{"_id":"32-155868","slug":"Auraiya-155868-32","type":"story","status":"publish","title_hn":"गायत्री मंत्रों से गूंज उठा शक्तिपीठ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गायत्री मंत्रों से गूंज उठा शक्तिपीठ
Auraiya
Updated Tue, 22 Oct 2013 05:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिबियापुर ( औरैया )। गायत्री शक्तिपीठ उमरी में चल रहे गायत्री यज्ञ एवं पावन प्रज्ञा पुराण कथा का रविवार को यज्ञ के साथ समापन हो गया। शक्तिपीठ में 16 अक्टूबर से धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुआ था। इस दौरान गायत्री मंत्रों से उमरी शक्तिपीठ गूंजता रहा।
गायत्री परिवार के गणेश शंकर शुक्ला एवं पारसनाथ द्विवेदी ने बताया कि आज सामाजिक परिवेश विभिन्न क्रियाओं
से प्रदूषित हो रहा है। मानवीय व नैतिक सिद्धांतों पर प्रश्नवाचक चिह्न लग गया है। गायत्री परिवार धर्म के वास्तविक स्वरूप को प्रस्तुत कर व्यक्ति के निर्माण से लेकर परिवार निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण की अनवरत एवं दीर्घकालीन प्रक्रिया को परिपोषित कर रहा है। इसी क्रम में 16 अक्टूबर से धार्मिक अनुष्ठान हुआ। आज अंतिम दिन शांतिकुंज हरिद्वार की प्रज्ञा टोली ने गायत्री महायज्ञ एवं विद्यारंभ, यज्ञोपवीत, मुंडन, नामकरण आदि संस्कार कराए। अनिल चतुर्वेदी, सुनीता तोमर, राजबाला चौहान समेत श्रृद्धालुओं ने भी यज्ञ में हिस्सा लेकर कम से कम एक व्यसन छोड़ने का संकल्प लिया।
विज्ञापन
गायत्री परिवार के गणेश शंकर शुक्ला एवं पारसनाथ द्विवेदी ने बताया कि आज सामाजिक परिवेश विभिन्न क्रियाओं
से प्रदूषित हो रहा है। मानवीय व नैतिक सिद्धांतों पर प्रश्नवाचक चिह्न लग गया है। गायत्री परिवार धर्म के वास्तविक स्वरूप को प्रस्तुत कर व्यक्ति के निर्माण से लेकर परिवार निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण की अनवरत एवं दीर्घकालीन प्रक्रिया को परिपोषित कर रहा है। इसी क्रम में 16 अक्टूबर से धार्मिक अनुष्ठान हुआ। आज अंतिम दिन शांतिकुंज हरिद्वार की प्रज्ञा टोली ने गायत्री महायज्ञ एवं विद्यारंभ, यज्ञोपवीत, मुंडन, नामकरण आदि संस्कार कराए। अनिल चतुर्वेदी, सुनीता तोमर, राजबाला चौहान समेत श्रृद्धालुओं ने भी यज्ञ में हिस्सा लेकर कम से कम एक व्यसन छोड़ने का संकल्प लिया।
विज्ञापन