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अपहरण व दुष्कर्म में चार को 20 वर्ष कैद
auraiya
Updated Thu, 01 Nov 2018 11:59 PM IST
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अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने बेला थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के चार अभियुक्तों को 20 वर्ष के कठोर कारावास व 80-80 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। सहयोगी को 10 वर्ष के कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया गया है।
अभियोजन के अनुसार वादी ने थाना बेला में 25 अप्रैल 2015 को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें बताया कि वह पानीपत में मजदूरी करता है। घर पर पत्नी और बच्चे रहते हैं।19 अप्रैल की रात करीब एक बजे घर में पांच अज्ञात व्यक्ति मुंह में कपड़े बांधकर घुस आए। इन्होंने पत्नी के मुंह में कपड़ा ठूंस कर चारपाई में मजबूती से बांध दिया। सीने में अधिया लगाकर कहा, शोर मचाया तो तुम्हारे बच्चे को जान से मार दूंगा। इसके बाद चार अभियुक्त 16 वर्षीय बेटी को जबरन ले गए। पत्नी ने एक अभियुक्त गोरेलाल पुत्र सुभाष कहार को पहचान लिया। पांच लोगों के विरुद्ध अपहरण व बलात्कार का मामला दर्ज हुआ।
यह मुकदमा एडीजे लल्लू सिंह की अदालत में चला। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजय कुमार श्रीवास्तव व बचाव पक्ष की सुनने के बाद एडीजे लल्लू सिंह ने गोरेलाल, छोटे उर्फ छोटेलाल पुत्र सुभाष चंद्र, आदेश पुत्र सुभाष चंद्र निवासी कुर्सी थाना बेला व बब्लू पुत्र घासीराम निवासी पिरहून थाना रसूलाबाद (कानपुर देहात) को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास व 80-80 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। पांचवें अभियुक्त सुभाष चंद्र पुत्र राम रतन निवासी कुर्सी को 10 वर्ष के कठोर कारावास व 50 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा से दंडित किया गया। कोर्ट ने आदेश दिया कि अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में प्रदान की जाएगी। यह धनराशि पीड़िता के चिकित्सकीय खर्चों व पुनर्वास के उद्देश्य से दी गई। अभियुक्तों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।
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अभियोजन के अनुसार वादी ने थाना बेला में 25 अप्रैल 2015 को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें बताया कि वह पानीपत में मजदूरी करता है। घर पर पत्नी और बच्चे रहते हैं।19 अप्रैल की रात करीब एक बजे घर में पांच अज्ञात व्यक्ति मुंह में कपड़े बांधकर घुस आए। इन्होंने पत्नी के मुंह में कपड़ा ठूंस कर चारपाई में मजबूती से बांध दिया। सीने में अधिया लगाकर कहा, शोर मचाया तो तुम्हारे बच्चे को जान से मार दूंगा। इसके बाद चार अभियुक्त 16 वर्षीय बेटी को जबरन ले गए। पत्नी ने एक अभियुक्त गोरेलाल पुत्र सुभाष कहार को पहचान लिया। पांच लोगों के विरुद्ध अपहरण व बलात्कार का मामला दर्ज हुआ।
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यह मुकदमा एडीजे लल्लू सिंह की अदालत में चला। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजय कुमार श्रीवास्तव व बचाव पक्ष की सुनने के बाद एडीजे लल्लू सिंह ने गोरेलाल, छोटे उर्फ छोटेलाल पुत्र सुभाष चंद्र, आदेश पुत्र सुभाष चंद्र निवासी कुर्सी थाना बेला व बब्लू पुत्र घासीराम निवासी पिरहून थाना रसूलाबाद (कानपुर देहात) को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास व 80-80 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। पांचवें अभियुक्त सुभाष चंद्र पुत्र राम रतन निवासी कुर्सी को 10 वर्ष के कठोर कारावास व 50 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा से दंडित किया गया। कोर्ट ने आदेश दिया कि अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में प्रदान की जाएगी। यह धनराशि पीड़िता के चिकित्सकीय खर्चों व पुनर्वास के उद्देश्य से दी गई। अभियुक्तों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।
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