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खाद, बीज, दवा अब एक ही दुकान में
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औरैया। अब खाद, बीज व दवा एक ही दुकान में किसानों को उपलब्ध होंगी। कृषि विभाग की तरफ से एग्री जंक्शन वन स्टॉप शॉप योजना शुरू की जा रही है। इसमें कृषि स्नातक व परास्नातक बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा।
उपकृषि निदेशक विजय कुमार ने बताया कि अब किसानों को कृषि संबंधी जरूरी सामानों के लिए दुकान-दुकान नहीं भटकना पड़ेगा। बहुत जल्द ही उन्हें एक ही छत के नीचे कृषि संबंधी सारे सामान मिल जाया करेंगे। कृषि विभाग की मदद से जिले में इस वर्ष 12 एग्री जंक्शन खोले जाएंगे, जिसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। कृषि में स्नातक अथवा परास्नातक बेरोजगार युवाओं को विभाग द्वारा संचालित एग्री जंक्शन वन स्टॉप शॉप योजना के तहत चयनित कर ग्रामीण स्वरोजगार संस्थान में उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रत्येक विकास खंड से एक या दो लाभार्थी का चयन किया जाना है। चयन समिति द्वारा चयन किए जाने के बाद आवेदकों को 12 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों के ऋण संबंधी आवेदन पत्र को स्वीकृति के लिए बैंक भेजा जाएगा। उद्यमी को इस योजना के तहत साढ़े तीन लाख रुपये तक लोन दिया जाएगा। इसके ब्याज की धनराशि का पांच प्रतिशत विभाग स्वयं भुगतान करेगा। यही नहीं विभाग एक वर्ष तक उसे गोदाम किराया भी एक हजार रुपये की दर से देगा।
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लाइसेंस फीस पर भी अनुदान प्रस्तावित
इस योजना के तहत उद्यमी को कृषि विभाग की ओर से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वन स्टॉप सेंटर खोलने के लिए लाइसेंस जारी किया जाएगा। इस लाइसेंस की फीस 42 हजार रुपये निर्धारित है। लेकिन यह उद्यमी को अनुदान के रूप में दी जाएगी। इस तरह उद्यमी को लाइसेंस फीस भी जमा नहीं करनी है।
विभाग की ओर से बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए यह योजना शुरू की गई है। साथ ही किसानों को कृषि संबंधी सामानों के लिए दर-दर न भटकना पड़े, इसलिए भी किया गया है। इच्छुक उद्यमी कार्यालय में निशुल्क आवेदन जमा कर सकते हैं।
-विजय कुमार, उपकृषि निदेशक
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उपकृषि निदेशक विजय कुमार ने बताया कि अब किसानों को कृषि संबंधी जरूरी सामानों के लिए दुकान-दुकान नहीं भटकना पड़ेगा। बहुत जल्द ही उन्हें एक ही छत के नीचे कृषि संबंधी सारे सामान मिल जाया करेंगे। कृषि विभाग की मदद से जिले में इस वर्ष 12 एग्री जंक्शन खोले जाएंगे, जिसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। कृषि में स्नातक अथवा परास्नातक बेरोजगार युवाओं को विभाग द्वारा संचालित एग्री जंक्शन वन स्टॉप शॉप योजना के तहत चयनित कर ग्रामीण स्वरोजगार संस्थान में उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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प्रत्येक विकास खंड से एक या दो लाभार्थी का चयन किया जाना है। चयन समिति द्वारा चयन किए जाने के बाद आवेदकों को 12 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों के ऋण संबंधी आवेदन पत्र को स्वीकृति के लिए बैंक भेजा जाएगा। उद्यमी को इस योजना के तहत साढ़े तीन लाख रुपये तक लोन दिया जाएगा। इसके ब्याज की धनराशि का पांच प्रतिशत विभाग स्वयं भुगतान करेगा। यही नहीं विभाग एक वर्ष तक उसे गोदाम किराया भी एक हजार रुपये की दर से देगा।
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लाइसेंस फीस पर भी अनुदान प्रस्तावित
इस योजना के तहत उद्यमी को कृषि विभाग की ओर से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वन स्टॉप सेंटर खोलने के लिए लाइसेंस जारी किया जाएगा। इस लाइसेंस की फीस 42 हजार रुपये निर्धारित है। लेकिन यह उद्यमी को अनुदान के रूप में दी जाएगी। इस तरह उद्यमी को लाइसेंस फीस भी जमा नहीं करनी है।
विभाग की ओर से बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए यह योजना शुरू की गई है। साथ ही किसानों को कृषि संबंधी सामानों के लिए दर-दर न भटकना पड़े, इसलिए भी किया गया है। इच्छुक उद्यमी कार्यालय में निशुल्क आवेदन जमा कर सकते हैं।
-विजय कुमार, उपकृषि निदेशक