29 अगस्त 2025 को तत्कालीन डीएम के निर्देश पर जब प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने इनके गोदाम पर छापेमारी की, तो वहां भारी मात्रा में नकली खाद और कूटरचित दस्तावेज बरामद हुए थे।
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सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि दिबियापुर के लोहियानगर निवासी योगेश निर्दोष है और वह गिरोह का सरगना नहीं बल्कि केवल एक सामान्य सदस्य बताया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि गैंग चार्ट में दर्ज पिछले मामलों में उसे पहले ही जमानत मिल चुकी है। अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि अभियुक्त अपराधी है। अगर वह बाहर आता है, तो दोबारा अपराध करने की पूरी आशंका है।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश विनय प्रकाश ने पाया कि अभियुक्त के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत राहत देने का कोई ठोस आधार नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियुक्त के खिलाफ दो गंभीर मामले दर्ज हैं और वह गैंग का सक्रिय सदस्य है। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए उसे जेल में ही रखने का आदेश सुनाया।