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निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिरा, मजदूर की दबकर मौत
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25एयूआरपी 30 - संजीव (फाइल फोटो)
- फोटो : AURAIYA
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अछल्दा (औरैया)। थाना क्षेत्र के गुनौली गांव में निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिरने से मजदूर की दबकर मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
अछल्दा थाना क्षेत्र के ग्राम गुनौली में कल्याण सिंह के मकान का निर्माण चल रहा है। गुरुवार को लेंटर डालते समय अचानक शटरिंग गिरने लगी।
इस पर श्रमिक संजीव (30) शटरिंग में लगी बल्ली को ठीक करने लगा तभी अचानक से पूरा लेंटर उस पर आ गिरा। लेंटर गिरते ही गांव में अफरातफरी मच गई।
आनन-फानन में गांव के लोगों ने मलबे में दबे मजदूर को बाहर निकाला और उसे अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टर ने उसे परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया।
संजीव की मौत के बाद पत्नी का रो रोकर बुरा हाल है। अछल्दा थाना प्रभारी तारिक खान ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है
दो महीने पहले हुई थी भाई की मौत
मृतक श्रमिकका भाई अवधेश भी मजदूरी करता था। दो महीने पहले एक हादसे के बाद वह बीमार पड़ गया और फिर मौत हो गई। रिश्तेदार भाई का त्योहार उठाने के लिए गांव पहुंच रहे थे। कि दूसरे की भी मौत हो गई। घर में कोई कमाने वाला नहीं है।
शटरिंग लगाने में बरती गई बड़ी लापरवाही
मकान पर काम करने वाले श्रमिकों की माने तो दो कमरे में लगी शटरिंग में एंगल व बल्लियों का प्रयोग न के बराबर किया गया। सिर्फ एक ही जगह पर बल्ली लगाई गई। इस कारण लेंटर का बोझ बल्लियों पर पड़ते ही झुक गया और पूरा लेंटर मजदूर के ऊपर आ गिरा। इस कारण मजदूर को अपनी जान गंवानी पड़ी।
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अछल्दा थाना क्षेत्र के ग्राम गुनौली में कल्याण सिंह के मकान का निर्माण चल रहा है। गुरुवार को लेंटर डालते समय अचानक शटरिंग गिरने लगी।
इस पर श्रमिक संजीव (30) शटरिंग में लगी बल्ली को ठीक करने लगा तभी अचानक से पूरा लेंटर उस पर आ गिरा। लेंटर गिरते ही गांव में अफरातफरी मच गई।
आनन-फानन में गांव के लोगों ने मलबे में दबे मजदूर को बाहर निकाला और उसे अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टर ने उसे परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया।
संजीव की मौत के बाद पत्नी का रो रोकर बुरा हाल है। अछल्दा थाना प्रभारी तारिक खान ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है
दो महीने पहले हुई थी भाई की मौत
मृतक श्रमिकका भाई अवधेश भी मजदूरी करता था। दो महीने पहले एक हादसे के बाद वह बीमार पड़ गया और फिर मौत हो गई। रिश्तेदार भाई का त्योहार उठाने के लिए गांव पहुंच रहे थे। कि दूसरे की भी मौत हो गई। घर में कोई कमाने वाला नहीं है।
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शटरिंग लगाने में बरती गई बड़ी लापरवाही
मकान पर काम करने वाले श्रमिकों की माने तो दो कमरे में लगी शटरिंग में एंगल व बल्लियों का प्रयोग न के बराबर किया गया। सिर्फ एक ही जगह पर बल्ली लगाई गई। इस कारण लेंटर का बोझ बल्लियों पर पड़ते ही झुक गया और पूरा लेंटर मजदूर के ऊपर आ गिरा। इस कारण मजदूर को अपनी जान गंवानी पड़ी।

25एयूआरपी 31 - रोते बिलखते परिजन।- फोटो : AURAIYA
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