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धोखाधड़ी कर बेची सुपारी, बिक्री के रुपये के साथ दो गिरफ्तार
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फोटो08एयूआरपी 35- पुलिस व स्वॉट टीम की गिरफ्त में दो आरोपी व जानकारी देते एसपी अभिषेक वर्मा। संवाद
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। गुवाहाटी से 20 नवंबर को सुपाड़ी लादकर दिल्ली के लिए निकला ट्रक बीच रास्ते में गायब हो गया। सुपारी व्यवसायी ट्रक के मालिक का पता करते औरैया आ पहुंचा। यहां पर उसने एसपी को पूरी घटना बताई। सक्रिय हुई पुलिस ने एरवाकटरा थाना क्षेत्र से चालक व परिचालक को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके पास से बेची गई सुपाड़ी के 73 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। दोनों को पुलिस ने जेल भेजा है।
एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि पांच दिसंबर को महाराष्ट्र के श्याम कुटीर पावर ग्रिड चौक के पास जरीपटकी नागपुर शहर निवासी जसवीर सिंह पुत्र सरदार सिंह ने शिकायत की थी कि उनकी ट्रांसपोर्ट कंपनी श्रीश्याम कोरियर गुवाहाटी से 20 नवंबर को एक ट्रक 560 बोरी (28 टन) सुपाड़ी लादकर दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। ट्रक को चालक सचिन प्रताप सिंह निवासी नगला कसान थाना एरवाकटरा व सह चालक राकेश पाल उर्फ सीलेश निवासी गांव बगीया हार थाना सौरिख जिला कन्नौज लेकर निकले थे। जिन्होंने 26 नवंबर को औरैया जिले के थाना एरवाकटरा कसबा स्थित अपने घर लाकर ट्रक खड़ा कर लिया था। इस बीच सुपाड़ी मालिक की 28 नवंबर को बात हुई। जिस पर चालक ने तबीयत खराब होने की बात कहते हुए कहा कि गाड़ी दूसरे चालक के हाथों भेजेगा। 30 नवंबर को गाड़ी चालक ने जसवीर को फोन करके सुपाड़ी लदी गाड़ी के गाजियाबाद पहुंचने की जानकारी दी। गाजियाबाद पहुंचने पर ट्रक चालक से संपर्क टूट गया और लगातार उसका फोन बंद आने लगा। इससे परेशान व्यापारी अगले दिन औरैया आ गया। मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इधर एसपी ने स्वॉट टीम और एरवाकटरा पुलिस को दोनों (चालक-परिचालक) का पता लगाने के निर्देश दिए।
बुधवार को लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे के पुल के नीचे सर्विस रोड के पास से पुलिस ने गिरफ्तार किया। कड़ाई से पूछताछ में दोनों टूट गए और सुपाड़ी बेचने की बात कबूल की। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने चार लाख रुपये की नकदी बरामद की। साथ ही चालक के घर से एक कमरे में जमा भूसे के ढेर से 69 लाख 50 हजार रुपये समेत कुल 73 लाख 50 हजार रुपये की नकदी बरामद की।
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पूछताछ में दोनों ने बताया कि फर्रुखाबाद जिले के थाना मोहम्मदाबाद के गांव सहापुर निवासी रिश्तेदार शिवभान सिंह से मिले। उनके माध्यम से राजीव राठौर निवासी गांव सहापुर फर्रुखाबाद व सिविल लाइन न्यू जजेस कॉलोनी फर्रुखाबाद व शरद यादव उर्फ कृष्णोत्र यादव ने चार लाख रुपये कमीशन की बात पर सुपारी बिकवाने की बात तय की। इस पर दोनों कमीशन एजेंटों ने मेरापुरा जिला फर्रुखाबाद के गांव खलबारा हाल निवास बौद्ध बिहार दिल्ली निवासी अवधेश यादव से 78 लाख रुपये में सौदा तय कराया था। जिसमें 48 लाख रुपये एडवांस व शेष रुपये माल की डिलीवरी देने पर मिल गए थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया है। एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की है।
ट्रक मालिक समेत अन्य की तलाश तेज
