{"_id":"60c2564e8ebc3e9a220274c7","slug":"auraiya-news-auraiya-news-knp633420333","type":"story","status":"publish","title_hn":"गेहूं खरीद में फर्जीवाड़ा, एक केंद्र प्रभारी समेत तीन पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गेहूं खरीद में फर्जीवाड़ा, एक केंद्र प्रभारी समेत तीन पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट
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बिधूना (औरैया)। दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा और खरीद केंद्र प्रभारियों की मिलीभगत से सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने वालों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। गेहूं खरीद में हुई घपलेबाजी की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद अधिकारी हरकत में आए हैं। अधिकारियों ने गुरुवार को एक केंद्र प्रभारी समेत तीन पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। एक मामले में फल का ठेला लगाने वाले को फर्जी दस्तावेजों से किसान बताकर गेहूं बेचा गया।
जिले में बड़े पैमाने पर गेहूं खरीद में घपलेबाजी की गई। अफसरों की अनदेखी के चलते गेहूं केंद्र के प्रभारियों ने आढ़तियों से सांठगांठ कर सैकड़ों क्विंटल गेहूं सरकारी दर पर बेच डाला। बिधूना, सहार और अछल्दा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर फर्जी तरह से गेहूं खरीद किए जाने की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई थी। इस मामले में मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में जिले के अफसरों को जमकर लताड़ लगाई थी। इसके बाद हरकत में आए अफसरों ने पड़ताल शुरू की तो घपलेबाजी खुलकर सामने आने लगी।
गुरुवार को भारतीय खाद्य निगम के जिला प्रभारी सुनील कुमार ने बेला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि सहार गेहूं खरीद केंद्र पर किसान करन सिंह के नाम 95 क्विंटल गेहूं दर्ज था। सत्यापन में पाया गया कि उसके पास नौ बीघा खेती है, जो उसने बलकट पर दे रखी है। बीते साल धान का रकबा दर्ज कराने के लिए उसने सहार के आढ़ती अवधेश गुप्ता को जमीन के कागजात दिए थे। उसी ने इस बार 95 क्विंटल गेहूं करन के नाम पर बेच दिए। गेहूं का भुगतान भी करन खाते में आया, जिसे अवधेश ले गया। इस मामले में अवधेश के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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थाना सहायल में लेखपाल रामेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके मुताबिक खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट पर अनिल कुमार निवासी सहायल का पंजीयन पाया गया। जांच में पता चला कि अनिल फल का ठेला लगाता है। कुछ दिन पहले उसका आधार कार्ड, बैंक पासबुक महेंद्र प्रताप निवासी सारी थाना सहायल ले गया था। उसने कूटरचित तरीके से पंजीयन कराकर गेहूं बेच दिया। पुलिस ने महेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है।
बिधूना कोतवाली में अपर जिला सहकारी अधिकारी कृष्ण मोहन ने रिपोर्ट लिखाई है कि साधन सहकारी समिति सराय प्रथम पर 44 क्विंटल के पंजीयन पर केंद्र प्रभारी से सांठगांठ कर रघुनाथ प्रसाद पाल निवासी नीमहार बेला ने 100 क्विंटल गेहूं क्रय केंद्र पर बेच दिया। फर्जी तरीके से बिक्री करने वाले रघुनाथ और मदद करने में केंद्र प्रभारी नारायण सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
100 क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने वाले निशाने पर
जिले के कई खरीद केंद्रों पर आढ़ती और किसानों के साथ ही केंद्र प्रभारियों ने सांठगांठ कर गेहूं की खरीद-बिक्री की गई है। इस मामले में पिछले सप्ताह ही डीएम सुनील कुमार वर्मा ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए थे। इसके बाद तहसील के अधिकारी 100 क्विंटल से ऊपर गेहूं बेचने वाले किसानों की कुंडली खंगाल रहे हैं।
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जिले में बड़े पैमाने पर गेहूं खरीद में घपलेबाजी की गई। अफसरों की अनदेखी के चलते गेहूं केंद्र के प्रभारियों ने आढ़तियों से सांठगांठ कर सैकड़ों क्विंटल गेहूं सरकारी दर पर बेच डाला। बिधूना, सहार और अछल्दा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर फर्जी तरह से गेहूं खरीद किए जाने की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई थी। इस मामले में मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में जिले के अफसरों को जमकर लताड़ लगाई थी। इसके बाद हरकत में आए अफसरों ने पड़ताल शुरू की तो घपलेबाजी खुलकर सामने आने लगी।
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गुरुवार को भारतीय खाद्य निगम के जिला प्रभारी सुनील कुमार ने बेला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि सहार गेहूं खरीद केंद्र पर किसान करन सिंह के नाम 95 क्विंटल गेहूं दर्ज था। सत्यापन में पाया गया कि उसके पास नौ बीघा खेती है, जो उसने बलकट पर दे रखी है। बीते साल धान का रकबा दर्ज कराने के लिए उसने सहार के आढ़ती अवधेश गुप्ता को जमीन के कागजात दिए थे। उसी ने इस बार 95 क्विंटल गेहूं करन के नाम पर बेच दिए। गेहूं का भुगतान भी करन खाते में आया, जिसे अवधेश ले गया। इस मामले में अवधेश के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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थाना सहायल में लेखपाल रामेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके मुताबिक खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट पर अनिल कुमार निवासी सहायल का पंजीयन पाया गया। जांच में पता चला कि अनिल फल का ठेला लगाता है। कुछ दिन पहले उसका आधार कार्ड, बैंक पासबुक महेंद्र प्रताप निवासी सारी थाना सहायल ले गया था। उसने कूटरचित तरीके से पंजीयन कराकर गेहूं बेच दिया। पुलिस ने महेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है।
बिधूना कोतवाली में अपर जिला सहकारी अधिकारी कृष्ण मोहन ने रिपोर्ट लिखाई है कि साधन सहकारी समिति सराय प्रथम पर 44 क्विंटल के पंजीयन पर केंद्र प्रभारी से सांठगांठ कर रघुनाथ प्रसाद पाल निवासी नीमहार बेला ने 100 क्विंटल गेहूं क्रय केंद्र पर बेच दिया। फर्जी तरीके से बिक्री करने वाले रघुनाथ और मदद करने में केंद्र प्रभारी नारायण सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
100 क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने वाले निशाने पर
जिले के कई खरीद केंद्रों पर आढ़ती और किसानों के साथ ही केंद्र प्रभारियों ने सांठगांठ कर गेहूं की खरीद-बिक्री की गई है। इस मामले में पिछले सप्ताह ही डीएम सुनील कुमार वर्मा ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए थे। इसके बाद तहसील के अधिकारी 100 क्विंटल से ऊपर गेहूं बेचने वाले किसानों की कुंडली खंगाल रहे हैं।