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ओमिक्रॉन की दस्तक के बावजूद अभी नहीं चेत रहे
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फोटो 05एयूआरपी28- बिना मास्क लगाए ट्रेन से उतरकर प्लेटफार्म से बाहर निकलते यात्री
- फोटो : AURAIYA
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दिबियापुर (औरैया)। कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के सामने आने के बाद दुनिया भर में हड़कंप मचा है। देश में भी इस वैरिएंट के संक्रमित चार केस मिलने के बाद तीसरी लहर की आशंका प्रबल हो गई है, लेकिन जिले में लोगों में बेफिक्री देखकर समझा जा सकता है कि वे कतई गंभीर नहीं हैं। सार्वजनिक स्थलों पर सतर्कता न के बराबर है। प्रमुख रेलवे स्टेशन फफूंद से प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री आवागमन करते हैं। इसके बावजूद यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग तक नहीं हो रही है। यात्री मास्क का भी इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही हाल बस अड्डा, अति व्यस्त बाजारों का भी है। उधर, रेल प्रशासन के अनुसार अभी तक यात्रियों के लिए कोई प्रोटोकाल जारी नहीं हुआ है। हालांकि स्टेशन पर बार-बार एनाउंस करके यात्रियों को मास्क लगाने के लिए ताकीद की जा रही है।
रेलवे स्टेशन पर घुसते समय कोई रोक-टोक नहीं
कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर के दौरान रेलवे स्टेशन के एंट्री प्वाइंट पर ही हाथों को सैनिटाइज कर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाती रही। अब फिलहाल ऐसी को कोई व्यवस्था नहीं है। बिना मास्क के यात्री धड़ल्ले से घुसते नजर आते हैं।
प्लेटफार्म पर सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं
कोरोना संक्रमण के दौरान ट्रेन से प्लेटफार्म पर उतरते समय यात्रियों को सामाजिक दूरी का पालन करना होता था। यात्री निश्चित दूरी बनाकर खड़े रहते थे। इस दौरान बारी-बारी से सभी की थर्मल स्क्रीनिंग होती थी। इसका रिकार्ड भी रजिस्टर में दर्ज किया जाता था। अब कोई रोकने-टोकने वाला भी नहीं है।
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बच्चे तो बच्चे, बड़े भी बड़े बेपरवाह
ज्यादातर लोगों ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा लीं हैं। लेकिन बच्चों को अभी तक वैक्सीन नहीं लगी है। यात्रा के दौरान बच्चों की धमाचौकड़ी के बीच अभिभावक भी इस तरफ से निश्चिंत हैं। बच्चे बिना मास्क के ही अभिभावकों के साथ यात्रा करते नजर आए।
बिना मास्क के सफर का आनंद कहीं न पड़ जाए भारी
ट्रेनों में आरक्षित सीट पर बिना मास्क के यात्रा करना भी निषेध है। इसके बावजूद यात्री बिना मास्क के ट्रेन में दरवाजे पर खड़े होकर यात्रा करते नजर आए।
बाहर से आने वालों की कराई जाती है जांच
जिले में विदेशों से आने वालों की सूची समय-समय पर उपलब्ध कराई जाती है। अब तक कुल बाहर से आने वाले 16 लोगों की जांच कराई जा चुकी है। पिछले दिनों चार लोगों की कोरोना जांच भी कराई गई थी। हालांकि वह सभी नेगेटिव आए थे। सभी को मास्क अवश्य इस्तेमाल करना चाहिए। डा.शिशिर पुरी (एसीएमओ) जिला सर्विलांस अधिकारी
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रेलवे स्टेशन पर घुसते समय कोई रोक-टोक नहीं
कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर के दौरान रेलवे स्टेशन के एंट्री प्वाइंट पर ही हाथों को सैनिटाइज कर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाती रही। अब फिलहाल ऐसी को कोई व्यवस्था नहीं है। बिना मास्क के यात्री धड़ल्ले से घुसते नजर आते हैं।
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प्लेटफार्म पर सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं
कोरोना संक्रमण के दौरान ट्रेन से प्लेटफार्म पर उतरते समय यात्रियों को सामाजिक दूरी का पालन करना होता था। यात्री निश्चित दूरी बनाकर खड़े रहते थे। इस दौरान बारी-बारी से सभी की थर्मल स्क्रीनिंग होती थी। इसका रिकार्ड भी रजिस्टर में दर्ज किया जाता था। अब कोई रोकने-टोकने वाला भी नहीं है।
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बच्चे तो बच्चे, बड़े भी बड़े बेपरवाह
ज्यादातर लोगों ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा लीं हैं। लेकिन बच्चों को अभी तक वैक्सीन नहीं लगी है। यात्रा के दौरान बच्चों की धमाचौकड़ी के बीच अभिभावक भी इस तरफ से निश्चिंत हैं। बच्चे बिना मास्क के ही अभिभावकों के साथ यात्रा करते नजर आए।
बिना मास्क के सफर का आनंद कहीं न पड़ जाए भारी
ट्रेनों में आरक्षित सीट पर बिना मास्क के यात्रा करना भी निषेध है। इसके बावजूद यात्री बिना मास्क के ट्रेन में दरवाजे पर खड़े होकर यात्रा करते नजर आए।
बाहर से आने वालों की कराई जाती है जांच
जिले में विदेशों से आने वालों की सूची समय-समय पर उपलब्ध कराई जाती है। अब तक कुल बाहर से आने वाले 16 लोगों की जांच कराई जा चुकी है। पिछले दिनों चार लोगों की कोरोना जांच भी कराई गई थी। हालांकि वह सभी नेगेटिव आए थे। सभी को मास्क अवश्य इस्तेमाल करना चाहिए। डा.शिशिर पुरी (एसीएमओ) जिला सर्विलांस अधिकारी