धोखाधड़ी कर बेची गई लाखों रुपये कीमत की सुपाड़ी के मामले में पुलिस को ट्रक मालिक व चालक सचिन के भाई मनीष प्रताप सिंह की सरगर्मी से तलाश है। इसके साथ ही सुपाड़ी खरीदने वालों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें दबिश देने में लगी हुईं हैं। इस मामले में पुलिस ने जांच के दौरान साजिश में शामिल सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि पांच दिसंबर को महाराष्ट्र के श्याम कुटीर पावर ग्रिड चौक के पास जरीपटकी नागपुर शहर निवासी जसवीर सिंह पुत्र सरदार सिंह ने शिकायत की थी कि उनकी ट्रांसपोर्ट कंपनी श्रीश्याम कोरियर गुवाहाटी से 20 नवंबर को एक ट्रक 560 बोरी (28 टन) सुपाड़ी लादकर दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। ट्रक को चालक सचिन प्रताप सिंह निवासी नगला कसान थाना एरवाकटरा व सह चालक राकेश पाल उर्फ सीलेश निवासी गांव बगीया हार थाना सौरिख जिला कन्नौज लेकर निकले थे। जिन्होंने 26 नवंबर को औरैया जिले के थाना एरवाकटरा कसबा स्थित अपने घर लाकर ट्रक खड़ा कर लिया था। इस बीच सुपाड़ी मालिक की 28 नवंबर को बात हुई। जिस पर चालक ने तबीयत खराब होने की बात कहते हुए कहा कि गाड़ी दूसरे चालक के हाथों भेजेगा। 30 नवंबर को गाड़ी चालक ने जसवीर को फोन करके सुपाड़ी लदी गाड़ी के गाजियाबाद पहुंचने की जानकारी दी। गाजियाबाद पहुंचने पर ट्रक चालक से संपर्क टूट गया और लगातार उसका फोन बंद आने लगा। इससे परेशान व्यापारी अगले दिन औरैया आ गया। मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इधर एसपी ने स्वॉट टीम और एरवाकटरा पुलिस को दोनों (चालक-परिचालक) का पता लगाने के निर्देश दिए।
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बुधवार को लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे के पुल के नीचे सर्विस रोड के पास से पुलिस ने गिरफ्तार किया। कड़ाई से पूछताछ में दोनों टूट गए और सुपाड़ी बेचने की बात कबूल की। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने चार लाख रुपये की नकदी बरामद की। साथ ही चालक के घर से एक कमरे में जमा भूसे के ढेर से 69 लाख 50 हजार रुपये समेत कुल 73 लाख 50 हजार रुपये की नकदी बरामद की।
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पूछताछ में दोनों ने बताया कि फर्रुखाबाद जिले के थाना मोहम्मदाबाद के गांव सहापुर निवासी रिश्तेदार शिवभान सिंह से मिले। उनके माध्यम से राजीव राठौर निवासी गांव सहापुर फर्रुखाबाद व सिविल लाइन न्यू जजेस कॉलोनी फर्रुखाबाद व शरद यादव उर्फ कृष्णोत्र यादव ने चार लाख रुपये कमीशन की बात पर सुपारी बिकवाने की बात तय की। इस पर दोनों कमीशन एजेंटों ने मेरापुरा जिला फर्रुखाबाद के गांव खलबारा हाल निवास बौद्ध बिहार दिल्ली निवासी अवधेश यादव से 78 लाख रुपये में सौदा तय कराया था। जिसमें 48 लाख रुपये एडवांस व शेष रुपये माल की डिलीवरी देने पर मिल गए थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया है। एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की है।
ट्रक मालिक समेत अन्य की तलाश तेज
धोखाधड़ी कर बेची गई लाखों रुपये कीमत की सुपाड़ी के मामले में पुलिस को ट्रक मालिक व चालक सचिन के भाई मनीष प्रताप सिंह की सरगर्मी से तलाश है। इसके साथ ही सुपाड़ी खरीदने वालों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें दबिश देने में लगी हुईं हैं। इस मामले में पुलिस ने जांच के दौरान साजिश में शामिल सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।