{"_id":"697cff4700601cd1ca0352a5","slug":"a-four-member-committee-has-been-formed-to-curb-accidents-auraiya-news-c-211-1-ka11004-138774-2026-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: हादसों पर लगाम लगाने को बनी चार सदस्यीय कमेटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: हादसों पर लगाम लगाने को बनी चार सदस्यीय कमेटी
Sat, 31 Jan 2026 12:28 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 31 Jan 2026 12:28 AM IST
विज्ञापन
औरैया। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के 30वें दिन शुक्रवार को कलक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में बैठक की गई।
इसमें डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि सड़क हदसों में लगाम लगनी चाहिए। उन्होंने इन मार्गों पर दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
उन्होंने हाईवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और स्टेट हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। कहा कि यह कमेटी मौके का मुआयना कर अपनी रिपोर्ट देगी कि इंजीनियरिंग या अन्य सुधारों के जरिए हादसों को कैसे रोका जा सकता है। साथ ही, जिले में चिह्नित किए गए पांच होल्डिंग एरिया की रिपोर्ट भी जल्द तलब की गई है।
सड़क सुरक्षा माह के तहत शुक्रवार को परिवहन विभाग की टीम सड़कों पर उतरी। प्रवर्तन अधिकारियों ने प्रदूषण जांच केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मानक से अधिक धुआं उगलने वाले और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले वाहनों की चेकिंग की गई। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
इसमें डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि सड़क हदसों में लगाम लगनी चाहिए। उन्होंने इन मार्गों पर दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
उन्होंने हाईवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और स्टेट हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। कहा कि यह कमेटी मौके का मुआयना कर अपनी रिपोर्ट देगी कि इंजीनियरिंग या अन्य सुधारों के जरिए हादसों को कैसे रोका जा सकता है। साथ ही, जिले में चिह्नित किए गए पांच होल्डिंग एरिया की रिपोर्ट भी जल्द तलब की गई है।
विज्ञापन
सड़क सुरक्षा माह के तहत शुक्रवार को परिवहन विभाग की टीम सड़कों पर उतरी। प्रवर्तन अधिकारियों ने प्रदूषण जांच केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मानक से अधिक धुआं उगलने वाले और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले वाहनों की चेकिंग की गई। (संवाद)
विज्ञापन