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प्रसव के बाद नवजात की मौत, प्रसूता ने लगाया पिटाई का आरोप
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फोटो12एयूआरपी 15- हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल करती। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। शहर के तिलक नगर मोहल्ला स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार सुबह एक प्रसूता ने एक नवजात को जन्म दिया, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।
नवजात की मौत से परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। प्रसूता ने अस्पताल की नर्सों पर नवजात को पीटकर मार डालने का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच की।
इधर घटना की जानकारी पर सीएमओ ने भी अस्पताल पहुंचकर जांच शुरू की है। कोतवाली पुलिस ने बताया कि उन्हें इस संबंध में किसी के भी खिलाफ पीड़ितों ने कोई तहरीर नहीं दी है।
कोतवाली क्षेत्र के नरोत्तमपुर निवासी मोहिनी पत्नी शैलेश कुमार को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार की रात एक तिलक नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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जहां सुबह करीब चार बजे उसने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन थोड़ी ही देर बाद उसने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत की जानकारी होते ही परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया।
अस्पताल में भर्ती प्रसूता ने बताया कि उसे बच्चा हुआ था, जिसे नर्सों ने पीटकर मार दिया। उधर अस्पताल में हंगामा होने की जानकारी पर पुलिस पहुंची और घटना की जांच की।
घटना के संबंध में अस्पताल प्रशासन ने बताया कि प्रसूता साढ़े सात माह की गर्भवती थी। जिसका सामान्य तरीके से प्रसव कराया गया था, लेकिन समय पूरा न होने के कारण बच्चा कमजोर था, इसलिए उसकी मौत हो गई।
घटना को लेकर प्रसूता के पति शैलेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को सबसे पहले वह 50 शैया अस्पताल पहुंचे। जहां उसे बताया गया कि बच्चा कम समय का है, इसलिए यहां प्रसव नहीं हो पाएगा। इसके बाद आशा उसे लेकर एक निजी अस्पताल पहुंची।
अस्पताल की आशा प्रसूता को निजी अस्पताल में लेकर गई है। इसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही अस्पताल में हुई घटना की जांच में प्रसव के दौरान डॉ.शनि बीएएमएस के अलावा एएनएम मीनू, जीएनएम रश्मी व शालिनी मौजूद बताई गईं हैं। प्रसूता सात माह की गर्भवती थी, ऐसे में समय से पहले प्रसव होने की स्थिति में कभी-कभी इस तरह के मामले हो जाते हैं। लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। - डॉ.अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ, औरैया।
बंद अस्पताल के नाम से संचालित मिली एंबुलेंस
सीएमओ डॉ.अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि नवजात की मौत के बाद प्रसूता को घर भेजने के लिए एक ऐसे अस्पताल के नाम से संचालित एंबुलेंस से प्रसूता को घर भेजा गया है। जो अस्पताल काफी समय से सीज है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन को भी डांट लगाई है। भविष्य में दोबारा गलती न करने की चेतावनी भी दी है।
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नवजात की मौत से परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। प्रसूता ने अस्पताल की नर्सों पर नवजात को पीटकर मार डालने का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच की।
इधर घटना की जानकारी पर सीएमओ ने भी अस्पताल पहुंचकर जांच शुरू की है। कोतवाली पुलिस ने बताया कि उन्हें इस संबंध में किसी के भी खिलाफ पीड़ितों ने कोई तहरीर नहीं दी है।
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कोतवाली क्षेत्र के नरोत्तमपुर निवासी मोहिनी पत्नी शैलेश कुमार को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार की रात एक तिलक नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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जहां सुबह करीब चार बजे उसने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन थोड़ी ही देर बाद उसने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत की जानकारी होते ही परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया।
अस्पताल में भर्ती प्रसूता ने बताया कि उसे बच्चा हुआ था, जिसे नर्सों ने पीटकर मार दिया। उधर अस्पताल में हंगामा होने की जानकारी पर पुलिस पहुंची और घटना की जांच की।
घटना के संबंध में अस्पताल प्रशासन ने बताया कि प्रसूता साढ़े सात माह की गर्भवती थी। जिसका सामान्य तरीके से प्रसव कराया गया था, लेकिन समय पूरा न होने के कारण बच्चा कमजोर था, इसलिए उसकी मौत हो गई।
घटना को लेकर प्रसूता के पति शैलेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को सबसे पहले वह 50 शैया अस्पताल पहुंचे। जहां उसे बताया गया कि बच्चा कम समय का है, इसलिए यहां प्रसव नहीं हो पाएगा। इसके बाद आशा उसे लेकर एक निजी अस्पताल पहुंची।
अस्पताल की आशा प्रसूता को निजी अस्पताल में लेकर गई है। इसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही अस्पताल में हुई घटना की जांच में प्रसव के दौरान डॉ.शनि बीएएमएस के अलावा एएनएम मीनू, जीएनएम रश्मी व शालिनी मौजूद बताई गईं हैं। प्रसूता सात माह की गर्भवती थी, ऐसे में समय से पहले प्रसव होने की स्थिति में कभी-कभी इस तरह के मामले हो जाते हैं। लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। - डॉ.अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ, औरैया।
बंद अस्पताल के नाम से संचालित मिली एंबुलेंस
सीएमओ डॉ.अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि नवजात की मौत के बाद प्रसूता को घर भेजने के लिए एक ऐसे अस्पताल के नाम से संचालित एंबुलेंस से प्रसूता को घर भेजा गया है। जो अस्पताल काफी समय से सीज है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन को भी डांट लगाई है। भविष्य में दोबारा गलती न करने की चेतावनी भी दी है।

फोटो12एयूआरपी 16- मामला तूल पकड़ता देख अस्पताल से बाहर निकली प्रसूता। संवाद- फोटो : AURAIYA