{"_id":"693717c061186c51820eb7e0","slug":"an-arms-act-case-was-registered-against-kamalkant-in-2010-auraiya-news-c-211-1-ka11004-135736-2025-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: कमलकांत के खिलाफ 2010 में दर्ज हुआ था आर्म्स एक्ट का मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: कमलकांत के खिलाफ 2010 में दर्ज हुआ था आर्म्स एक्ट का मामला
Mon, 08 Dec 2025 11:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 08 Dec 2025 11:54 PM IST
विज्ञापन
फोटो-18-कमकांत के आवास पर पसरा सन्नाटा। संवाद
औरैया। एनआईए की कार्रवाई के बाद पुलिस सराफा कारोबारी भाइयों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। अब तक पुलिस को कमलकांत के खिलाफ दर्ज एक मुकदमे की जानकारी मिली।
यह मुकदमा 15 साल पहले 2010 में आर्म्स एक्ट में दर्ज किया गया था। अब पुलिस पुराने अभिलेख भी पलट रही है। कमलकांत वर्मा के अलावा उसके भाइयों अजयकांत वर्मा और रविकांत वर्मा पर दर्ज मुकदमों के बारे में पुलिस पड़ताल कर रही है। 2010 के बाद के मामलों का पूरा डाटा सीसीटीएनएस (क्राइम एंड कि्रमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) पर ऑनलाइन है।
ऐसे में पुलिस ने 2010 तक का रिकॉर्ड खंगाल लिया गया है। इसमें कमलकांत वर्मा के खिलाफ औरैया सदर कोतवाली में दर्ज आर्म्स एक्ट का मामला मिला है। 2010 में ये मामला दर्ज कराया गया था। इसमें 2011 में ही पुलिस ने आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल कर दिया था। पुलिस न्यायालय से क्या कार्रवाई हुई, इसकी भी जानकारी जुटा रही है।
विज्ञापन
इसके अलावा 2010 से पहले के मामलों की जानकारी के लिए पुराने पन्ने पलटे जा रहे हैं। एक पूरी टीम इसी काम में दिन-रात लगी हुई है। सबसे अधिक फोकस वर्ष 1997 पर है, क्योंकि यही वह साल है जब कमलकांत के पिता महेश चंद्र वर्मा का नाम पुरुलिया आर्म्स ड्रॉप कांड से जुड़ा, इसके बाद उन्होंने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी।
भाइयों में मारपीट में भी दर्ज हुई थी दोनों पक्षों की प्राथमिकी
एक साल पहले अजयकांत और कमलकांत की रविकांत से लड़ाई हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन बाद में शपथ पत्र देकर समझौता कर लिया। इसके बाद प्रकरण में पुलिस ने एफआर लगा दी।
विज्ञापन
यह मुकदमा 15 साल पहले 2010 में आर्म्स एक्ट में दर्ज किया गया था। अब पुलिस पुराने अभिलेख भी पलट रही है। कमलकांत वर्मा के अलावा उसके भाइयों अजयकांत वर्मा और रविकांत वर्मा पर दर्ज मुकदमों के बारे में पुलिस पड़ताल कर रही है। 2010 के बाद के मामलों का पूरा डाटा सीसीटीएनएस (क्राइम एंड कि्रमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) पर ऑनलाइन है।
विज्ञापन
ऐसे में पुलिस ने 2010 तक का रिकॉर्ड खंगाल लिया गया है। इसमें कमलकांत वर्मा के खिलाफ औरैया सदर कोतवाली में दर्ज आर्म्स एक्ट का मामला मिला है। 2010 में ये मामला दर्ज कराया गया था। इसमें 2011 में ही पुलिस ने आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल कर दिया था। पुलिस न्यायालय से क्या कार्रवाई हुई, इसकी भी जानकारी जुटा रही है।
विज्ञापन
इसके अलावा 2010 से पहले के मामलों की जानकारी के लिए पुराने पन्ने पलटे जा रहे हैं। एक पूरी टीम इसी काम में दिन-रात लगी हुई है। सबसे अधिक फोकस वर्ष 1997 पर है, क्योंकि यही वह साल है जब कमलकांत के पिता महेश चंद्र वर्मा का नाम पुरुलिया आर्म्स ड्रॉप कांड से जुड़ा, इसके बाद उन्होंने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी।
भाइयों में मारपीट में भी दर्ज हुई थी दोनों पक्षों की प्राथमिकी
एक साल पहले अजयकांत और कमलकांत की रविकांत से लड़ाई हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन बाद में शपथ पत्र देकर समझौता कर लिया। इसके बाद प्रकरण में पुलिस ने एफआर लगा दी।