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जल्द किसानों के खेतों पर मंडराते मिलेंगे ड्रोन
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फफूंद। जिले में जल्द खेतों पर ड्रोन मंडराते नजर आएंगे। ड्रोन के जरिए खेतों पर तरल नैनो यूरिया खाद का छिड़काव होगा। एक एकड़ में खाद का छिड़काव करने में केवल सात मिनट लगेंगे। यह प्रक्रिया कानपुर मंडल में सबसे पहले औरैया में शुरू होगी। इफ्को व कृषि विज्ञान केंद्र ने ड्रोन का प्रशिक्षण लेने के लिए लोगों को भेजने की कवायद भी शुरू कर दी है। प्रशिक्षित लोगों को जल्द सरकार द्वारा अनुदान पर ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे। मार्च के बाद अगली फसल से किसानों के खेतों पर ड्रोन से खाद का छिड़काव चालू हो जाएगा।
कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा के प्रभारी व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि तरल नैनो यूरिया स्वदेशी और बहुत फायदेमंद है। यह फसल उत्पादन के क्षेत्र में क्रांति लाएगी। ड्रोन के जरिए एक एकड़ खेत में बमुश्किल सात से आठ मिनट में ही इसका छिड़काव हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए गोष्ठियों के जरिए लोगों को जानकारी दी जा रही है। जिले के किसान जल्द ड्रोन से खाद का छिड़काव होता देखने को उत्सुक हैं।
इफ्को के प्रबंधक प्रेमराज शर्मा ने बताया कि फिलहाल तरल नैनो यूरिया के छिड़काव के लिए पावर स्प्रे मशीन का उपयोग किया जा रहा है। जल्द ड्रोन से छिड़काव का कार्य भी शुरू होगा। जिले से फफूंद निवासी मोहित शर्मा का नाम ड्रोन प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। इनको 21 से 28 जनवरी तक फूलपुर प्रयागराज स्थित इफ्को संयंत्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद फरवरी में भी और लोगों प्रशिक्षण के लिए जाएंगे। मार्च माह से ही प्रशिक्षित किसानों को अनुदान पर ड्रोन उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
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छिड़काव के लिए मुफ्त मिलेगी पावर स्प्रे मशीन
खेतों में तरल नैनो यूरिया के छिड़काव के लिए पावर स्प्रे मशीन किसानों को जल्द ही मुफ्त मिलने लगेगी। किसान इस मशीन को नजदीक की सहकारी समिति से निशुल्क ले सकेंगे। इफ्को के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रेमराज शर्मा ने बताया कि जिले में फिलहाल 50 पावर स्प्रे मशीन आ चुकी हैं। 50 अगले सप्ताह आ जाएंगी।
सात लाख का होगा ड्रोन
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि अभी बिधूना में तमिलनाडु की एक कंपनी द्वारा तैयार किए गए ड्रोन के जरिये दवा और कीटनाशकों के छिड़काव के बारे में जानकारी दी गई थी। तरल नैनो यूरिया के छिड़काव के लिए इफ्को द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा ड्रोन दूसरे ड्रोनों से बहुत उन्नत किस्म का बताया गया है। इसकी अनुमानित कीमत करीब सात लाख रुपये है और यह सरकार की ओर से अनुदान पर उपलब्ध होगा।
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कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा के प्रभारी व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि तरल नैनो यूरिया स्वदेशी और बहुत फायदेमंद है। यह फसल उत्पादन के क्षेत्र में क्रांति लाएगी। ड्रोन के जरिए एक एकड़ खेत में बमुश्किल सात से आठ मिनट में ही इसका छिड़काव हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए गोष्ठियों के जरिए लोगों को जानकारी दी जा रही है। जिले के किसान जल्द ड्रोन से खाद का छिड़काव होता देखने को उत्सुक हैं।
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इफ्को के प्रबंधक प्रेमराज शर्मा ने बताया कि फिलहाल तरल नैनो यूरिया के छिड़काव के लिए पावर स्प्रे मशीन का उपयोग किया जा रहा है। जल्द ड्रोन से छिड़काव का कार्य भी शुरू होगा। जिले से फफूंद निवासी मोहित शर्मा का नाम ड्रोन प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। इनको 21 से 28 जनवरी तक फूलपुर प्रयागराज स्थित इफ्को संयंत्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद फरवरी में भी और लोगों प्रशिक्षण के लिए जाएंगे। मार्च माह से ही प्रशिक्षित किसानों को अनुदान पर ड्रोन उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
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छिड़काव के लिए मुफ्त मिलेगी पावर स्प्रे मशीन
खेतों में तरल नैनो यूरिया के छिड़काव के लिए पावर स्प्रे मशीन किसानों को जल्द ही मुफ्त मिलने लगेगी। किसान इस मशीन को नजदीक की सहकारी समिति से निशुल्क ले सकेंगे। इफ्को के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रेमराज शर्मा ने बताया कि जिले में फिलहाल 50 पावर स्प्रे मशीन आ चुकी हैं। 50 अगले सप्ताह आ जाएंगी।
सात लाख का होगा ड्रोन
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि अभी बिधूना में तमिलनाडु की एक कंपनी द्वारा तैयार किए गए ड्रोन के जरिये दवा और कीटनाशकों के छिड़काव के बारे में जानकारी दी गई थी। तरल नैनो यूरिया के छिड़काव के लिए इफ्को द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा ड्रोन दूसरे ड्रोनों से बहुत उन्नत किस्म का बताया गया है। इसकी अनुमानित कीमत करीब सात लाख रुपये है और यह सरकार की ओर से अनुदान पर उपलब्ध होगा।