{"_id":"5efa36bd8ebc3ea06f6aadf1","slug":"agricalture-auraiya-news-knp5683495129","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ गांवों में टिड्डी दल ने ढैंचा और धान को पहुंचाया नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ गांवों में टिड्डी दल ने ढैंचा और धान को पहुंचाया नुकसान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। रविवार की रात टिड्डी दल ने जिले के दो ब्लाकों अछल्दा व एरवाकटरा के आठ गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचाया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने सोमवार की सुबह आठ बजे तक टिड्डी दल को भगाने के लिए अभियान चलाया। जिलाधिकारी ने भी टिड्डी दल के हमले से प्रभावित गांवों का जायजा लिया। जानकारी के मुताबिक टिड्डी दल ने ढैंचा की 12 हेक्टेयर में 60 प्रतिशत और धान की नर्सरी की 0.4 हेक्टर में खड़ी 35 प्रतिशत फसल को नुकसान पहुंचाया है। अभी नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है।
रविवार की रात लगभग साढ़े आठ बजे अछल्दा के गांव गढ़वाना, एल्ची, नगला बिद्दी, नगला कले, कराहा, पदमपुरा और ऐरवाकटरा ब्लाक के गांव पुनावर और वैवाह में टिड्डी दल रुका। टिड्डी दल के आने की जानकारी कृषि अधिकारियों ने ग्रामीणों को देकर सावधान किया और उन्हें भगाने के अभियान में जुट गए। जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार ने बताया कि टिड्डी दल आठ किमी के क्षेत्र में था। इसे भगाने के लिए दमकल विभाग और एक्सप्रेस-वे की टैंकरों की मदद ली गई।
रात 11 बजे से सुबह आठ बजे तक टिड्डी दल को भगाने का अभियान चला। रासायनिक केमिकल का छिड़काव किया। इस दौरान 25 प्रतिशत टिड्डियां मर गईं। टिड्डियां ढैंचा व धान की नर्सरी व पेड़ पर नजर आई। सुबह आठ बजे टिड्डी दल हवा की दिशा में इटावा के ताखा एवं सुतियानी क्षेत्र में जाता दिखा। इसकी जानकारी इटावा जिले के अधिकारियों को दी गई।
विज्ञापन
बताया कि टिड्डी दल ने ढैंचा की 12 हेक्टेयर में 60 प्रतिशत और धान की नर्सरी की 0.4 हेक्टयर में खड़ी 35 प्रतिशत फसल को नुकसान पहुंचाया है। उधर, सोमवार को डीएम अभिषेक सिंह ने टिड्डी दल से प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से नष्ट फसल के बारे में जानकारी ली। साथ ही सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को हवा का रुख बताने वाला विंड एप डाउनलोड करने की बात कही।
विज्ञापन
रविवार की रात लगभग साढ़े आठ बजे अछल्दा के गांव गढ़वाना, एल्ची, नगला बिद्दी, नगला कले, कराहा, पदमपुरा और ऐरवाकटरा ब्लाक के गांव पुनावर और वैवाह में टिड्डी दल रुका। टिड्डी दल के आने की जानकारी कृषि अधिकारियों ने ग्रामीणों को देकर सावधान किया और उन्हें भगाने के अभियान में जुट गए। जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार ने बताया कि टिड्डी दल आठ किमी के क्षेत्र में था। इसे भगाने के लिए दमकल विभाग और एक्सप्रेस-वे की टैंकरों की मदद ली गई।
विज्ञापन
रात 11 बजे से सुबह आठ बजे तक टिड्डी दल को भगाने का अभियान चला। रासायनिक केमिकल का छिड़काव किया। इस दौरान 25 प्रतिशत टिड्डियां मर गईं। टिड्डियां ढैंचा व धान की नर्सरी व पेड़ पर नजर आई। सुबह आठ बजे टिड्डी दल हवा की दिशा में इटावा के ताखा एवं सुतियानी क्षेत्र में जाता दिखा। इसकी जानकारी इटावा जिले के अधिकारियों को दी गई।
विज्ञापन
बताया कि टिड्डी दल ने ढैंचा की 12 हेक्टेयर में 60 प्रतिशत और धान की नर्सरी की 0.4 हेक्टयर में खड़ी 35 प्रतिशत फसल को नुकसान पहुंचाया है। उधर, सोमवार को डीएम अभिषेक सिंह ने टिड्डी दल से प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से नष्ट फसल के बारे में जानकारी ली। साथ ही सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को हवा का रुख बताने वाला विंड एप डाउनलोड करने की बात कही।