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रावण दहन मेले में फिर सुरक्षा सुस्त
Auraiya
Updated Fri, 10 Oct 2014 05:32 AM IST
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- 10 हजार लोगों की भीड़, सिर्फ चार पुलिस कर्मी तैनात
- एक दिन पूर्व हादसा होने के बाद भी सजी पटाखा की दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादगंज (औरैया)। कोतवाली अजीतमल की मुरादगंज चौकी क्षेत्र के ग्राम हैदरपुर में आयोजित रावण दहन मेले में फिर लचर सुरक्षा व्यवस्था दिखी। एक दिन पूर्व अवैध रूप से रखी पटाखा की दुकानों में आग लगने के बाद भी प्रशासन नहीं चेता। मंगलवार को रावण दहन के दिन मेला परिसर में मौजूद करीब दस हजार लोगों की सुरक्षा सिर्फ चार पुलिस कर्मियाेें के हवाले रही। वहीं पटाखा की दुकानें भी लगी दिखीं। ऐसे में यदि कोई हादसा हो जाता तो कौन जिम्मेदार होता।
मेला प्रशासन की ओर से ऐतिहासिक मेले में होने वाली भीड़ का हवाला देकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने की मांग की गई थी। इसके बावजूद कोतवाली अजीतमल पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मेले में क्षेत्र के शौरी गढ़िया, नवलपुर ब्यौरा, सुर्जनपुर, चपटा, सेंगनपुर, नवलपुर, अलीपुर, पूठा, भीखेपुर, बेलाझार, ऊंचा, पड़रिया, मिश्रीपुर सहित दो दर्जन गांवों के करीब 10 हजार ग्रामीण रावण दहन देखने आए थे। लेकिन पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम में केवल चार पुलिस कर्मी ही तैनात किए। वहीं अवैध रूप से लगी पटाखा की दुकानें खाक होने के बाद भी मेला परिसर में फिर वहीं नजारा दिखा। यहां बिना लाइसेंस लोग पटाखा की दुकानें सजाए थे लेकिन ध्यान देने वाला कोई नहीं था। मेला कमेटी अध्यक्ष संतोष कुमार त्रिपाठी और भाजपा सांसद अशोक दोहरे ने सुरक्षा के प्रति उदासीनता पर रोष जताया है।
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- एक दिन पूर्व हादसा होने के बाद भी सजी पटाखा की दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादगंज (औरैया)। कोतवाली अजीतमल की मुरादगंज चौकी क्षेत्र के ग्राम हैदरपुर में आयोजित रावण दहन मेले में फिर लचर सुरक्षा व्यवस्था दिखी। एक दिन पूर्व अवैध रूप से रखी पटाखा की दुकानों में आग लगने के बाद भी प्रशासन नहीं चेता। मंगलवार को रावण दहन के दिन मेला परिसर में मौजूद करीब दस हजार लोगों की सुरक्षा सिर्फ चार पुलिस कर्मियाेें के हवाले रही। वहीं पटाखा की दुकानें भी लगी दिखीं। ऐसे में यदि कोई हादसा हो जाता तो कौन जिम्मेदार होता।
मेला प्रशासन की ओर से ऐतिहासिक मेले में होने वाली भीड़ का हवाला देकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने की मांग की गई थी। इसके बावजूद कोतवाली अजीतमल पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मेले में क्षेत्र के शौरी गढ़िया, नवलपुर ब्यौरा, सुर्जनपुर, चपटा, सेंगनपुर, नवलपुर, अलीपुर, पूठा, भीखेपुर, बेलाझार, ऊंचा, पड़रिया, मिश्रीपुर सहित दो दर्जन गांवों के करीब 10 हजार ग्रामीण रावण दहन देखने आए थे। लेकिन पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम में केवल चार पुलिस कर्मी ही तैनात किए। वहीं अवैध रूप से लगी पटाखा की दुकानें खाक होने के बाद भी मेला परिसर में फिर वहीं नजारा दिखा। यहां बिना लाइसेंस लोग पटाखा की दुकानें सजाए थे लेकिन ध्यान देने वाला कोई नहीं था। मेला कमेटी अध्यक्ष संतोष कुमार त्रिपाठी और भाजपा सांसद अशोक दोहरे ने सुरक्षा के प्रति उदासीनता पर रोष जताया है।
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