फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   auraiya news

कोहरे और ठंड से गेहूं की फसल को मिली संजीवनी

Mon, 10 Jan 2022 12:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jan 2022 12:00 AM IST
विज्ञापन
auraiya news
फोटो09 एयूआरपी 11- सहायल क्षेत्र में खड़ी आलू की फसल । संवाद - फोटो : AURAIYA
औरैया। मौसम में बदलाव का पूरा असर रविवार को भी देखने को मिला। बीते चार दिनों से सूर्य के दर्शन नहीं हुए। बारिश भी हुई। रविवार को भगवान सूर्य देव बादलों में लुकाछिपी का खेल खेलते रहे। किसानों का कहना है कि इस बारिश से गेहूं की फसल को संजीवनी मिली है, लेकिन सरसों, आलू सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। रविवार को न्यूनतम तापमान 13 व अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
विज्ञापन

बीते चार दिनों से बारिश, गलन और सर्द हवाओं ने मौसम बदल दिया है। इससे गेहूं की फसल को तो लाभ पहुंचा है, लेकिन आलू में झुलसा रोग का असर दिखने लगा है। सरसों, टमाटर, मिर्च, मटर आदि की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। बारिश के कारण फूल गिर गए हैं। जिससे इनके पैदावार पर विपरीत असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
विज्ञापन

कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा के प्रभारी व मौसम वैज्ञानिक डॉ.अनंत कुमार ने बताया कि नर्सरी में लगने वाले पौधों पर टाट और पुआल बिछाकर या खेतों के किनारों पर धुआं जलाकर पाला और गलन से किसान उनकी रक्षा कर सकते हैं। बारिश से छोटे पौधों की कोशिकाओं में पानी जमने का खतरा भी बढ़ गया है। जिसे 500 पीपीएम थायो यूरिया का छिड़काव करके दूर किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सोमवार से मौसम के खुलने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान बोले
अगर बारिश नहीं हुई होती तो गेहूं की फसल को इस बार काफी नुकसान पहुंचता। लेकिन असमय हुई बारिश किसानों के लिए संजीवनी साबित हुई। - जयपाल सिंह, शहबदिया
एक बार की बारिश से आलू की खेतों को बहुत नुकसान नहीं हुआ है। अगर पाला पड़ना शुरू हुआ तो झुलसा रोग लगेगा और तब बहुत नुकसान होगा। - कमलेश उपाध्याय, अलीपुर
सरसों और मटर की फसल पर बेमौसम हुई बारिश और तेज हवाओं से काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में जो भी दाना था वह आधे से भी अधिक खेतों में गिर गया है। - मुकेश बाबू, हैदरपुर

बारिश और तेज हवाओं के कारण सरसों को फूल गिरे हैं। ऐसे में जिन किसानों ने सरसों की अगेती खेती की है उनको काफी नुकसान हुआ है। - अनूप कुमार, हैदरपुर
सर्दी से ठिठुरे लोग, अलाव का रहा सहारा
अजीतमल संवाद के अनुसार रुक-रुक कर हो रही बारिश व लगातार छाई बदली तथा चल रही सर्द हवाओं के चलते लोग बुरी तरह कंपकंपाते रहे। रविवार की सुबह से ही बदली छाई रही और बूंदाबांदी होती रही। जिसके चलते सड़कों पर सन्नाटा रहा। सर्दी से बचने के लिए लोगों को नगर पंचायत द्वारा जलाए गए जगह -जगह अलाव ही सहारा रहे। सीएचसी अजीतमल में इमरजेंसी एवं जच्चा-बच्चा मरीज के साथ तीमारदार सर्दी से कांपते देखे गए। सीएचसी परिसर में तीमारदार अलाव तापते नजर आए। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अवनीश कुमार ने बताया कि इस समय सबसे ज्यादा बच्चों एवं बुजुर्गों का ख्याल रखना है। ठंडी चीजों से बचें, गर्म खाना ही उपयोग में लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed