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जागा प्रशासन, डीएम ने फाइल देख ईओ को लगाई फटकार
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28 अप्रैल के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। शहर की सालों पुरानी जलभराव की समस्या को जिलाधिकारी ने संज्ञान में लेते हुए ईओ को तलब का प्रस्ताव की जानकारी ली। लगभग तीन साल पहले तैयार किए गए 19 करोड़ के प्रस्ताव पर जिला प्रशासन की ओर से कोई ध्यान न दिए जाने पर अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाकर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया। जिलाधिकारी ने अब जल्द ही प्रस्ताव शासन को भेजने की बात कही है।
नगर पालिका परिक्षेत्र में लंबे समय से चल रही जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान न होने से हर साल बारिश के मौसम में लोगों को जलभराव की स्थिति का सामना करना पड़ता है। इसलिए पालिका प्रशासन ने वर्ष 2019 में 19 करोड़ 50 लाख 40 हजार रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने के लिए तत्कालीन डीएम को सौंपा था, लेकिन आज तक प्रस्ताव शासन तक पहुंचा नहीं।
इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से 28 अप्रैल के अंक में प्रकाशित किया। खबर छपने के बाद वर्तमान जिलाधिकारी पीसी श्रीवास्तव ने इसे संज्ञान में लिया। जिस पर उन्होंने गुरुवार को ईओ नगर पालिका परिषद बलवीर सिंह को तलब कर प्रस्ताव की जानकारी ली।
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उधर ईओ की ओर से दिखाए गए प्रस्ताव में कई खामियां मिलने पर जिलाधिकारी ने ईओ को डांट लगाई। डीएम ने बताया कि प्रस्ताव में किसी योजना का नाम नहीं है। इसके अलावा भी कई खामियां हैं, इसलिए खामियों को दूर कर नया प्रस्ताव बनाकर देने को कहा। प्रस्ताव के तैयार होते ही इसको स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। जिलाधिकारी द्वारा मामला संज्ञान में लेने से अब जल्द ही शहर के लोगों की जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए रास्ता खुलता दिखाई दे रहा है।
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नगर पालिका परिक्षेत्र में लंबे समय से चल रही जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान न होने से हर साल बारिश के मौसम में लोगों को जलभराव की स्थिति का सामना करना पड़ता है। इसलिए पालिका प्रशासन ने वर्ष 2019 में 19 करोड़ 50 लाख 40 हजार रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने के लिए तत्कालीन डीएम को सौंपा था, लेकिन आज तक प्रस्ताव शासन तक पहुंचा नहीं।
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इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से 28 अप्रैल के अंक में प्रकाशित किया। खबर छपने के बाद वर्तमान जिलाधिकारी पीसी श्रीवास्तव ने इसे संज्ञान में लिया। जिस पर उन्होंने गुरुवार को ईओ नगर पालिका परिषद बलवीर सिंह को तलब कर प्रस्ताव की जानकारी ली।
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उधर ईओ की ओर से दिखाए गए प्रस्ताव में कई खामियां मिलने पर जिलाधिकारी ने ईओ को डांट लगाई। डीएम ने बताया कि प्रस्ताव में किसी योजना का नाम नहीं है। इसके अलावा भी कई खामियां हैं, इसलिए खामियों को दूर कर नया प्रस्ताव बनाकर देने को कहा। प्रस्ताव के तैयार होते ही इसको स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। जिलाधिकारी द्वारा मामला संज्ञान में लेने से अब जल्द ही शहर के लोगों की जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए रास्ता खुलता दिखाई दे रहा है।