{"_id":"6241f3a28c20420b9b3b38d1","slug":"auraiya-news-asha-workers-sitting-on-dharna-with-demands-auraiya-news-knp687909538","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगे न पूरी होने पर दो दिन की हड़ताल पर आशा कर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगे न पूरी होने पर दो दिन की हड़ताल पर आशा कर्मी
विज्ञापन
फोटो-28एयूआरपी-16- 50 शैया अस्पताल में हड़ताल पर बैठी आशाएं। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। उप्र ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकत्री आशा यूनियन की सदस्य सोमवार को हड़ताल पर रही। 50 शैया अस्पताल में आशाओं ने डीजल, पेट्रोल व रसोई गैस समेत अन्य चीजों के बढ़ते दामों को कम करने की मांग लेकर धरना दिया।
सोमवार को सैकड़ों आशा कार्यकत्री अस्पताल परिसर में एकत्र हुईं। ओपीडी के मुख्य गेट के सामने सीढ़ियों पर बैठकर धरने का बैनर लगा नारेबाजी की। यूनियन अध्यक्ष ज्योत्सना ने बताया कि सोमवार व मंगलवार को हड़ताल है।
मांग है कि श्रम संहिताएं व रक्षा आवश्यक सेवा अधिनियम, बिजली संशोधन बिल रद्द हो। महंगाई पर रोक लगाते हुए डीजल, पेट्रोल व रसोई गैस के दाम आधे हो।
आशा, आंगनबाड़ी, मिड-डे मील वर्कर समेत सभी स्कीम वर्कर्स को कर्मचारी घोषित कर न्यूनतम वेतन व सामाजिक सुरक्षा दी जाए। आयकर न देने वाले सभी परिवारों को छह माह तक 7500 रुपये प्रतिमाह व जरूरतमंद लोगों को दस किलो अनाज छह माह तक मुफ्त मिले।
विज्ञापन
रेलवे, बैंक, बीमा रक्षा क्षेत्र में निजीकरण पर रोक लगाने, मनरेगा बजट में बढ़ोत्तरी, उप्र में न्यूनतम वेतन पुनरीक्षण के लिए समिति का गठन, पुरानी पेंशन बहाली, महामारी में लोगों की सेवा करने वाले फ्रंट लाइन कार्यकर्ताओं के लिए उचित सुरक्षा व बीमा सुविधा दी जाए। इस दौरान ममता, रिंकी, विनीता, सुमन, संगीता, वंदना, बबिता, गंगोत्री समेत अन्य आशा कार्यकत्री मौजूद रहीं।
विज्ञापन
सोमवार को सैकड़ों आशा कार्यकत्री अस्पताल परिसर में एकत्र हुईं। ओपीडी के मुख्य गेट के सामने सीढ़ियों पर बैठकर धरने का बैनर लगा नारेबाजी की। यूनियन अध्यक्ष ज्योत्सना ने बताया कि सोमवार व मंगलवार को हड़ताल है।
विज्ञापन
मांग है कि श्रम संहिताएं व रक्षा आवश्यक सेवा अधिनियम, बिजली संशोधन बिल रद्द हो। महंगाई पर रोक लगाते हुए डीजल, पेट्रोल व रसोई गैस के दाम आधे हो।
आशा, आंगनबाड़ी, मिड-डे मील वर्कर समेत सभी स्कीम वर्कर्स को कर्मचारी घोषित कर न्यूनतम वेतन व सामाजिक सुरक्षा दी जाए। आयकर न देने वाले सभी परिवारों को छह माह तक 7500 रुपये प्रतिमाह व जरूरतमंद लोगों को दस किलो अनाज छह माह तक मुफ्त मिले।
विज्ञापन
रेलवे, बैंक, बीमा रक्षा क्षेत्र में निजीकरण पर रोक लगाने, मनरेगा बजट में बढ़ोत्तरी, उप्र में न्यूनतम वेतन पुनरीक्षण के लिए समिति का गठन, पुरानी पेंशन बहाली, महामारी में लोगों की सेवा करने वाले फ्रंट लाइन कार्यकर्ताओं के लिए उचित सुरक्षा व बीमा सुविधा दी जाए। इस दौरान ममता, रिंकी, विनीता, सुमन, संगीता, वंदना, बबिता, गंगोत्री समेत अन्य आशा कार्यकत्री मौजूद रहीं।