{"_id":"f709726d8fbee39236d68a6af19f94e1","slug":"another-young-man-killed-in-crash-purwa-accident-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुर्वा तरा हादसे में एक और युवक की मौत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुर्वा तरा हादसे में एक और युवक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Wed, 03 Feb 2016 12:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेला थाना क्षेत्र के ग्राम पुर्वा तरा में हुए हादसे में घायल एक और युवक की सोमवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई। उसका इलाज सैफई मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। मंगलवार सुबह जैसे ही युवक का शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। हादसे में एक और युवक की मौत से अब हादसे में मरने वालों की संख्या दस हो गई है।
जिले के दयालपुर निवासी श्याम सिंह उर्फ बंटी (29) पुत्र लाखन सिंह 31 जनवरी 2016 को रविवार को अपनी रिश्तेदारी कन्नौज जिले के तिर्वा क्षेत्र में जा रहा था। बेला थाना क्षेत्र के ग्राम पुर्वा तरा में हादसे में घायल हो गया था। पुलिस ने घायल बंटी को बेला सीएचसी भर्ती कराया था। जहां से डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सैफई रेफर कर दिया था।
रविवार को बंटी की हालत में कोई सुधार नहीं आया। आखिरकार सोमवार बंटी ने जिंदगी और मौत से जूझते हुए अपने प्राण त्याग दिए। जैसे ही मृतक बंटी के परिजनों को मौत की खबर मिली तो कोहराम मच गया। मंगलवार की सुबह बंटी का शव जैसे ही क्षेत्र के ग्राम दयालपुर में आया तो गांव में कोहराम मच गया।
विज्ञापन
मृतक के पिता लाखन सिंह ने बताया कि उसका पुत्र बंटी मंडी समिति में पल्लेदारी करके परिवार का भरण-पोषण करने में सहयोग करता था। उन्होंने बताया कि बंटी मेहनत मजूदरी करके उसका काफी सहयोग करता था। उन्होंने कि 31 जनवरी को हुए हादसे में एक ही झटके में उसके पुत्र की जान चली गई।
हरियाणा नहीं रसूलाबाद काथा मृतक
दिबियापुर (औरैया )। विगत 31 जनवरी को औरैया-कन्नौज मार्ग हुए सड़क हादसे में मरने वाले जिस व्यक्ति को हरियाणा निवासी बताया गया था वह जा कानपुर देहात के रसूलाबाद का निकला है। दिबियापुर के पास ही रहने वाले मृतक के भांजे ने बताया कि वह दिबियापुर से अपने गांव जा रहे थे। तभी यह हादसा हो गया। रविवार को ट्रक और लोडर की भिड़ंत में नौ लोगों की मौत हो गई थी।
सतीश यादव निवासी ग्राम देवराय का पुर्वा के अनुसार उनके मामा महेश कुमार यादव पुत्र पहुंचीलाल रसूलाबाद कानपुर देहात के ग्राम बर्रा ठर्रा के मूल निवासी थे। कुछ वर्षों पूर्व वे अपने साले के परिवार के साथ हरियाणा में रहे थे। इस बीच उन्होंने हरियाणा के पते से ही आधार कार्ड बनवा लिया था। उनके दो बेटे गोविंदा एवं बलराम आज भी वहीं रहते हैं। अपने दोनों बेटों से मिलकर वह 31 जनवरी को हरियाणा से वापस लौटे थे। दिबियापुर में रुकने के बाद वह अपने गांव बर्रा ठर्रा जा रहे थे। तभी यह हादसा हो गया।
विज्ञापन
जिले के दयालपुर निवासी श्याम सिंह उर्फ बंटी (29) पुत्र लाखन सिंह 31 जनवरी 2016 को रविवार को अपनी रिश्तेदारी कन्नौज जिले के तिर्वा क्षेत्र में जा रहा था। बेला थाना क्षेत्र के ग्राम पुर्वा तरा में हादसे में घायल हो गया था। पुलिस ने घायल बंटी को बेला सीएचसी भर्ती कराया था। जहां से डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सैफई रेफर कर दिया था।
विज्ञापन
रविवार को बंटी की हालत में कोई सुधार नहीं आया। आखिरकार सोमवार बंटी ने जिंदगी और मौत से जूझते हुए अपने प्राण त्याग दिए। जैसे ही मृतक बंटी के परिजनों को मौत की खबर मिली तो कोहराम मच गया। मंगलवार की सुबह बंटी का शव जैसे ही क्षेत्र के ग्राम दयालपुर में आया तो गांव में कोहराम मच गया।
विज्ञापन
मृतक के पिता लाखन सिंह ने बताया कि उसका पुत्र बंटी मंडी समिति में पल्लेदारी करके परिवार का भरण-पोषण करने में सहयोग करता था। उन्होंने बताया कि बंटी मेहनत मजूदरी करके उसका काफी सहयोग करता था। उन्होंने कि 31 जनवरी को हुए हादसे में एक ही झटके में उसके पुत्र की जान चली गई।
हरियाणा नहीं रसूलाबाद काथा मृतक
दिबियापुर (औरैया )। विगत 31 जनवरी को औरैया-कन्नौज मार्ग हुए सड़क हादसे में मरने वाले जिस व्यक्ति को हरियाणा निवासी बताया गया था वह जा कानपुर देहात के रसूलाबाद का निकला है। दिबियापुर के पास ही रहने वाले मृतक के भांजे ने बताया कि वह दिबियापुर से अपने गांव जा रहे थे। तभी यह हादसा हो गया। रविवार को ट्रक और लोडर की भिड़ंत में नौ लोगों की मौत हो गई थी।
सतीश यादव निवासी ग्राम देवराय का पुर्वा के अनुसार उनके मामा महेश कुमार यादव पुत्र पहुंचीलाल रसूलाबाद कानपुर देहात के ग्राम बर्रा ठर्रा के मूल निवासी थे। कुछ वर्षों पूर्व वे अपने साले के परिवार के साथ हरियाणा में रहे थे। इस बीच उन्होंने हरियाणा के पते से ही आधार कार्ड बनवा लिया था। उनके दो बेटे गोविंदा एवं बलराम आज भी वहीं रहते हैं। अपने दोनों बेटों से मिलकर वह 31 जनवरी को हरियाणा से वापस लौटे थे। दिबियापुर में रुकने के बाद वह अपने गांव बर्रा ठर्रा जा रहे थे। तभी यह हादसा हो गया।