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बुढ़ापा जीवन का सत्य, अपने ही बनते सहारा- राज्यपाल

Fri, 30 Jul 2021 12:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 30 Jul 2021 12:24 AM IST
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फोटो-29एयूआरपी-43- औरैया में वृद्धाश्रम के लिए उपहार भेंट करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। संवाद - फोटो : AURAIYA
औरैया। बुढ़ापा जीवन का सत्य है, जीवन के इस पड़ाव में अपने ही सहारा बनते हैं। यह बात जिले के आनेपुर स्थित वृद्धाश्रम पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कही।
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इस दौरान उन्होंने कहा कि हर किसी के माता-पिता बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार इसलिए देते हैं कि वह परिवार और समाज के मददगार बनें। लेकिन बुढ़ापे की अवस्था में आते ही कुछ नासमझ बच्चे अपनी राह से भटक जाते हैं। जिस कारण वृद्ध माता-पिता को भटकना पड़ता है। राज्यपाल की ये बातें सुनकर वृद्धाश्रम में रह रहे लोगों की आंखें नम हो गईं।
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गुरुवार को सुबह 10 बजे राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ऑक्सफोर्ड शिक्षा प्रसार संस्थान द्वारा आनेपुर में संचालित माधव हैप्पी ओल्ड एज होम में वृद्धजनों का हाल चाल लेने पहुंची। यहां पर डीएम सुनील कुमार वर्मा और एसपी अपर्णा गौतम समेत प्रशासनिक अधिकारी पहले से मौजूद थे। यहां वृद्धजनों को आशीर्वाद और उपयोगी वस्तु वितरण कार्यक्रम था। यहां पहुंचने पर राज्यपाल ने आश्रम में रह रहे लोगों का हाल चाल जाना और उनके उपयोग में आने वाली फ्रिज, वाशिंग मशीन, सिलाई मशीन, टीवी भेंट की। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान वृद्धजनों ने नृत्य कर माहौल खुशनुमा कर दिया। करीब 20 मिनट रुकने के बाद वह दिबियापुर गेल गेस्ट हाउस रवाना हुईं।
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टीबी रोग से पीड़ित बच्चों की सीएमओ से ली जानकारी
औरैया। राज्यपाल ने गेल दिबियापुर पहुंच कर सीएमओ डॉ अर्चना श्रीवास्तव से क्षय रोग से ग्रसित बच्चों के बारे में जानकारी ली। जिस पर सीएमओ ने बताया कि एक अप्रैल 2021 से 27 जुलाई 2021 तक कुल 61 टीबी रोगियों को गोद लिया गया है। जिसमें जायंट्स ग्रुप ऑफ़ औरैया द्वारा 20, संवेदना ग्रुप औरैया द्वारा 10, आईएमए द्वारा पांच एवं जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा 26 बच्चे गोद लिए गए हैं। इस पर राज्यपाल ने कहा कि जिले में अभियान चलाकर टीबी से ग्रसित बच्चों को चिह्नित कर गोद लिया जाए और उनके पालन-पोषण व शिक्षा की व्यवस्था की जाए।
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