{"_id":"32-133720","slug":"Auraiya-133720-32","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्मी चढ़ी परवान, नन्हे-मुन्ने परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्मी चढ़ी परवान, नन्हे-मुन्ने परेशान
Auraiya
Updated Sun, 19 May 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। गर्मी के परवान चढ़ते ही अस्पतालों के बेड डायरिया से पीड़ित बच्चों से भर गए हैं। हालत यह है कि डायरिया के प्रकोप से क्या छोटे और क्या बड़े सभी बुरी तरह से त्रस्त हैं। शनिवार को जिला अस्पताल में भी कुछ ऐसा ही वाकया देखने को मिला।
जिला अस्पताल में भर्ती खिड़की साहबराय मोहल्ला निवासी पंकज की 7 वर्षीय पुत्री यशी उल्टी और दस्त से बेहाल थी। बीमारी की हालत में जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो चिकित्सकों ने डायरिया से ग्रसित होने के कारण तत्काल शरीर में पानी की कमी को देखते हुए भर्ती कर लिया। चिरैयापुर फफूंद निवासी 8 वर्षीय पंकज की भी हालत कुछ ठीक नहीं थी। दस्त की शिकायत के चलते उसे भी डाक्टरों ने बोतल चढ़वाने की सलाह दी। खानपुर निवासी 5 माह के असद को भी पैर में बोतल लगी हुई थी। असद के पिता माजिद खां ने बताया कि रात में बिजली न आने के कारण ठीक से सो नहीं पाया तथा उल्टी और दस्त आने शुरू हो गए। इसके बाद सुबह अस्पताल में डा.अरुण तिवारी को दिखाया। फफूंद के रिजवान (13), दीपिका(1) को भी डायरिया की बीमारी के चलते अस्पताल में बोतल चढ़ाई जा रही थी। इधर, डा.अरुण तिवारी ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ही साफ-सफाई रहित पानी पीने से भी इस बीमारी के होने के ज्यादा आसार होते हैं। उन्होंने ऐसी स्थिति में लोगों से पानी को उबाल कर ठंडा करने के बाद पीने की सलाह दी है। साथ ही बिना हाथ धोए खाने की चीजों को न छूने की सलाह दी।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में भर्ती खिड़की साहबराय मोहल्ला निवासी पंकज की 7 वर्षीय पुत्री यशी उल्टी और दस्त से बेहाल थी। बीमारी की हालत में जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो चिकित्सकों ने डायरिया से ग्रसित होने के कारण तत्काल शरीर में पानी की कमी को देखते हुए भर्ती कर लिया। चिरैयापुर फफूंद निवासी 8 वर्षीय पंकज की भी हालत कुछ ठीक नहीं थी। दस्त की शिकायत के चलते उसे भी डाक्टरों ने बोतल चढ़वाने की सलाह दी। खानपुर निवासी 5 माह के असद को भी पैर में बोतल लगी हुई थी। असद के पिता माजिद खां ने बताया कि रात में बिजली न आने के कारण ठीक से सो नहीं पाया तथा उल्टी और दस्त आने शुरू हो गए। इसके बाद सुबह अस्पताल में डा.अरुण तिवारी को दिखाया। फफूंद के रिजवान (13), दीपिका(1) को भी डायरिया की बीमारी के चलते अस्पताल में बोतल चढ़ाई जा रही थी। इधर, डा.अरुण तिवारी ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ही साफ-सफाई रहित पानी पीने से भी इस बीमारी के होने के ज्यादा आसार होते हैं। उन्होंने ऐसी स्थिति में लोगों से पानी को उबाल कर ठंडा करने के बाद पीने की सलाह दी है। साथ ही बिना हाथ धोए खाने की चीजों को न छूने की सलाह दी।
विज्ञापन