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Auraiya News: कोर्ट से मिली मेधावी छात्र को राहत, अंग्रेजी विषय में बढ़े 42 अंक
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औरैया। हाईकोर्ट ने यूपी बोर्ड की सत्र 2023-24 की परीक्षा में इंटरमीडिएट के एक और छात्र को राहत दी।
पहले परीक्षक की ओर से अंग्रेजी विषय की कॉपी जांचने के बाद 23 अंक मिले थे, पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने पर पुन: कॉपी जांची गई। दोबारा उत्तर पुस्तिका के मूल्याकंन में उसके अंकों में इजाफा हुआ और उसे 42 अंक प्राप्त हुए। ऐसे में कोर्ट ने संशोधित मार्कशीट जारी करने के आदेश दिए।
शहर के मोहल्ला बनारसीदास निवासी चौ. विशंभर सिंह भारतीय इंटर कॉलेज के छात्र आदर्श पांडेय ने वर्ष 2023-24 सत्र की परीक्षा के सभी विषयों में अच्छे अंक प्राप्त किए थे, लेकिन अंग्रेजी विषय में उसे मात्र 23 अंक ही मिले थे। परीक्षा में सभी प्रश्न सही हल करने के बाद भी कम अंक मिलने से छात्र को निराशा हाथ लगी। छात्र का दावा था कि उसका पेपर बेहतर गया था। इस पर छात्र ने आरटीआई के जरिए अपनी उत्तर पुस्तिका की जांच कराने की मांग की, पर बोर्ड से उसे संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं दिया गया।
अधिवक्ता सौरभ पाठक ने बताया कि इस पर छात्र आदर्श पांडेय ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद का दरवाजा खटखटाया। जिस पर न्यायालय ने सुनवाई करते हुए बोर्ड से स्पष्टीकरण मांगा साथ ही विशेषज्ञ की राय ली। इसमें कोर्ट के आदेश पर विशेषज्ञ की ओर से कॉपी की पुन: जांच की गई। इसमें मूल्यांकन करने वाले शिक्षक द्वारा कॉपी जांचने में बरती गई लापरवाही सामने आई। कॉपी में कई जगह ओवर राइटिंग तो कई प्रश्न सही होते हुए भी उन पर कटिंग पाई गई। विशेषज्ञ की ओर से पुन:मूल्यांकन किए जाने पर छात्र को अंग्रेजी अंक में 42 अंकों की बढ़ोतरी पाई गई। इस पर बोर्ड ने अपनी गलती स्वीकारते हुए विशेषज्ञ मूल्यांकन में छात्र को 65 अंक दिए। अधिवक्ता सौरभ पाठक ने बताया कि इस प्रकरण में न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बोर्ड को अंग्रेजी विषय में 65 अंकों के साथ संशोधित मार्कशीट छात्र को जारी करने का आदेश दिया। इसके साथ ही, कोर्ट ने लापरवाही बरतने वाले परीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का भी आदेश दिया है। कोर्ट के इस निर्णय से छात्र व उसके अभिभावकों में खुशी है।
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पहले परीक्षक की ओर से अंग्रेजी विषय की कॉपी जांचने के बाद 23 अंक मिले थे, पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने पर पुन: कॉपी जांची गई। दोबारा उत्तर पुस्तिका के मूल्याकंन में उसके अंकों में इजाफा हुआ और उसे 42 अंक प्राप्त हुए। ऐसे में कोर्ट ने संशोधित मार्कशीट जारी करने के आदेश दिए।
शहर के मोहल्ला बनारसीदास निवासी चौ. विशंभर सिंह भारतीय इंटर कॉलेज के छात्र आदर्श पांडेय ने वर्ष 2023-24 सत्र की परीक्षा के सभी विषयों में अच्छे अंक प्राप्त किए थे, लेकिन अंग्रेजी विषय में उसे मात्र 23 अंक ही मिले थे। परीक्षा में सभी प्रश्न सही हल करने के बाद भी कम अंक मिलने से छात्र को निराशा हाथ लगी। छात्र का दावा था कि उसका पेपर बेहतर गया था। इस पर छात्र ने आरटीआई के जरिए अपनी उत्तर पुस्तिका की जांच कराने की मांग की, पर बोर्ड से उसे संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं दिया गया।
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अधिवक्ता सौरभ पाठक ने बताया कि इस पर छात्र आदर्श पांडेय ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद का दरवाजा खटखटाया। जिस पर न्यायालय ने सुनवाई करते हुए बोर्ड से स्पष्टीकरण मांगा साथ ही विशेषज्ञ की राय ली। इसमें कोर्ट के आदेश पर विशेषज्ञ की ओर से कॉपी की पुन: जांच की गई। इसमें मूल्यांकन करने वाले शिक्षक द्वारा कॉपी जांचने में बरती गई लापरवाही सामने आई। कॉपी में कई जगह ओवर राइटिंग तो कई प्रश्न सही होते हुए भी उन पर कटिंग पाई गई। विशेषज्ञ की ओर से पुन:मूल्यांकन किए जाने पर छात्र को अंग्रेजी अंक में 42 अंकों की बढ़ोतरी पाई गई। इस पर बोर्ड ने अपनी गलती स्वीकारते हुए विशेषज्ञ मूल्यांकन में छात्र को 65 अंक दिए। अधिवक्ता सौरभ पाठक ने बताया कि इस प्रकरण में न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बोर्ड को अंग्रेजी विषय में 65 अंकों के साथ संशोधित मार्कशीट छात्र को जारी करने का आदेश दिया। इसके साथ ही, कोर्ट ने लापरवाही बरतने वाले परीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का भी आदेश दिया है। कोर्ट के इस निर्णय से छात्र व उसके अभिभावकों में खुशी है।
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