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ग्रामीणों को वितरित की गईं सोलर लाइटें
Auraiya
Updated Sat, 22 Sep 2012 12:00 PM IST
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दिबियापुर (औरैया)। ग्रामीणों को ढिबरी से मुक्ति दिलाने के लिए गेल के सहयोग से स्वयंसेवी संस्था टैरी एवं वातायन ने एलईडी युक्त लालटेनों का वितरण किया। पहले चरण में जिले के एक दर्जन ग्रामों एवं कस्बों को चुना गया है।
गांव में आयोजित समारोह में गेल के कार्यकारी निदेशक जीसी द्विवेदी ने कहा कि गेल का लक्ष्य है कि क्षेत्र प्रदूषणमुक्त रहे। इसके लिए टैरी एवं वातायन संस्था का सहयोग कर लोगों को सोलर पैनल से चार्ज होने वाली लालटेनों का वितरण किया जा रहा है। इन लालटेनों का प्रयोग कर ढिबरी के धुएं से ग्रामीणों को मुक्ति मिलेगी। इसके साथ ही दूधिया प्रकाश से गांवों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को पढ़ने में मदद मिलेगी। वातायन संस्था के बीके मिश्रा ने बताया कि पहले चरण में जिले के अजमतपुर, खोयला, मुढ़ी, गदनपुर, पुर्वा भवानी, मुडै़ना रामदत्त, असेनी गांवों को गेल एवं टैरी संस्था के सहयोग से सोलर पैनल लगाकर रोशन किया जा रहा है। जबकि बिरुहनी, मौजमपुर, अटसू, लक्ष्मणपुर, दिबियापुर में टैरी के सहयोग से सोलर लालटेन वितरित कीं जा रहीं हैं। बताया कि गांव के किसी व्यक्ति को उद्यमी घोषित कर उसके घर पर सोलर पैनल लगाते हैं। इसके बाद गांव में लोगों में 50 लालटेनों का वितरण किया जाता है। सोलर पैनल से पूरे दिन चार्ज होने के बाद देर शाम ग्रामीण इन लालटेनों को अपने घर ले जाते हैं। एक बार चार्ज होने पर लालटेन 6 घंटे काम करती है। इसके माध्यम से ग्रामीणों को ढिबरी से धुएं से मुक्ति दिलाई जा रही है। इन लालटेनों के एवज में ग्रामीणों से सोलर पैनल लगाने वाले व्यक्ति को लालटेन के रखरखाव के लिए कुछ धनराशि भी दिलाई जाती है। कार्यकारी निदेशक, महाप्रबंधक एएन पांडेय, टैरी संस्था के कर्नल स्वर्णजीत सिंह, देवेंद्र सिंह, गेल के प्रदोष भारद्वाज, दीपक वार्ष्णेय, वातायन संस्था के दिनेश भदौरिया, राजीव कुमार, राजकुमार गुप्ता, प्रधान सुदेश कुमार मौजूद रहे।
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गांव में आयोजित समारोह में गेल के कार्यकारी निदेशक जीसी द्विवेदी ने कहा कि गेल का लक्ष्य है कि क्षेत्र प्रदूषणमुक्त रहे। इसके लिए टैरी एवं वातायन संस्था का सहयोग कर लोगों को सोलर पैनल से चार्ज होने वाली लालटेनों का वितरण किया जा रहा है। इन लालटेनों का प्रयोग कर ढिबरी के धुएं से ग्रामीणों को मुक्ति मिलेगी। इसके साथ ही दूधिया प्रकाश से गांवों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को पढ़ने में मदद मिलेगी। वातायन संस्था के बीके मिश्रा ने बताया कि पहले चरण में जिले के अजमतपुर, खोयला, मुढ़ी, गदनपुर, पुर्वा भवानी, मुडै़ना रामदत्त, असेनी गांवों को गेल एवं टैरी संस्था के सहयोग से सोलर पैनल लगाकर रोशन किया जा रहा है। जबकि बिरुहनी, मौजमपुर, अटसू, लक्ष्मणपुर, दिबियापुर में टैरी के सहयोग से सोलर लालटेन वितरित कीं जा रहीं हैं। बताया कि गांव के किसी व्यक्ति को उद्यमी घोषित कर उसके घर पर सोलर पैनल लगाते हैं। इसके बाद गांव में लोगों में 50 लालटेनों का वितरण किया जाता है। सोलर पैनल से पूरे दिन चार्ज होने के बाद देर शाम ग्रामीण इन लालटेनों को अपने घर ले जाते हैं। एक बार चार्ज होने पर लालटेन 6 घंटे काम करती है। इसके माध्यम से ग्रामीणों को ढिबरी से धुएं से मुक्ति दिलाई जा रही है। इन लालटेनों के एवज में ग्रामीणों से सोलर पैनल लगाने वाले व्यक्ति को लालटेन के रखरखाव के लिए कुछ धनराशि भी दिलाई जाती है। कार्यकारी निदेशक, महाप्रबंधक एएन पांडेय, टैरी संस्था के कर्नल स्वर्णजीत सिंह, देवेंद्र सिंह, गेल के प्रदोष भारद्वाज, दीपक वार्ष्णेय, वातायन संस्था के दिनेश भदौरिया, राजीव कुमार, राजकुमार गुप्ता, प्रधान सुदेश कुमार मौजूद रहे।
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