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साहब घर में गैस सिलिंडर हो गया खत्म, कर दें इंतजाम
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औरैया। लॉकडाउन रहने तक प्रशासन की ओर से तहसील और जिला स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम में कॉल करने पर लोगों को जरूरत का सामान मुहैया कराया जा रहा है। बुधवार को कंट्रोल रूम में फोन करने वालों के यहां रसोई गैस सिलिंडर व अनाज आदि पहुंचाने का इंतजाम कराया गया। साथ ही संबंधित दुकानदारों का मोबाइल फोन नंबर भी उपलब्ध कराया गया।
कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन के दौरान लोगों की जरूरतों का सामान उनके घरों तक पहुंचाने के लिए जिले की तीनों तहसीलों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। प्रत्येक कंट्रोल रूम पर तीन-तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिला पूर्ति कार्यालय में बने कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारी रामेंद्र यादव को सौंपी गई है।
यहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि गुरुवार को दोपहर दो बजे तक 26 कॉल उनके पास पहुंची। इनमें 17 लोगों ने गैस सिलिंडर खत्म होने की सूचना देकर उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा अन्य कॉल में लोगों ने घर में दैनिक उपयोग, व्यापार के लिए सामान लाने की अनुमति की मांग की।
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प्रभारी रामेंद्र यादव ने बताया कि जिनके गैस सिलिंडर के कनेक्शन हैं, उनको संबंधित एजेंसी से सिलिंडर उपलब्ध कराए गए, जिनके कनेक्शन नहीं हैं, उन्हें बिना सब्सिडी वाला सिलिंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा जिन्होंने खाद्यान्न संबंधित सामान न होने की बात कही, तो होम डिलीवरी के दो किराना व्यापारियों को जानकारी दी गई। वहां से खाद्यान्न पहुंचाया गया। साथ ही संबंधित व्यक्ति को समस्या निस्तारण के लिए संबंधित दुकानदारों के मोबाइल फोन नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं। दवा दुकानदारों के नंबर भी लोगों को दिए गए हैं।
महावीर किराना स्टोर के अनमोल दीक्षित ने बताया कि उन्होंने चार जरूरतमंदों को सामान उनके घरों पर पहुंचाया। साथ ही यह भी कहा कि कई लोग फोन पर तफरी भी ले रहे हैं। रात नौ बजे के बाद फोन पर एक किलो शक्कर मांग रहे हैं। इस तरह के लोगों से काम में दिक्कत महसूस होती है।
नारायनपुर निवासी मोहर सिंह ने रसोई गैस सिलिंडर के लिए कंट्रोल रूम में फोन किया। मोहर सिंह के मुताबिक फोन करने के तीन घंटे बाद उन्हें गैस सिलिंडर मिल गया। वहीं, बनारसीदास मोहल्ला निवासी पल्लवी ने दवा के लिए मदद मांगी तो संबंधित दुकानदार का नंबर मिला। लेकिन दवा लेने स्वयं मेडिकल स्टोर तक जाना पड़ा।
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कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन के दौरान लोगों की जरूरतों का सामान उनके घरों तक पहुंचाने के लिए जिले की तीनों तहसीलों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। प्रत्येक कंट्रोल रूम पर तीन-तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिला पूर्ति कार्यालय में बने कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारी रामेंद्र यादव को सौंपी गई है।
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यहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि गुरुवार को दोपहर दो बजे तक 26 कॉल उनके पास पहुंची। इनमें 17 लोगों ने गैस सिलिंडर खत्म होने की सूचना देकर उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा अन्य कॉल में लोगों ने घर में दैनिक उपयोग, व्यापार के लिए सामान लाने की अनुमति की मांग की।
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प्रभारी रामेंद्र यादव ने बताया कि जिनके गैस सिलिंडर के कनेक्शन हैं, उनको संबंधित एजेंसी से सिलिंडर उपलब्ध कराए गए, जिनके कनेक्शन नहीं हैं, उन्हें बिना सब्सिडी वाला सिलिंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा जिन्होंने खाद्यान्न संबंधित सामान न होने की बात कही, तो होम डिलीवरी के दो किराना व्यापारियों को जानकारी दी गई। वहां से खाद्यान्न पहुंचाया गया। साथ ही संबंधित व्यक्ति को समस्या निस्तारण के लिए संबंधित दुकानदारों के मोबाइल फोन नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं। दवा दुकानदारों के नंबर भी लोगों को दिए गए हैं।
महावीर किराना स्टोर के अनमोल दीक्षित ने बताया कि उन्होंने चार जरूरतमंदों को सामान उनके घरों पर पहुंचाया। साथ ही यह भी कहा कि कई लोग फोन पर तफरी भी ले रहे हैं। रात नौ बजे के बाद फोन पर एक किलो शक्कर मांग रहे हैं। इस तरह के लोगों से काम में दिक्कत महसूस होती है।
नारायनपुर निवासी मोहर सिंह ने रसोई गैस सिलिंडर के लिए कंट्रोल रूम में फोन किया। मोहर सिंह के मुताबिक फोन करने के तीन घंटे बाद उन्हें गैस सिलिंडर मिल गया। वहीं, बनारसीदास मोहल्ला निवासी पल्लवी ने दवा के लिए मदद मांगी तो संबंधित दुकानदार का नंबर मिला। लेकिन दवा लेने स्वयं मेडिकल स्टोर तक जाना पड़ा।