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Auraiya News: दर्द की गोली कहीं किडनी पर न पड़ जाए भारी
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औरैया। मामूली सिरदर्द, बदन दर्द या जोड़ों के दर्द में बिना चिकित्सकीय सलाह के पेनकिलर लेना सेहत पर भारी पड़ सकता है। लंबे समय तक या अधिक मात्रा में दर्द निवारक दवाओं का सेवन किडनी की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है और गंभीर स्थिति में किडनी फेलियर का कारण बन सकता है। चिचौली मेडिकल कॉलेज में ऐसे मामले सामने आने के बाद चिकित्सकों ने लोगों को बिना परामर्श दवा लेने से बचने की सलाह दी है।
चिचौली स्थित मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि आजकल मामूली दर्द होने पर लोग बिना किसी योग्य चिकित्सक की सलाह के बाजार से पेनकिलर खरीदकर खाने लगते हैं। ज्यादा मात्रा में या लगातार इन दवाओं का सेवन किडनी के लिए नुकसानदायक हो सकता है। मेडिकल कॉलेज की फिजीशियन डॉ. अपर्णा शंखवार ने बताया कि एक माह के अंदर किडनी फेलियर के चार मरीज आए। मरीजों की काउंसलिंग के दौरान सामने आया कि वे लंबे समय से पेनकिलर का सेवन कर रहे थे।
डॉ. अपर्णा शंखवार के अनुसार पेनकिलर दवाएं किडनी में रक्त के प्रवाह को धीमा कर देती हैं। इससे धीरे-धीरे किडनी खराब होने लगती है और मरीज को इसकी जानकारी तब होती है, जब स्थिति काफी गंभीर हो चुकी होती है। चिकित्सकों ने कहा कि विषम परिस्थितियों में भी पेनकिलर का सेवन चिकित्सकीय परामर्श से ही करना चाहिए।
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चिचौली स्थित मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि आजकल मामूली दर्द होने पर लोग बिना किसी योग्य चिकित्सक की सलाह के बाजार से पेनकिलर खरीदकर खाने लगते हैं। ज्यादा मात्रा में या लगातार इन दवाओं का सेवन किडनी के लिए नुकसानदायक हो सकता है। मेडिकल कॉलेज की फिजीशियन डॉ. अपर्णा शंखवार ने बताया कि एक माह के अंदर किडनी फेलियर के चार मरीज आए। मरीजों की काउंसलिंग के दौरान सामने आया कि वे लंबे समय से पेनकिलर का सेवन कर रहे थे।
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डॉ. अपर्णा शंखवार के अनुसार पेनकिलर दवाएं किडनी में रक्त के प्रवाह को धीमा कर देती हैं। इससे धीरे-धीरे किडनी खराब होने लगती है और मरीज को इसकी जानकारी तब होती है, जब स्थिति काफी गंभीर हो चुकी होती है। चिकित्सकों ने कहा कि विषम परिस्थितियों में भी पेनकिलर का सेवन चिकित्सकीय परामर्श से ही करना चाहिए।
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