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निजी अस्पतालों में नहीं अग्निशमन की एनओसी

Mon, 13 Dec 2021 11:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 13 Dec 2021 11:48 PM IST
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auraiya news
औरैया। जिले में 25 नर्सिंग होम व 23 क्लीनिकों का संचालन किया जा रहा है। विभाग ने भले ही रेवड़ी के तरह लाइसेंस जारी कर दिए हो, लेकिन अधिकांश मानक विहीन हैं। किसी के पास फायर विभाग की एनओसी नहीं है। पंजीकरण में दर्शाए गए डॉक्टरों का दूर-दूर तक पता नहीं है। ऐसे में अब शासन स्तर से कोरोना की तीसरी लहर को लेकर सख्ती के निर्देश दिए गए हैं। जिस पर अब स्वास्थ्य विभाग मानक विहीन अस्पतालों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है। जल्द ही बैठक कर टीम बनाई जाएगी। जो अस्पतालों का मानक परखेगी। अनदेखी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।
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कोरोना की तीसरी लहर को लेकर शासन गंभीर है। वह ऐसे अस्पतालों को चिह्नित कर संचालन करने के निर्देश दे रहा है, जिनसे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिले और कोरोना की संभावित लहर से निपटने में कारगर हो। इसके लिए शासन से कुछ नियमों में फेरबदल भी किया गया है। हालांकि इसकी जिले स्तर पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मॉनिटरिंग करेगा। नए वित्तीय वर्ष में बदले जा रहे नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाना है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जिला प्रशासन की देखरेख में एक कमेटी गठित की जानी है, जो निजी अस्पतालों के मानकों को परखेगी।
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कोरोना काल में खूब की लूट
जिले के अस्पतालों ने कोरोना काल में मरीजों से इलाज के नाम पर खूब लूट की। तमाम मरीज इलाज के अभाव में मर गए। इसकी शिकायतें भी हुईं, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इतना ही नहीं इन अस्पतालों को मानक में संचालन करने के निर्देश दिए गए, इसके बाद भी पालन नहीं किया गया।
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इन मानकों पर करना होगा अस्पताल का संचालन
- एमबीबीएस डॉक्टर होंगे तो एलोपैथिक इलाज होगा
- बीएमएस डॉक्टर होंगे तो आयुर्वेद पद्धति से इलाज होगा
- अस्पताल के पंजीयन में लगे डॉक्टर ही कर सकेंगे इलाज
- बायोमेडिकल वेस्ट कचरे के लिए उचित प्रबंध करना होगा
- 30 बेड के साथ फार्मेसी, ब्लडबैंक, पर्यावरण प्रमाण पत्र जरूरी होगा
- प्रशिक्षित स्टाफ के साथ 400 वर्ग फीट का ऑपरेशन थिएटर होना चाहिए
एनओसी के लिए लिख चुके कई बार पत्र
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों का पंजीयन किया जाता है। कई अस्पताल जिले में ऐसे है जो मानकों की अनदेखी कर रहे है। अस्पताल प्रशासन की ओर से फायर संबंधी मानकों को पूरा नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में कई बार सीएमओ को पत्र लिखा जा चुका है। दो अस्पतालों ने एनओसी ले रखी है। - प्रतीक श्रीवास्तव, सीएफओ
अब अनदेखी करने वालों पर होगी कार्रवाई
अस्पतालों के मानकों को लेकर लगातार शासन से मॉनिटरिंग होती है। जो भी अस्पताल मानकों की अनदेखी कर चल रहे हैं, इसकी जानकारी सीएमओ से कराई जाएगी। यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो कार्रवाई होगी। - रेखा एस चौहान, एडीएम प्रशासन

मानक विहीन अस्पतालों का निरस्त होगा पंजीयन
जिले में पंजीकृत अस्पतालों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। जो डॉक्टर पंजीकरण में लगे हैं, अब वही इलाज कर सकेंगे। जहां पर मानकों की अनदेखी की जा रही है, इसके लिए टीम निरीक्षण कर हकीकत परखेगी। खामियां मिली तो पंजीयन निरस्त होगा।
- डॉ. अर्चना श्रीवास्तव सीएमओ
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