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परिषदीय विद्यालयों में छात्रों को मिलेगा शुद्ध पानी
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औरैया। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अब शुद्ध पेयजल मिलेगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग अब साल में दो बार स्कूल परिसर में लगे इंडिया मार्का हैंडपंपों के पानी की गुणवत्ता की जांच कराएगा। इससे विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र संचारी रोगों से दूर रहेंगे। पेयजल की जांच का कार्य अप्रैल माह के अंतिम माह से प्रारंभ कर दिया जाएगा।
जिले में संचालित 1265 परिषदीय विद्यालयों में एक लाख 30 हजार बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन सभी विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय परिसर में हैंडपंप लगे हुए हैं।
इन हैंडपंपों के पानी की जांच नहीं होती है। इस कारण यह पता नहीं लगता है कि बच्चे जो पानी पी रहे हैं। वह पानी शुद्ध है या अशुद्ध। ऐसे में कई बार बच्चे अशुद्ध पानी पीने से संचारी रोगों के चपेट में आ जाते हैं।
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बच्चों को संचारी रोगों से बचाने के लिए शासन एवं शिक्षा विभाग ने साल दो बार परिषदीय विद्यालयों में लगे हैंडपंपों के पानी की जांच कराने का निर्णय लिया है। जांच में नलों का पानी सभी मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो हैंडपंपों को सही कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर रिबोरिंग या उसे दूसरे स्थान पर लगाया जाएगा।
बोले जिम्मेदार
परिषदीय विद्यालयों में स्थापित इंडिया मार्का हैंडपंपों के पानी की जांच कराई जाएगी। इसके लिए पानी की जांच करने वाली टीमें विद्यालयों में जाएगी, जांच रिपोर्ट कार्यालय व सभी विद्यालयों में उपलब्ध रहेंगी। - चंदना राम इकबाल यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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जिले में संचालित 1265 परिषदीय विद्यालयों में एक लाख 30 हजार बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन सभी विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय परिसर में हैंडपंप लगे हुए हैं।
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इन हैंडपंपों के पानी की जांच नहीं होती है। इस कारण यह पता नहीं लगता है कि बच्चे जो पानी पी रहे हैं। वह पानी शुद्ध है या अशुद्ध। ऐसे में कई बार बच्चे अशुद्ध पानी पीने से संचारी रोगों के चपेट में आ जाते हैं।
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बच्चों को संचारी रोगों से बचाने के लिए शासन एवं शिक्षा विभाग ने साल दो बार परिषदीय विद्यालयों में लगे हैंडपंपों के पानी की जांच कराने का निर्णय लिया है। जांच में नलों का पानी सभी मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो हैंडपंपों को सही कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर रिबोरिंग या उसे दूसरे स्थान पर लगाया जाएगा।
बोले जिम्मेदार
परिषदीय विद्यालयों में स्थापित इंडिया मार्का हैंडपंपों के पानी की जांच कराई जाएगी। इसके लिए पानी की जांच करने वाली टीमें विद्यालयों में जाएगी, जांच रिपोर्ट कार्यालय व सभी विद्यालयों में उपलब्ध रहेंगी। - चंदना राम इकबाल यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी