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लेखपालों की देखरेख में होगा दुकानों पर खाद का वितरण
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औरैया। जिला प्रशासन खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहा है। डीएम ने कृषि विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ लेखपालों की ड्यूटी साधन सहकारी समितियों तथा उनके कार्य क्षेत्र में पड़ने वाले निजी विक्रेताओं की दुकानों पर निरीक्षण के लिए लगाई हैं। साथ ही निर्देश दिया है कि लेखपालों की देखरेख में दुकानों पर खाद का वितरण होगा।
जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार ने बताया कि डीएम अभिषेक सिंह ने कृषि विभाग के कर्मचारियों तथा लेखपालों को निर्देश दिए हैं कि कुछ खाद विक्रेता यूरिया के साथ जिंक अथवा माइक्रोन्यूट्रिएंट्स किसानों को लेने के लिए बाध्य कर रहे हैं, जिससे किसानों को अधिक पैसा देना पड़ता है और उनको यूरिया की बोरी महंगी पड़ती है, ऐसे विक्रेताओं को सचेत किया जाए। ऐसे दुकानदारों को चिंह्ति कर कार्रवाई की जाए।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि संबंधित कर्मचारी अपने सामने अपनी देखरेख में किसानों को निर्धारित दर पर यूरिया की बिक्री कराना सुनिश्चित कराएंगे। जिससे कालाबाजारी एवं टैगिंग की समस्या पर अंकुश लगाया जा सकेगा और किसानों को उचित मूल्य पर खाद की बिक्री हो सकेगी। गौरतलब है कि अधिकारियों की तमाम चेतावनी व निरीक्षण के बाद भी ग्रामीण अंचलों के दुकानदार खाद की कालाबाजारी व अधिक दाम पर यूरिया बेचने के साथ जिंक साथ में देने की शिकायतें थम नहीं रही थीं। जिसकों ध्यान में रखकर डीएम अभिषेक सिंह ने क्षेत्रीय लेखपालों तथा कृषि विभाग के कर्मचारियों को खाद की दुकानों की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी हैं।
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जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार ने बताया कि डीएम अभिषेक सिंह ने कृषि विभाग के कर्मचारियों तथा लेखपालों को निर्देश दिए हैं कि कुछ खाद विक्रेता यूरिया के साथ जिंक अथवा माइक्रोन्यूट्रिएंट्स किसानों को लेने के लिए बाध्य कर रहे हैं, जिससे किसानों को अधिक पैसा देना पड़ता है और उनको यूरिया की बोरी महंगी पड़ती है, ऐसे विक्रेताओं को सचेत किया जाए। ऐसे दुकानदारों को चिंह्ति कर कार्रवाई की जाए।
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जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि संबंधित कर्मचारी अपने सामने अपनी देखरेख में किसानों को निर्धारित दर पर यूरिया की बिक्री कराना सुनिश्चित कराएंगे। जिससे कालाबाजारी एवं टैगिंग की समस्या पर अंकुश लगाया जा सकेगा और किसानों को उचित मूल्य पर खाद की बिक्री हो सकेगी। गौरतलब है कि अधिकारियों की तमाम चेतावनी व निरीक्षण के बाद भी ग्रामीण अंचलों के दुकानदार खाद की कालाबाजारी व अधिक दाम पर यूरिया बेचने के साथ जिंक साथ में देने की शिकायतें थम नहीं रही थीं। जिसकों ध्यान में रखकर डीएम अभिषेक सिंह ने क्षेत्रीय लेखपालों तथा कृषि विभाग के कर्मचारियों को खाद की दुकानों की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी हैं।
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